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विशेषज्ञ से उपचार के लिए दूर क्यों जाना, अब टेली मेडिसिन हैं ना

Mon, 18 Jan 2021 11:20 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2021 11:20 PM IST
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Why go away for treatment from a specialist, now tele medicine is there
जौनपुर। देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ डॉक्टरों से उपचार कराने के लिए दिल्ली, लखनऊ जाने की जरूरत नहीं है। नजदीकी सीएचसी-पीएचसी स्थित टेली मेडिसीन केंद्र पर पंजीकरण कराकर आप देश के विभिन्न शहरों में बैठे डॉक्टर से बीमारी के संबंध में निशुल्क परामर्श ले सकते हैं। संबंधित चिकित्सक खुद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये आपसे बात करेंगे और बीमारी पूछकर उपचार करेंगे। साथ ही वे फोन कर फॉलोअप करेंगे। जिले के 15 सीएचसी पर चल रही टेली मेडिसिन सेवा कोरोना काल में मरीजों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।
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कोरोना काल में जब लॉकडाउन हुआ तो लोग घरों में कैद हो गए। उपचार के लिए अस्पताल जाने से भी हिचकने लगे थे। ऐसे समय में घर बैठे मरीजों को उपचार देने के लिए सरकार ने टेली मेडिसिन सेवा को बढ़ावा दिया। इस सेवा को ग्रामीण सीएचसी पर भी शुरू करा दिया गया है। ज्यादातर लोग जानकारी के अभाव में इसके लाभ से वंचित हैं। इस माध्यम से जिसे एक बार इसका लाभ मिल जा रहा वह दोबारा अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाना चाहता। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि टेली मेडिसिन की शुरुआत अप्रैल 2019 से हुई थी, लेकिन ज्यादातर लोग इससे अनभिज्ञ थे। कोरोना काल में इसके प्रति मरीजों का रुझान तेजी से बढ़ा है। पिछले डेढ़ साल के दौरान 32 हजार मरीज इसका लाभ ले चुके हैं। इसमें 75 फीसदी मरीजों ने गत वर्ष से दिसंबर तक उपचार कराया था। इसके तहत रजिस्ट्रेशन सिर्फ सीएचसी या पीएचसी पर स्थित टेलीमेडिसिन केंद्र पर ही हो सकता है। इस सेवा में सिर्फ उसी मरीज को दिखाया जा सकता है, जिसे किसी डॉक्टर ने रेफर किया हो।
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केस एक:
सिकरारा के दुर्गापुर की हेमलता पाठक ने बतया कि बाएं हाथ में दर्द और झुनझुनाहट की समस्या थी। दिसंबर में नौपेड़वा सीएचसी पर टेलीमेडिसिन के जरिए उपचार लिया तो काफी लाभ हुआ। आठ जनवरी को वह देवरानी, बहू और भाभी को भी उपचार के लिए पहुंची थी। अब उन्हें राहत मिल रही है। बिना कहीं गए ही उपचार मिल रहा है।-हेमलता पाठक, दुर्गापुर, सिकरारा
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केस दो:
बदलापुर के डोमपुर निवासी अमरावती (55) एक महीने से बुखार और हाथ-प्ैर में दर्द की समस्या थी। 15 जनवरी को वह बदलापुर सीएचसी पर पहुंची। टेली मेडिसिन के जरिए इंडोक्रोनोलाजी में एमडी, डीएम डॉ. गणेश से उपचार कराया। दवा-उपचार से वे संतुष्ट हैं।
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13 बीमारियों के विशेषज्ञ दे रहे सेवा
टेलीमेडिसिन के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. एसपी मिश्र ने बताया कि इस सेवा के माध्यम से जनरल मेडिसिन, डर्मेटोलॉजी, फिजियोथेरेपी, न्यूरोलॉजी, आंकोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, गाइनोलाजी, आर्थोपेडिक, गैस्ट्रोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, यूरोलॉजी, कॉर्डियोलॉजी के स्पेशलिस्ट की सेवाएं ली जा सकती हैं।
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जिले के 15 सीएचसी पर मिल रही यह सेवा
जिले के नौपेड़वा, बदलापुर, महराजगंज, सुजानगंज, सतहरिया, मछलीशहर, बरसठी, रामपुर, मुफ्तीगंज, केराकत, डोभी, मेहरांवा, खुटहन, सुइथाकला, रेहटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सेवा उपलब्ध है। जरूरी नहीं कि जिस सीएचसी पर दिखाया है, अगली बार फिर से उसी पर दिखाएं। जिले की 15 सीएचसी जहां पर यह सेवा हैं, कहीं भी दिखा सकते हैं। इतना ही नहीं दूसरे जिले में भी जहां पर यह सुविधा है, वहां पर दिखा सकते हैं। इस दौरान ब्लड, शुगर, ईसीजी, बीपी, एक्स-रे की जांच रिपोर्ट निशुल्क रहती है।
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ऐसे मिलेगा लाभ
जिला समन्वयक अनीस पांडेय ने बताया कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से सिर्फ रेफर किए मरीज ही देखे जाते हैं। यहां आने पर सबसे पहले मरीज का अपोलो के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होता है। उसके बाद मरीज वर्तमान और पुरानी बीमारी के बारे में जानकारी भरकर अपलोड करते हैं। उसके बाद वह बीमारी से संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों में से किसी एक का चयन करेंगे। डॉक्टर मिल जाने पर मरीज की वर्तमान और पुरानी बीमारी के बारे में या कोई जांच कराई हो तो उसकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इसके अपोलो हैदराबाद में बैठे डॉक्टर रिपोर्ट की जांच के बाद संबंधित सीएचसी पर वीडियो कॉल के माध्यम से बात करते हैं और हैदराबाद से ही दवा लिख देते हैं। यह दवा सीएचसी पर निशुल्क मिल जाती है।

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ई-संजीवनी और टेली मेडिसिन में अंतर
ई-संजीवनी सेवा भी टेली मेडिसिन जैसी ही है। दोनों में मूल अंतर है कि ई-संजीवनी में अमूमन ओपीडी में मरीज देखे जाते हैं, जबकि टेली मेडिसिन में विशेषज्ञ डॉक्टर की सेवा मिलेगी। सिर्फ रेफर मरीज ही इसका लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें नजदीकी सीएचसी में बने टेली मेडिसिन केंद्र पर पहुंचना होगा।
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