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गरीबों के ‘अन्नदाता’ बने उत्साही युवा -City
Updated Tue, 19 Sep 2017 07:15 PM IST
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फोटो
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भूखों को भोजन-पानी के लिए जुटी जवानी
सब हेड... रोज सुबह जरूरतमंदों के लिए निकल पड़ते हैं गर्मागर्म भोजन लेकर
क्रासर
अब इस नेक काम में मिल रहा है कुछ लोगों का सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
समाजसेवा के नाम पर फल बांटते सेल्फी लेकर सोशल साइटों पर अपलोड करने वालों लोगों के बीच महानगर में ऐसे भी छह युवा हैं जो रोज सुबह लगभग सौ जरूरतमंद लोगों को भोजन कराते हैं, लेकिन इसका कहीं भी प्रचार-प्रसार नहीं करते। सामाजिक गरीब सेवा समिति के ये उत्साही युवा पिछले दो साल से यह नेक कार्य कर रहे हैं। अब उन्हें लोगों का सहयोग भी मिलने लगा है।
संस्था के प्रबंधक प्रेम नगर निवासी दिनेश वर्मा ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले टीवी पर एक कार्यक्रम देखा था, जिसमें कुछ लोगों को गरीबों के भोजन का प्रबंध करते हुए दिखाया गया था। इसी से उन्हें प्रेरणा मिली। शुरुआत में घर में भोजन बनवाकर आसपास के जरूरतमंदों को बांट दिया करते थे। लेकिन, अब उनके साथ पांच युवा और जुड़ गए हैं। अब पूरे शहर में घूम-घूम कर जरूरतमंदों के लिए भोजन का प्रबंध किया जाता है। मुहल्ले में ही एक घर में प्रतिदिन लगभग सौ लोगों का खाना तैयार कराया जाता है। खाने को पैकेट में पैक कर बाइक पर डब्बा बांधकर निकल पड़ते हैं वितरण के लिए। सुबह आठ से नौ बजे के बीच भोजन वितरण का काम पूरा कर लिया जाता है। समिति के छह सदस्य हैं, सभी अलग-अलग दिन भोजन बांटने जाते हैं। खाने के साथ पानी का पाउच भी दिया जाता है। शुरुआत में यह काम समिति के सदस्य अपने बलबूते पर करते थे, परंतु अब कई लोग उनके इस काम में मदद कर रहे हैं, जो प्रतिमाह आर्थिक सहायता करते हैं। उन्होंने बताया कि मदद के लिए वह किसी के पास नहीं गए, बल्कि लोगों ने इस काम में सहयोग के लिए खुद उनसे संपर्क किया। दिनेश वर्मा ने बताया कि जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर उन्हें देखते ही चमक आ जाती है। बस गरीबों की यही खुशी दिल को सुकून देती है।
टीम में ये हैं शामिल
सामाजिक गरीब सेवा समिति के प्रबंधक दिनेश वर्मा एक ऑटोमोबाइल एजेंसी में काम करते हैं, जबकि अध्यक्ष विनोद वर्मा का जनरल स्टोर है। समिति के उप प्रबंधक नरेश चंद्र प्रजापति अध्यापक, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार छात्र, ऑडिटर विकास साहू ऑटोमोबाइल एजेंसी में कार्यरत हैं। मीडिया प्रभारी राघवेंद्र पाल का कारोबार है। सुबह भोजन वितरण के बाद सभी अपने-अपने काम में लग जाते हैं।
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हर दिन का अलग मेन्यू
भोजन मेन्यू के हिसाब से वितरित किया जाता है। रविवार, सोमवार को पूड़ी-सब्जी, मंगलवार, बृहस्पतिवार को पुलाव, बुधवार, शुक्रवार को रोटी-सब्जी, शनिवार को दाल-चावल बांटते हैं। भोजन बनाने का काम पंद्रह सौ रुपये महीने पर एक महिला करती है। पैकेट में संस्था के सदस्य पैक करते हैं।
फोटो...
सेवा का दिया जरिया
रिटायर्ड बैंक अधिकारी निरंजन धुलेकर का कहना है कि जो भी थोड़ा बहुत सक्षम होता है, वह जरूरतमंदों की मदद के बारे में जरूर सोचता है। बस इसका आसानी से जरिया नहीं मिल पाता है। युवाओं की लगन को देखकर लगा कि इनका कुछ सहयोग करना चाहिए। यही कर रहा हूं।
फोटो...
मन को मिलता है सुकून
दवा कारोबारी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से संस्था को आर्थिक सहायता देते हैं। मन में भी गरीबों के लिए कुछ करने का विचार था। लेकिन, इसका माध्यम नहीं मिल रहा था। संस्था के युवाओं ने यह माध्यम मुहैया कराया। ऐसा करके मन को सुकून मिलता है।
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भूखों को भोजन-पानी के लिए जुटी जवानी
सब हेड... रोज सुबह जरूरतमंदों के लिए निकल पड़ते हैं गर्मागर्म भोजन लेकर
क्रासर
अब इस नेक काम में मिल रहा है कुछ लोगों का सहयोग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
समाजसेवा के नाम पर फल बांटते सेल्फी लेकर सोशल साइटों पर अपलोड करने वालों लोगों के बीच महानगर में ऐसे भी छह युवा हैं जो रोज सुबह लगभग सौ जरूरतमंद लोगों को भोजन कराते हैं, लेकिन इसका कहीं भी प्रचार-प्रसार नहीं करते। सामाजिक गरीब सेवा समिति के ये उत्साही युवा पिछले दो साल से यह नेक कार्य कर रहे हैं। अब उन्हें लोगों का सहयोग भी मिलने लगा है।
संस्था के प्रबंधक प्रेम नगर निवासी दिनेश वर्मा ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले टीवी पर एक कार्यक्रम देखा था, जिसमें कुछ लोगों को गरीबों के भोजन का प्रबंध करते हुए दिखाया गया था। इसी से उन्हें प्रेरणा मिली। शुरुआत में घर में भोजन बनवाकर आसपास के जरूरतमंदों को बांट दिया करते थे। लेकिन, अब उनके साथ पांच युवा और जुड़ गए हैं। अब पूरे शहर में घूम-घूम कर जरूरतमंदों के लिए भोजन का प्रबंध किया जाता है। मुहल्ले में ही एक घर में प्रतिदिन लगभग सौ लोगों का खाना तैयार कराया जाता है। खाने को पैकेट में पैक कर बाइक पर डब्बा बांधकर निकल पड़ते हैं वितरण के लिए। सुबह आठ से नौ बजे के बीच भोजन वितरण का काम पूरा कर लिया जाता है। समिति के छह सदस्य हैं, सभी अलग-अलग दिन भोजन बांटने जाते हैं। खाने के साथ पानी का पाउच भी दिया जाता है। शुरुआत में यह काम समिति के सदस्य अपने बलबूते पर करते थे, परंतु अब कई लोग उनके इस काम में मदद कर रहे हैं, जो प्रतिमाह आर्थिक सहायता करते हैं। उन्होंने बताया कि मदद के लिए वह किसी के पास नहीं गए, बल्कि लोगों ने इस काम में सहयोग के लिए खुद उनसे संपर्क किया। दिनेश वर्मा ने बताया कि जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर उन्हें देखते ही चमक आ जाती है। बस गरीबों की यही खुशी दिल को सुकून देती है।
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टीम में ये हैं शामिल
सामाजिक गरीब सेवा समिति के प्रबंधक दिनेश वर्मा एक ऑटोमोबाइल एजेंसी में काम करते हैं, जबकि अध्यक्ष विनोद वर्मा का जनरल स्टोर है। समिति के उप प्रबंधक नरेश चंद्र प्रजापति अध्यापक, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार छात्र, ऑडिटर विकास साहू ऑटोमोबाइल एजेंसी में कार्यरत हैं। मीडिया प्रभारी राघवेंद्र पाल का कारोबार है। सुबह भोजन वितरण के बाद सभी अपने-अपने काम में लग जाते हैं।
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हर दिन का अलग मेन्यू
भोजन मेन्यू के हिसाब से वितरित किया जाता है। रविवार, सोमवार को पूड़ी-सब्जी, मंगलवार, बृहस्पतिवार को पुलाव, बुधवार, शुक्रवार को रोटी-सब्जी, शनिवार को दाल-चावल बांटते हैं। भोजन बनाने का काम पंद्रह सौ रुपये महीने पर एक महिला करती है। पैकेट में संस्था के सदस्य पैक करते हैं।
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सेवा का दिया जरिया
रिटायर्ड बैंक अधिकारी निरंजन धुलेकर का कहना है कि जो भी थोड़ा बहुत सक्षम होता है, वह जरूरतमंदों की मदद के बारे में जरूर सोचता है। बस इसका आसानी से जरिया नहीं मिल पाता है। युवाओं की लगन को देखकर लगा कि इनका कुछ सहयोग करना चाहिए। यही कर रहा हूं।
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मन को मिलता है सुकून
दवा कारोबारी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से संस्था को आर्थिक सहायता देते हैं। मन में भी गरीबों के लिए कुछ करने का विचार था। लेकिन, इसका माध्यम नहीं मिल रहा था। संस्था के युवाओं ने यह माध्यम मुहैया कराया। ऐसा करके मन को सुकून मिलता है।