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Jhansi News: मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मिल रही दो हफ्ते बाद की तारीख
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झांसी। जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का आपरेशन कराने वाले मरीजों को भटकना पड़ रहा है। हर रोज मरीज घर से यह सोचकर आते हैं कि आज आपरेशन करा लेंगे लेकिन यहां उन्हें सिर्फ तारीख दे दी जाती है। जब डॉक्टरों द्वारा बताई जाने वाली तारीख पर आते हैं तो पता चलता है कि आज आपरेशन हो ही नहीं रहे हैं। फिलहाल 800 से भी ज्यादा लोग आपरेशन के इंतजार में हैं। इनका नंबर कब आएगा डाक्टर बता ही नहीं पा रहे हैं।
मोतियाबिंद आंखों में होने वाली बीमारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उम्र बढ़ना, मधुमेह, हाई बीपी, आंखों में चोट लगना, धूम्रपान आदि मोतियाबिंद के कारण हैं। अगर इसका समय पर इलाज नहीं कराया गया तो ये आंखों की रोशनी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। इसके बावजूद अधिकतर लोग गर्मियों में इसका ऑपरेशन नहीं कराते हैं। जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन नि:शुल्क होता है। जबकि, निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराने पर मरीज का 30 से 50 हजार तक खर्च हो जाता है। अब सर्दियां शुरू हो जाने के बाद जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों की भीड़ टूट पड़ी है। जिला अस्पताल की नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों रोजाना 400-500 मरीज दिखाने आ रहे हैं। इनमें कुछ ही मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए भर्ती किया जा रहा है। जबकि, शासनादेश के अनुसार सरकारी अस्पताल में डॉक्टर एक दिन में 30 मोतियाबिंद के ऑपरेशन कर सकते हैं। ऑपरेशन थिएटर में दो ओटी टेबल हैं। ऐसे में रोजाना दो डॉक्टर मिलकर 60 ऑपरेशन कर रहे हैं। रोगियों का एक से लेकर दो हफ्ते बाद की ऑपरेशन की तारीख मिल पा रही है। बताया गया कि गर्मियों में ऑपरेशन कराने के लिए रोजाना 15 से 25 मरीज आते थे।
ये बोले मरीज
...................
आंख दिखाने आई थी। डॉक्टर ने मोतियाबिंद बताया है। कई दफा आ चुके अब 22 दिसंबर को ऑपरेशन के लिए बुलाया है। - पुष्पा, टीकमगढ़।
मोतियाबिंद का ऑपरेशन होना है। डॉक्टर ने कहा कि अभी नहीं हो पाएगा। 20 दिसंबर को बुलाया है। - सुक्का, प्रतापपुरा।
लोगों को लगता है कि गर्मियों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद पसीना आंखों में जाने से संक्रमण हो जाएगा। इसलिए कई लोग सर्दियों में ऑपरेशन कराते हैं। - डॉ. विनोद यादव, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल।
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सर्दियों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। इन दिनों नेत्र रोग विभाग के वार्ड में रोजाना 90 से 100 मरीज भर्ती हो रहे हैं। - डॉ. डीके राय, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल।
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मोतियाबिंद आंखों में होने वाली बीमारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उम्र बढ़ना, मधुमेह, हाई बीपी, आंखों में चोट लगना, धूम्रपान आदि मोतियाबिंद के कारण हैं। अगर इसका समय पर इलाज नहीं कराया गया तो ये आंखों की रोशनी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। इसके बावजूद अधिकतर लोग गर्मियों में इसका ऑपरेशन नहीं कराते हैं। जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन नि:शुल्क होता है। जबकि, निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराने पर मरीज का 30 से 50 हजार तक खर्च हो जाता है। अब सर्दियां शुरू हो जाने के बाद जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों की भीड़ टूट पड़ी है। जिला अस्पताल की नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों रोजाना 400-500 मरीज दिखाने आ रहे हैं। इनमें कुछ ही मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए भर्ती किया जा रहा है। जबकि, शासनादेश के अनुसार सरकारी अस्पताल में डॉक्टर एक दिन में 30 मोतियाबिंद के ऑपरेशन कर सकते हैं। ऑपरेशन थिएटर में दो ओटी टेबल हैं। ऐसे में रोजाना दो डॉक्टर मिलकर 60 ऑपरेशन कर रहे हैं। रोगियों का एक से लेकर दो हफ्ते बाद की ऑपरेशन की तारीख मिल पा रही है। बताया गया कि गर्मियों में ऑपरेशन कराने के लिए रोजाना 15 से 25 मरीज आते थे।
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ये बोले मरीज
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आंख दिखाने आई थी। डॉक्टर ने मोतियाबिंद बताया है। कई दफा आ चुके अब 22 दिसंबर को ऑपरेशन के लिए बुलाया है। - पुष्पा, टीकमगढ़।
मोतियाबिंद का ऑपरेशन होना है। डॉक्टर ने कहा कि अभी नहीं हो पाएगा। 20 दिसंबर को बुलाया है। - सुक्का, प्रतापपुरा।
लोगों को लगता है कि गर्मियों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद पसीना आंखों में जाने से संक्रमण हो जाएगा। इसलिए कई लोग सर्दियों में ऑपरेशन कराते हैं। - डॉ. विनोद यादव, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल।
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सर्दियों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वालों की संख्या दोगुनी हो गई है। इन दिनों नेत्र रोग विभाग के वार्ड में रोजाना 90 से 100 मरीज भर्ती हो रहे हैं। - डॉ. डीके राय, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल।