{"_id":"61bdbe0849e56d492a6c07c6","slug":"anupriya-patel-reaction-on-it-raid-on-sp-leaders","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी: सपा नेताओं पर आईटी रेड पर बोलीं अनुप्रिया- डरने की क्या जरूरत है अगर कुछ गलत नहीं किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी: सपा नेताओं पर आईटी रेड पर बोलीं अनुप्रिया- डरने की क्या जरूरत है अगर कुछ गलत नहीं किया
Sat, 18 Dec 2021 04:25 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 18 Dec 2021 04:25 PM IST
सार
शनिवार की सुबह उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आईटी टीम ने रेड मारी और समाजवादी नेताओं के ठिकानों पर जांच की। इसके बाद से ही इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।
विज्ञापन
अनुप्रिया पटेल का स्वागत करते लोग।
- फोटो : प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपना दल एस के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने सपा नेताओं पर पड़ी आईटी रेड पर कहा कि संस्थाएं अपना काम पूरी निष्पक्षता के साथ करती हैं। अगर कुछ गलत नहीं किया है तो फिर रेड से डरना क्या है।
विज्ञापन
झांसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर उनकी बातचीत जारी है। सीटों का चयन भी उसी आधार पर किया गया है दोनों ही पार्टियों को चुनाव में फायदा हो।
विज्ञापन
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह शादी होने के लिए मियां-बीवी दोनों का राजी होना जरूरी है। उसी तरह गठबंधन के लिए भी बड़े और छोटे दल को मिलकर फैसला लेना होता है। कहा कि राजनीति में परिस्थिति, समय के हिसाब से फैसले लिए जाते हैं।
विज्ञापन
शनिवार की सुबह आयकर विभाग की टीम ने समाजवादी पार्टी के कई नेताओं के ठिकानों पर छापे मारे। एक साथ कई जिलों में समाजवादी पार्टी नेताओं के घरों पर छापे से समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने रायबरेली में प्रेस कांफ्रेंस की और इस एक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस की तरह बर्ताव कर रही है। अभी आईटी टीम आई है अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) वाले भी आएंगे।
उन्होंने कहा कि अगर उनके पास पहले से जानकारी थी तो पहले कार्रवाई करनी चाहिए थी चुनाव से दो महीने पहले ये कार्रवाई हो रही है। जो कि दिखाता है कि आईटी और सीबीआई वाले भी चुनाव लड़ रहे हैं।