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Jhansi News: घटयात्रा में गूंजे जयकारे, अयोध्या नगरी में छाया उल्लास
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ललितपुर/बांसी। कस्बा बांसी में शुक्रवार को घटयात्रा के साथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। इस दौरान घटयात्रा में भगवान आदिनाथ और मुनि सुधा सागर महाराज के जयकारे गूंजे। घटयात्रा में श्रावक-श्राविकाओं ने जमकर भक्ति की। इसके साथ ही ध्वजारोहण समेत महोत्सव की तमाम मांगलिक क्रियाएं हुईं।
महोत्सव में मुनि सुधा सागर महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के माध्यम से जीवन में जहां परिणामों में विशुद्धि बढ़ती है। वहीं आत्मा पवित्र और निर्मल होती है। पंचकल्याणक में तीर्थंकर के पांचों कल्याणकों को स्वर्ग से सौधर्म इंद्र आकर मनाते हैं। एक सामान्य मां जब पंचकल्याणक में तीर्थंकर की मां बनती है तो वह सर्ववंदनीय हो जाती है। मुनिश्री ने कहा कि जैन धर्म अनादि काल से है और हर तीर्थंकर अपने-अपने समय में धर्म तीर्थ की स्थापना करते हैं।
इससे पूर्व पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से घटयात्रा प्रारंभ हुई। जिसमें श्रीजी को रथ में विराजित कर स्वयंसेवकों ने हाथों से रथ खींचकर पुण्य कमाया। वहीं श्राविकाएं मंगल कलश में जल लेकर चल रहीं थीं। शोभायात्रा में हाथी पर सवार इंद्र-इंद्राणी ध्वज पताका लिए हुए थे।
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वहीं प्रतिष्ठा महोत्सव के मुख्य पात्र माता-पिता कांता-अनिल जैन, सौधर्म इंद्र राजुल-अंकुर जैन, धनपति कुबेर विजय कुमार-सुमन जैन, महायज्ञनायक मोहनलाल जैन-मीना, भरत सुरेश चंद्र-कल्पना जैन बग्घियों में सवार थे। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजन स्थल अयोध्या पुरी पहुंची। जहां प्रतिष्ठाचार्य प्रदीपभैया सुयश अशोकनगर के मार्गदर्शन में ध्वजारोहण विजय कुमार जैन सुदर्शन कुमार लखनपुरा वालों ने किया। इसके बाद पुण्यार्जक परिवार ने श्रीजी का अयोध्यापुरी में अभिषेक कर पुर्ण्याजन किया।
मध्याह्न में अयोध्यापुरी में महोत्सव के प्रमुख पात्र, इंद्र-इंद्राणियों द्वारा पंडाल की शुद्धि, मंडप की शुद्धि, पात्र शुद्धि, सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा एवं मंगल कलश स्थापना की प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया ने संपन्न कराई। सायंकाल महाआरती भव्य शोभायात्रा के साथ पहुंची। जिसमें इंद्र इंद्राणियों ने प्रभु की भक्ति की।
शोभायात्रा को संयोजित करने में प्रतिष्ठा महोत्सव मेला कैप्टन राजकुमार जैन, मनोज जैन बबीना, संजय रसिया, जीवन जैन मिर्चवारा के साथ विद्यासागर व्यायामशाला, आदिनाथ सेवा संघ, वाहुवलि सेवा संघ, वीर सेवा संघ का विशेष सहयोग रहा।
इस मौके पर ब्रह्मचारी खुशाल भैया, मनोज भैया, गोल्डी भैया, सोनू भैया, सौरभ भैया, अन्नू भैया, पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, शीलचंद अनौरा, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, राजेंद्र जैन थनवारा, भगवान दास कैलगुवा, कपूरचंद लागौन, महेंद्र जैन पंचमनगर, सिद्धेश्वर जमौरिया, नरेन्द्र कड़ंकी, संत मिठया, कमल जैन तालबेहट, कैलाश चंद्र, संतोष जैन, डॉ. जितेंद्र जैन, मनोज जैन, प्रदीप जैन, राकेश जैन, स्वतंत्र जैन, वीरेंद्र जैन रिंकू, पंकज जैन सिमरा, सौरभ जैन पीलू, सम्यक जैन, संजीव जैन सीए, अर्पित मोदी, हेमंत जैन, शालू, शिवम सिंघई, आशीष जैन मौजूद रहे।
गर्भकल्याणक पूर्वरूप की मांगलिक क्रियाएं आज
प्रतिष्ठा महोत्सव के मीडिया प्रभारी अक्षय अलया के अनुसार शनिवार सुबह अभिषेक पूजन, आठ बजे मुनिश्री के मांगलिक प्रवचन, यागमंडल विधान होगा। मध्याह्न में शांति विधान और शाम को आचार्य भक्ति एवं जिज्ञासा समाधान के बाद महाआरती की शोभायात्रा अयोध्यापुरी पहुंचेगी। जहां श्रीजी की भव्य आरती होगी। सायंकाल 8 बजे सौधर्म इंद्र सभा एवं गर्भकल्याणक की आंतरिक क्रियाएं होंगी।
जैन मुनि विनंद सागर महाराज का हुआ विहार
ललितपुर। आचार्य विनम्रसागर महाराज के संघस्थ मुनि विनंद सागर एवं मुनि विनुद सागर महाराज का शुक्रवार को जैन अटामंदिर से मध्याह्न में बानपुर के लिए विहार हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रावकों ने मुनिश्री के साथ पदविहार किया। मुनिश्री का रात्रि विश्राम गांव विरारी में हुआ। शनिवार सुबह आहारचर्या गांव गुगरवारा में होगी।
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महोत्सव में मुनि सुधा सागर महाराज ने कहा कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के माध्यम से जीवन में जहां परिणामों में विशुद्धि बढ़ती है। वहीं आत्मा पवित्र और निर्मल होती है। पंचकल्याणक में तीर्थंकर के पांचों कल्याणकों को स्वर्ग से सौधर्म इंद्र आकर मनाते हैं। एक सामान्य मां जब पंचकल्याणक में तीर्थंकर की मां बनती है तो वह सर्ववंदनीय हो जाती है। मुनिश्री ने कहा कि जैन धर्म अनादि काल से है और हर तीर्थंकर अपने-अपने समय में धर्म तीर्थ की स्थापना करते हैं।
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इससे पूर्व पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से घटयात्रा प्रारंभ हुई। जिसमें श्रीजी को रथ में विराजित कर स्वयंसेवकों ने हाथों से रथ खींचकर पुण्य कमाया। वहीं श्राविकाएं मंगल कलश में जल लेकर चल रहीं थीं। शोभायात्रा में हाथी पर सवार इंद्र-इंद्राणी ध्वज पताका लिए हुए थे।
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वहीं प्रतिष्ठा महोत्सव के मुख्य पात्र माता-पिता कांता-अनिल जैन, सौधर्म इंद्र राजुल-अंकुर जैन, धनपति कुबेर विजय कुमार-सुमन जैन, महायज्ञनायक मोहनलाल जैन-मीना, भरत सुरेश चंद्र-कल्पना जैन बग्घियों में सवार थे। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजन स्थल अयोध्या पुरी पहुंची। जहां प्रतिष्ठाचार्य प्रदीपभैया सुयश अशोकनगर के मार्गदर्शन में ध्वजारोहण विजय कुमार जैन सुदर्शन कुमार लखनपुरा वालों ने किया। इसके बाद पुण्यार्जक परिवार ने श्रीजी का अयोध्यापुरी में अभिषेक कर पुर्ण्याजन किया।
मध्याह्न में अयोध्यापुरी में महोत्सव के प्रमुख पात्र, इंद्र-इंद्राणियों द्वारा पंडाल की शुद्धि, मंडप की शुद्धि, पात्र शुद्धि, सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा एवं मंगल कलश स्थापना की प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया ने संपन्न कराई। सायंकाल महाआरती भव्य शोभायात्रा के साथ पहुंची। जिसमें इंद्र इंद्राणियों ने प्रभु की भक्ति की।
शोभायात्रा को संयोजित करने में प्रतिष्ठा महोत्सव मेला कैप्टन राजकुमार जैन, मनोज जैन बबीना, संजय रसिया, जीवन जैन मिर्चवारा के साथ विद्यासागर व्यायामशाला, आदिनाथ सेवा संघ, वाहुवलि सेवा संघ, वीर सेवा संघ का विशेष सहयोग रहा।
इस मौके पर ब्रह्मचारी खुशाल भैया, मनोज भैया, गोल्डी भैया, सोनू भैया, सौरभ भैया, अन्नू भैया, पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, शीलचंद अनौरा, महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, राजेंद्र जैन थनवारा, भगवान दास कैलगुवा, कपूरचंद लागौन, महेंद्र जैन पंचमनगर, सिद्धेश्वर जमौरिया, नरेन्द्र कड़ंकी, संत मिठया, कमल जैन तालबेहट, कैलाश चंद्र, संतोष जैन, डॉ. जितेंद्र जैन, मनोज जैन, प्रदीप जैन, राकेश जैन, स्वतंत्र जैन, वीरेंद्र जैन रिंकू, पंकज जैन सिमरा, सौरभ जैन पीलू, सम्यक जैन, संजीव जैन सीए, अर्पित मोदी, हेमंत जैन, शालू, शिवम सिंघई, आशीष जैन मौजूद रहे।
गर्भकल्याणक पूर्वरूप की मांगलिक क्रियाएं आज
प्रतिष्ठा महोत्सव के मीडिया प्रभारी अक्षय अलया के अनुसार शनिवार सुबह अभिषेक पूजन, आठ बजे मुनिश्री के मांगलिक प्रवचन, यागमंडल विधान होगा। मध्याह्न में शांति विधान और शाम को आचार्य भक्ति एवं जिज्ञासा समाधान के बाद महाआरती की शोभायात्रा अयोध्यापुरी पहुंचेगी। जहां श्रीजी की भव्य आरती होगी। सायंकाल 8 बजे सौधर्म इंद्र सभा एवं गर्भकल्याणक की आंतरिक क्रियाएं होंगी।
जैन मुनि विनंद सागर महाराज का हुआ विहार
ललितपुर। आचार्य विनम्रसागर महाराज के संघस्थ मुनि विनंद सागर एवं मुनि विनुद सागर महाराज का शुक्रवार को जैन अटामंदिर से मध्याह्न में बानपुर के लिए विहार हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रावकों ने मुनिश्री के साथ पदविहार किया। मुनिश्री का रात्रि विश्राम गांव विरारी में हुआ। शनिवार सुबह आहारचर्या गांव गुगरवारा में होगी।