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प्रसव के बाद जच्चा की मौत, हंगामा
संवाददाता रामपुर/सुरेरी।
Updated Sun, 10 Jan 2016 11:53 PM IST
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर में रविवार को प्रसव के दो घंटे बाद महिला की मौत से नाराज परिवारीजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। लोगों के गुस्से को देखते हुए अस्पताल के डाक्टर समेत सभी नर्स व कर्मचारी भाग खड़े हुए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। परिजन शव लेकर वापस घर चले गए तो अस्पताल के कर्मचारी वापस लौटे।
रामपुर थाना क्षेत्र के सहादतपुर गांव निवासी रोहित पांडेय की पत्नी आंचल उर्फ पूजा अपने मायके गंधौना गांव में थीं। रविवार को भोर में उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिवार के लोग उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर पहुंचे। सुबह पांच बजे प्रसूता को अस्पताल में भर्ती किया गया। सुबह सात बजे आंचल ने शिशु को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा का रक्तस्राव बंद नहीं हो रहा था। परिजनों का आरोप है कि डाक्टर से कहने के बावजूद खून को रोकने को लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। महिला की हालत धीरे धीरे बिगड़ती गई लेकिन डॉक्टर ने उसे अस्पताल से रेफर करना भी डाक्टर ने मुनासिब नहीं समझा। रक्तस्राव को रोकने के बजाय अस्पताल की नर्स व दाई रूई का इस्तेमाल कर ब्लड को बंद करने की कोशिश करती रहीं।
परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें यह कहकर शांत करा दिया जाता था कि ऐसा अक्सर होता है। थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा। प्रसव के दो घंटे बाद करीब 10 बजे प्रसूता की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद डाक्टर समेत सभी नर्स व कर्मचारी शव को अस्पताल में छोड़ फरार हो गए। सूचना पर महिला के ससुराल से भी लोग पहुंच गए। डाक्टर और नर्स पर लापारवाही की आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होता देख वहां लोगों की भीड़ लग गई। लोग डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। पुलिस के समझाने पर तकरीबन तीन घंटे बाद परिवार के लोग बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को लेकर चले गए। अस्पताल से शव लेकर जाने के काफी देर बाद शाम करीब पांच बजे अस्पताल के कर्मचारी वापस लौटे।
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रामपुर थाना क्षेत्र के सहादतपुर गांव निवासी रोहित पांडेय की पत्नी आंचल उर्फ पूजा अपने मायके गंधौना गांव में थीं। रविवार को भोर में उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिवार के लोग उसे लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर पहुंचे। सुबह पांच बजे प्रसूता को अस्पताल में भर्ती किया गया। सुबह सात बजे आंचल ने शिशु को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा का रक्तस्राव बंद नहीं हो रहा था। परिजनों का आरोप है कि डाक्टर से कहने के बावजूद खून को रोकने को लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। महिला की हालत धीरे धीरे बिगड़ती गई लेकिन डॉक्टर ने उसे अस्पताल से रेफर करना भी डाक्टर ने मुनासिब नहीं समझा। रक्तस्राव को रोकने के बजाय अस्पताल की नर्स व दाई रूई का इस्तेमाल कर ब्लड को बंद करने की कोशिश करती रहीं।
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परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें यह कहकर शांत करा दिया जाता था कि ऐसा अक्सर होता है। थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा। प्रसव के दो घंटे बाद करीब 10 बजे प्रसूता की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद डाक्टर समेत सभी नर्स व कर्मचारी शव को अस्पताल में छोड़ फरार हो गए। सूचना पर महिला के ससुराल से भी लोग पहुंच गए। डाक्टर और नर्स पर लापारवाही की आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होता देख वहां लोगों की भीड़ लग गई। लोग डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। पुलिस के समझाने पर तकरीबन तीन घंटे बाद परिवार के लोग बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को लेकर चले गए। अस्पताल से शव लेकर जाने के काफी देर बाद शाम करीब पांच बजे अस्पताल के कर्मचारी वापस लौटे।
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