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बुंदेलखंड के 450 से ज्यादा गांवों में गल्ले की दुकान को लेकर चल रही दुश्मनी
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झांसी। बुंदेलखंड के 450 से ज्यादा गांवों में गल्ले की दुकान को लेकर दुश्मनी चल रही है। राशन की यह वह दुकानें हैं जिन्हें लेकर आए दिन विवाद होता है। कहीं कार्डधारकों की भीड़ डीएम आफिस पर प्रदर्शन करती है तो कहीं एसडीएम दफ्तर पर। झांसी जिले में ही 150 दुकानें ऐसी हैं जिन्हें लेकर आए दिन शिकायतें आती हैं। खास बात यह है कि इन शिकायतों की जांच के बाद जो रिपोर्ट तैयार हुई है उसमें कहा गया है कि शिकायतें ग्रामीणों के बीच चल रहे विवाद के कारण हो रही हैं।
बलिया जिले के दुर्जनपुर गांव में कोटे की दुकान के आवंटन के लिए हुई खुली बैठक में एसडीएम और सीओ के सामने एक ग्रामीण की हत्या कर दी गई। इस हिंसा के बाद सभी जिलों में राशन की उन दुकानों की सूची तैयार हो रही है जहां विवाद चल रहा है। बुंदेलखंड में भी करीब 450 गांवों में राशन की दुकान को लेकर तनातनी है। इनमें 45 गांवों में तो कई दफा टकराव तक की नौबत आ चुकी है। राशन की दुकान गांव में दो गुटों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गईं हैं। एक पक्ष दुकान को निरस्त कराना चाहता है जबकि दूसरा गुट किसी भी कीमत पर उसे बचाने में लगा है।
जनप्रतिनिधियों की भी चिट्ठी खूब दौड़ती राशन की दुकानों के लिए
झांसी। राशन की दुकान के लिए जनप्रतिनिधियों की चिट्ठियां भी खूब दौड़ती हैं। हर गांव में राशन डीलर किसी न किसी सियासी शख्स से जुड़ा हुआ है। अगर एक पक्ष शिकायत करता है तो दूसरा बचाव के लिए खड़ा हो जाता है। इस प्रकार के मामले झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुुर, उरई में खूब गूंज रहे हैं। झांसी मंडल में ही डेढ़ सौ दुकानें ऐसी हैं जिन्हें लेकर आए दिन शिकायतें आती हैं। कभी डीएम के पास तो कभी कमिश्नर के पास। अधिकारी जब इन दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी करते हैं तो सियासी प्रेशर आ जाता है।
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विवाद के चलते मंडल में 88 दुकानों का आवंटन फंसा
झांसी। अगर झांसी मंडल की बात करें तो यहां 88 दुकानें ऐसी हैं जिनका आवंटन विवाद के चलते नहीं हो पा रहा है। जब भी आवंटन की प्रक्रिया शुरू होती है तनातनी होने लगती है। प्रशासन ने भी फिलहाल इन दुकानों को खाली ही छोड़ रखा है।
बुंदेलखंड में शामिल मध्यप्रदेश के गांव जहां राशन की दुकानों पर विवाद है
दतिया-5 गांव
निवाड़ी-25 गांव
टीकमगढ़-20 गांव
पन्ना-15 गांव
सागर-22 गांव
दमोह-15 गांव
बुंदेलखंड में शामिल उत्तर प्रदेश के गांव जहां राशन की दुकानों को लेकर हैं शिकायतें
झांसी-150
जालौन-18
ललितपुर-20
महोबा-50
चित्रकूट-40
बांदा-70
जिन दुकानों को लेकर विवाद की स्थिति होती है, समीक्षा बैठकों के दौरान उन पर चर्चा की जाती है। साथ ही जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। अब आगे दुकानों के आवंटन में और अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाएंगे। - सुभाषचंद्र शर्मा, मंडलायुक्त, झांसी।
मंडल में 104 राशन दुकानें रिक्त चल रही हैं। जबकि कई दुकानों के खिलाफ शिकायतें मिलती हैं। जिनकी जांच कर निस्तारित किया जा रहा है। अक्सर दुकानों के आवंटन में विवाद सामने आते हैं। ऐसे में राशन दुकानों के आवंटन में शासन की निर्धारित प्रक्रिया का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही विवाद की स्थिति होने पर पुलिस बल का सहयोग लिया जाएगा।
नीरज कनौजिया, उपायुक्त खाद्य
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बलिया जिले के दुर्जनपुर गांव में कोटे की दुकान के आवंटन के लिए हुई खुली बैठक में एसडीएम और सीओ के सामने एक ग्रामीण की हत्या कर दी गई। इस हिंसा के बाद सभी जिलों में राशन की उन दुकानों की सूची तैयार हो रही है जहां विवाद चल रहा है। बुंदेलखंड में भी करीब 450 गांवों में राशन की दुकान को लेकर तनातनी है। इनमें 45 गांवों में तो कई दफा टकराव तक की नौबत आ चुकी है। राशन की दुकान गांव में दो गुटों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गईं हैं। एक पक्ष दुकान को निरस्त कराना चाहता है जबकि दूसरा गुट किसी भी कीमत पर उसे बचाने में लगा है।
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जनप्रतिनिधियों की भी चिट्ठी खूब दौड़ती राशन की दुकानों के लिए
झांसी। राशन की दुकान के लिए जनप्रतिनिधियों की चिट्ठियां भी खूब दौड़ती हैं। हर गांव में राशन डीलर किसी न किसी सियासी शख्स से जुड़ा हुआ है। अगर एक पक्ष शिकायत करता है तो दूसरा बचाव के लिए खड़ा हो जाता है। इस प्रकार के मामले झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, हमीरपुुर, उरई में खूब गूंज रहे हैं। झांसी मंडल में ही डेढ़ सौ दुकानें ऐसी हैं जिन्हें लेकर आए दिन शिकायतें आती हैं। कभी डीएम के पास तो कभी कमिश्नर के पास। अधिकारी जब इन दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी करते हैं तो सियासी प्रेशर आ जाता है।
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विवाद के चलते मंडल में 88 दुकानों का आवंटन फंसा
झांसी। अगर झांसी मंडल की बात करें तो यहां 88 दुकानें ऐसी हैं जिनका आवंटन विवाद के चलते नहीं हो पा रहा है। जब भी आवंटन की प्रक्रिया शुरू होती है तनातनी होने लगती है। प्रशासन ने भी फिलहाल इन दुकानों को खाली ही छोड़ रखा है।
बुंदेलखंड में शामिल मध्यप्रदेश के गांव जहां राशन की दुकानों पर विवाद है
दतिया-5 गांव
निवाड़ी-25 गांव
टीकमगढ़-20 गांव
पन्ना-15 गांव
सागर-22 गांव
दमोह-15 गांव
बुंदेलखंड में शामिल उत्तर प्रदेश के गांव जहां राशन की दुकानों को लेकर हैं शिकायतें
झांसी-150
जालौन-18
ललितपुर-20
महोबा-50
चित्रकूट-40
बांदा-70
जिन दुकानों को लेकर विवाद की स्थिति होती है, समीक्षा बैठकों के दौरान उन पर चर्चा की जाती है। साथ ही जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाते हैं। अब आगे दुकानों के आवंटन में और अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाएंगे। - सुभाषचंद्र शर्मा, मंडलायुक्त, झांसी।
मंडल में 104 राशन दुकानें रिक्त चल रही हैं। जबकि कई दुकानों के खिलाफ शिकायतें मिलती हैं। जिनकी जांच कर निस्तारित किया जा रहा है। अक्सर दुकानों के आवंटन में विवाद सामने आते हैं। ऐसे में राशन दुकानों के आवंटन में शासन की निर्धारित प्रक्रिया का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही विवाद की स्थिति होने पर पुलिस बल का सहयोग लिया जाएगा।
नीरज कनौजिया, उपायुक्त खाद्य