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Jhansi News: 48 बेड की एसएनसीयू शुरू हो सकती है सितंबर तक
Sat, 27 Jun 2026 02:32 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Sat, 27 Jun 2026 02:32 AM IST
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झांसी। मेडिकल कॉलेज में 48 बेड की स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) को जल्द शुरू होगी। एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) और सीएसआर के तहत मिले आधुनिक उपकरणों को लगाया जा रहा है। यदि फायर सेफ्टी व बिजली फिटिंग की टेंडर प्रक्रिया जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरी हो जाती है, तो सितंबर के अंत तक नई एसएनसीयू को चालू किया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू 15 नवंबर 2024 को आग लगने की घटना के बाद से वार्ड नंबर पांच में अस्थायी रूप से 10 बेड पर संचालित हो रही है। पहले 18 बेड की सुविधा थी मगर अब क्षमता 10 बेड की होने के कारण मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में जन्म लेने वाले गंभीर नवजातों को ही भर्ती किया जा रहा है। बाहरी अस्पतालों और जिलों से रेफर होने वाले शिशुओं को बेड के अभाव में भर्ती करना संभव नहीं हो पा रहा है।
नई 48 बेड की एसएनसीयू में वेंटिलेटर, इन्फ्यूजन पंप, सी-पैप, हाई फ्लो नेजल कैनुला (एचएफएनसी) और सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन जैसी जरूरी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। एनएचएम के तहत 48 वार्मर, 16 फोटोथैरेपी मशीनें, 48 इन्फ्यूजन पंप, ट्रांसपोर्ट इन्क्यूबेटर व मल्टीपैरा मॉनिटर उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, सीएसआर के माध्यम से बेरा (कान की जांच) मशीन, एबीजी आदि अत्याधुनिक उपकरण मिलने शुरू हो गए हैं।
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48 बेड की एसएनसीयू तैयार हो गई है। एनएचएम से मिले उपकरण स्थापित हो रहे हैं। सीएसआर के तहत भी कई आधुनिक उपकरण मिल रहे हैं। फायर और बिजली फिटिंग की टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही सितंबर के अंत तक इसे चालू करने का प्रयास है।
डॉ. ओमशंकर चौरसिया, विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग
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मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू 15 नवंबर 2024 को आग लगने की घटना के बाद से वार्ड नंबर पांच में अस्थायी रूप से 10 बेड पर संचालित हो रही है। पहले 18 बेड की सुविधा थी मगर अब क्षमता 10 बेड की होने के कारण मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में जन्म लेने वाले गंभीर नवजातों को ही भर्ती किया जा रहा है। बाहरी अस्पतालों और जिलों से रेफर होने वाले शिशुओं को बेड के अभाव में भर्ती करना संभव नहीं हो पा रहा है।
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नई 48 बेड की एसएनसीयू में वेंटिलेटर, इन्फ्यूजन पंप, सी-पैप, हाई फ्लो नेजल कैनुला (एचएफएनसी) और सेंट्रल ऑक्सीजन लाइन जैसी जरूरी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। एनएचएम के तहत 48 वार्मर, 16 फोटोथैरेपी मशीनें, 48 इन्फ्यूजन पंप, ट्रांसपोर्ट इन्क्यूबेटर व मल्टीपैरा मॉनिटर उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, सीएसआर के माध्यम से बेरा (कान की जांच) मशीन, एबीजी आदि अत्याधुनिक उपकरण मिलने शुरू हो गए हैं।
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48 बेड की एसएनसीयू तैयार हो गई है। एनएचएम से मिले उपकरण स्थापित हो रहे हैं। सीएसआर के तहत भी कई आधुनिक उपकरण मिल रहे हैं। फायर और बिजली फिटिंग की टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही सितंबर के अंत तक इसे चालू करने का प्रयास है।
डॉ. ओमशंकर चौरसिया, विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग