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Jhansi News: मानसून आने से पहले 12 बड़े नालों की 90 फीसदी सफाई पूरी
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- नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग भी 70 छोटे नालों की 75 फीसदी सफाई करा चुका
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मानूसनी बारिश के दौरान शहर में जलभराव न हो, इसकी तैयारियों में नगर निगम प्रशासन जुट गया है। अधिकारियों का दावा है कि शहर के 12 बड़े नालों की 90 फीसदी सफाई का काम पूरा हो गया है। जबकि, 70 छोटे नालों की भी 75 फीसदी सफाई कराई जा चुकी है।
वार्ड 54 और वार्ड 56 के नटवली नाले की सफाई के लिए टेंडर काफी देर से हो पाया है। ऐसे में इन दो नालों की सफाई का काम अभी 70 प्रतिशत ही हो पाया है। बारिश के दौरान नटवली नाला ओवरफ्लो हो जाने से काफी जलभराव भी हो जाता है। अपर नगर आयुक्त मो. कमर ने बताया कि 12 नालों की सफाई का महज 10 फीसदी काम बचा हुआ है। बारिश शुरू होने से पहले ही सफाई कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि छोटे नालों की सफाई का 25 फीसदी काम बचा है। मशीनों और सफाई कर्मचारियों की मदद से इनका काम तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निगम को 10 में सर्किल में बांटा है। हर सर्किल में 10-10 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ऐसे में बारिश के दौरान नाले-नालियों में गंदगी फंस जाने से अगर पानी बहाव रुकने से जलभराव की सूचना मिलेगी तो तुरंत कर्मचारी मौके पर पहुंचकर नाले-नाले की गंदगी साफ करेंगे।
छह सुपर शकर मशीन और मड पंप रोकेंगे जलभराव
नगर निगम के पास छह सुपर शकर मशीन और मड पंप भी हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बारिश के दौरान जलभराव होने पर सुपर शकर मशीन से पानी को हटाया जाता है। वहीं, निर्माण विभाग के पास जो मड पंप हैं, उन्हें नाला ओवरफ्लो होने पर इस्तेमाल किया जाता है। इनसे पानी का बहाव दूसरे नालों की तरफ मोड़ा जाता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मानूसनी बारिश के दौरान शहर में जलभराव न हो, इसकी तैयारियों में नगर निगम प्रशासन जुट गया है। अधिकारियों का दावा है कि शहर के 12 बड़े नालों की 90 फीसदी सफाई का काम पूरा हो गया है। जबकि, 70 छोटे नालों की भी 75 फीसदी सफाई कराई जा चुकी है।
वार्ड 54 और वार्ड 56 के नटवली नाले की सफाई के लिए टेंडर काफी देर से हो पाया है। ऐसे में इन दो नालों की सफाई का काम अभी 70 प्रतिशत ही हो पाया है। बारिश के दौरान नटवली नाला ओवरफ्लो हो जाने से काफी जलभराव भी हो जाता है। अपर नगर आयुक्त मो. कमर ने बताया कि 12 नालों की सफाई का महज 10 फीसदी काम बचा हुआ है। बारिश शुरू होने से पहले ही सफाई कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. धीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि छोटे नालों की सफाई का 25 फीसदी काम बचा है। मशीनों और सफाई कर्मचारियों की मदद से इनका काम तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निगम को 10 में सर्किल में बांटा है। हर सर्किल में 10-10 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ऐसे में बारिश के दौरान नाले-नालियों में गंदगी फंस जाने से अगर पानी बहाव रुकने से जलभराव की सूचना मिलेगी तो तुरंत कर्मचारी मौके पर पहुंचकर नाले-नाले की गंदगी साफ करेंगे।
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छह सुपर शकर मशीन और मड पंप रोकेंगे जलभराव
नगर निगम के पास छह सुपर शकर मशीन और मड पंप भी हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बारिश के दौरान जलभराव होने पर सुपर शकर मशीन से पानी को हटाया जाता है। वहीं, निर्माण विभाग के पास जो मड पंप हैं, उन्हें नाला ओवरफ्लो होने पर इस्तेमाल किया जाता है। इनसे पानी का बहाव दूसरे नालों की तरफ मोड़ा जाता है।
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