लॉकडाउन में फंसे मजदूर का परिजन टकटकी लगाए कर रहे थे इंतजार, पर मुंबई से जौनपुर के रास्ते में ही 60 किमी पहले तोड़ दिया दम
- तबीयत बिगड़ने पर रास्ते में उतार कर किया गया था क्वारंटीन, सुबह हो गई मौत
- बुखार और सांस फूलने के लक्षणों के कारण सहमे लोग
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मुंबई से घर आ रहे एक मजदूर ने घर की दहलीज तक पहुंचने से 60 किमी पहले ही दम तोड़ दिया। प्रयागराज स्टेशन से रोडवेज बस में जौनपुर जाते समय तबीयत खराब होने पर उसे बृहस्पतिवार की रात मुंगराबादशाहपुर के क्वारंटीन सेंटर में रोक लिया गया था, जहां शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। मजदूर को तेज बुखार और सांस फूलने की समस्या थी।
मृतक का सैंपल लेने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वह जौनपुर के ही जफराबाद थाना क्षेत्र के नाथूपुर गांव का निवासी था। बीमार मजदूर के मौत की सूचना से लोग सहम गए हैं। घंटों तक क्वारंटीन सेंटर के आसपास लोग जाने से कतराते रहे।
जफराबाद थाना क्षेत्र नाथूपुर गांव निवासी प्रदीप गौतम (34) मुंबई के लोअर परेल इलाके में एक रुमाल बनाने के कारखाने में काम करता था। बृहस्पतिवार को वह अपने कुछ साथियों के साथ श्रमिक स्पेशल ट्रेन में प्रयागराज तक आया। वहां से रोडवेज बस में सभी को जौनपुर लाया जा रहा था। बस में ही उसकी तबीयत बिगड़ गई।
तेज बुखार की शिकायत होने पर जिले की सीमा में प्रवेश के बाद मुंगराबादशाहपुर में बस रोक दिया गया। सवार सभी 22 यात्रियों को सार्वजनिक इंटर कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर में लाया गया। वहां सुबह उनकी जांच की जानी थी। शुक्रवार की सुबह अचानक प्रदीप की सांस भी फूलने लगी। तत्काल चिकित्सकों को बुलाया गया, मगर डॉक्टरों के पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
मछलीशहर एसडीएम अमिताभ यादव ने बताया कि मजदूर की तबीयत पहले से ही खराब थी। उसे यहां स्वास्थ्य जांच के लिए ही रोक लिया गया था, लेकिन जांच से पहले ही उसकी मौत हो गई। उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। सैंपल भी लिया गया है। बस में सवार सभी 22 यात्रियों के सैंपल भी लिए जाएंगे। उधर, जफराबाद में दोपहर तक उसके घरवालों को घटना की जानकारी नहीं थी। परिवार के लोग बेसब्री से उसके घर लौटने की बाट जोह रहे थे।