{"_id":"581a3ab94f1c1bab3143730e","slug":"will-get-110-million-compensation","type":"story","status":"publish","title_hn":"110 करोड़ मिलेगा मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
110 करोड़ मिलेगा मुआवजा
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीवानी न्यायालय को स्थानांतरित करने के लिए 207 किसानों से 50.3 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। अब किसानों को भूमि का मुआवजा देने की भी तैयारी हो चुकी है। सर्किल रेट से अधिकतम चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए 207 किसानों के लिए 110 करोड़ का बजट भी जिला प्रशासन को मिल चुका है।
हालांकि आबादी और कृषि वाली भूमि का मुआवजा समान किए जाने की मांग को लेकर अभी कई किसानों में सहमति नहीं बन पाई है। मौजूदा समय में दीवानी न्यायालय जहां पर स्थित है वहां अधिवक्ता और वादकारियों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण जगह की कमी होने लगी है।
दीवानी न्यायालय को यहां से स्थानांतरित किए जाने के लिए लंबे समय से शहर के आस पास ही जमीन की तलाश की जा रही थी। मौजूदा समय में दीवानी न्यायालय जहां पर स्थित है वहां से करीब दो किलोमीटर पूरब की दिशा में नाथूपुर के पास 50.3 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
नाथूपुर, बाबूपुर और गंगापट्टी गांव के 207 किसानों से जमीन ली गई है। जमीन देने के लिए तो सभी किसान राजी हो गए हैं लेकिन मुआवजे को लेकर बीस फीसदी किसान असंतुष्ट हैं। असंतुष्ट किसानों का कहना है कि आबादी और और कृषि वाली जमीन का अलग अलग मुआवजा निर्धारित किया गया है।
इसे जिन किसानों की अधिक जमीन जा रही है उन्हें कम और जिनकी कम जमीन जा रही है उन्हें अधिक पैसे दिए जा रहे हैं। मुआवजे के लिए किसानों को संतुष्ट करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों के बीच पांच दौर की बैठक हो चुकी है। नाराज किसानों की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी एक साथ सुनवाई करेंगे।
विज्ञापन
हालांकि आबादी और कृषि वाली भूमि का मुआवजा समान किए जाने की मांग को लेकर अभी कई किसानों में सहमति नहीं बन पाई है। मौजूदा समय में दीवानी न्यायालय जहां पर स्थित है वहां अधिवक्ता और वादकारियों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण जगह की कमी होने लगी है।
विज्ञापन
दीवानी न्यायालय को यहां से स्थानांतरित किए जाने के लिए लंबे समय से शहर के आस पास ही जमीन की तलाश की जा रही थी। मौजूदा समय में दीवानी न्यायालय जहां पर स्थित है वहां से करीब दो किलोमीटर पूरब की दिशा में नाथूपुर के पास 50.3 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
नाथूपुर, बाबूपुर और गंगापट्टी गांव के 207 किसानों से जमीन ली गई है। जमीन देने के लिए तो सभी किसान राजी हो गए हैं लेकिन मुआवजे को लेकर बीस फीसदी किसान असंतुष्ट हैं। असंतुष्ट किसानों का कहना है कि आबादी और और कृषि वाली जमीन का अलग अलग मुआवजा निर्धारित किया गया है।
इसे जिन किसानों की अधिक जमीन जा रही है उन्हें कम और जिनकी कम जमीन जा रही है उन्हें अधिक पैसे दिए जा रहे हैं। मुआवजे के लिए किसानों को संतुष्ट करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों के बीच पांच दौर की बैठक हो चुकी है। नाराज किसानों की समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी एक साथ सुनवाई करेंगे।