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योग से मिलती है मानसिक शांति
ब्यूरो, जौनपुर, अमर उजाला
Updated Sun, 21 Jun 2015 11:54 PM IST
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गायत्री प्रज्ञा मंडल की ओर से जज कालोनी कचहरी स्थित महिला मंडल के प्रांगण में चल रहे त्रिदिवसीय नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ और संस्कार महोत्सव दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ योग के साथ हुआ। इस दौरान शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे संत श्रीवर्मा और देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार से प्रशिक्षित निष्णात योगाचार्य अभिषेक मिश्रा ने साधकों को प्राणायाम की जानकारी दी।
योगाचार्य अभिषेक मिश्रा ने बताया कि योग से न केवल शरीर निरोग और स्वास्थ्य रहता है बल्कि हमें मानसिक शांति भी मिलती है। इसके बाद महायज्ञ में विश्व कल्याण के लिए महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां भगवान को समर्पित की गई।
आचार्य देशबंधु पद्माकर मिश्र ने कहा कि यज्ञ का अर्थ श्रेष्ठ कर्म होता है और परोपकार से बढ़कर धर्म। इसके अलावा, दुनिया में कुछ नहीं होता है। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे संत श्रीवर्मा ने कहा कि दीप हमें सदैव अज्ञान रूपी अंधकार से सतत संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं। इस दौरान शाम को पांच से नौ बजे तक दीप यज्ञ एवं भजन यज्ञ कार्यक्रम हुआ। 151 दीपयज्ञ से पूरा प्रज्ञा मंडल परिसर जगमगा उठा।
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योगाचार्य अभिषेक मिश्रा ने बताया कि योग से न केवल शरीर निरोग और स्वास्थ्य रहता है बल्कि हमें मानसिक शांति भी मिलती है। इसके बाद महायज्ञ में विश्व कल्याण के लिए महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां भगवान को समर्पित की गई।
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आचार्य देशबंधु पद्माकर मिश्र ने कहा कि यज्ञ का अर्थ श्रेष्ठ कर्म होता है और परोपकार से बढ़कर धर्म। इसके अलावा, दुनिया में कुछ नहीं होता है। शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे संत श्रीवर्मा ने कहा कि दीप हमें सदैव अज्ञान रूपी अंधकार से सतत संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं। इस दौरान शाम को पांच से नौ बजे तक दीप यज्ञ एवं भजन यज्ञ कार्यक्रम हुआ। 151 दीपयज्ञ से पूरा प्रज्ञा मंडल परिसर जगमगा उठा।
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