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युवा पीढ़ी में सृजनात्मकता सराहनीय : समीर अन्जान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुलंदियों पर पहुंचना कोई कमाल नहीं, बुलंदियों पर ठहरना कमाल है प्यारे। यह शेर सुनाते हुए बीयू के राष्ट्रीय पुस्तक मेले में विख्यात गीतकार समीर अन्जान ने युवाओं को कड़ी मेहनत और संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
कहा कि मैंने अमिताभ बच्चन से लेकर अंबानी तक सबसे बात की है। आज तक सबकी जीवन यात्रा किसी न किसी असफलता से शुरू होकर सफलता तक पहुंची है। कोई ऐसा नहीं मिला जिसे संघर्ष न करना पड़ा हो। अगर हासिल किया भी है तो वह बहुत क्षणिक होगा वह ठहरेगा नहीं। संगीत के क्षेत्र में आज की युवा पीढ़ी उत्साह और सृजनात्मकता तारीफ के काबिल है। बीयू परिसर में बुधवार की शाम को आयोजित ‘एक शाम समीर अंजान के नाम’ कार्यक्रम में वह लोगों से मुखातिब थे। अब तक चार हजार से ज्यादा गीत लिख चुके समीर ने अपनी जिंदगी के खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। लेखन के बारे में उन्होंने कहा कि गीतकार शब्दों को संगीत के हिसाब से पिरोता है न कि व्याकरण और प्रोफेसर के नजरिया से।
झांसी। बुलंदियों पर पहुंचना कोई कमाल नहीं, बुलंदियों पर ठहरना कमाल है प्यारे। यह शेर सुनाते हुए बीयू के राष्ट्रीय पुस्तक मेले में विख्यात गीतकार समीर अन्जान ने युवाओं को कड़ी मेहनत और संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
कहा कि मैंने अमिताभ बच्चन से लेकर अंबानी तक सबसे बात की है। आज तक सबकी जीवन यात्रा किसी न किसी असफलता से शुरू होकर सफलता तक पहुंची है। कोई ऐसा नहीं मिला जिसे संघर्ष न करना पड़ा हो। अगर हासिल किया भी है तो वह बहुत क्षणिक होगा वह ठहरेगा नहीं। संगीत के क्षेत्र में आज की युवा पीढ़ी उत्साह और सृजनात्मकता तारीफ के काबिल है। बीयू परिसर में बुधवार की शाम को आयोजित ‘एक शाम समीर अंजान के नाम’ कार्यक्रम में वह लोगों से मुखातिब थे। अब तक चार हजार से ज्यादा गीत लिख चुके समीर ने अपनी जिंदगी के खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। लेखन के बारे में उन्होंने कहा कि गीतकार शब्दों को संगीत के हिसाब से पिरोता है न कि व्याकरण और प्रोफेसर के नजरिया से।
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