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फिर बदलेगा मौसम, बारिश के आसार
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जौनपुर। मौसम का रुख फिर बदलने वाला है। छह मई तक हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। इस दौरान तेज हवा भी चलेगी। मौसम के इस हाल को देखते हुए विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। खास तौर से खेती-किसानी में सतर्कता बरतने की जरुरत है। खेतों में पड़ी गेहूं की फसल को तत्काल सुरक्षित कर लेना चाहिए।
इस बार मौसम लगातार बदल रहा है। अप्रैल के महीने में कई बार तेज हवा और बारिश के बाद मई में भी ऐसे ही हालात बनने वाले हैं। मौसम विभाग ने इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया है। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार कनौजिया व मौमस विशेषज्ञ पंकज जायसवाल ने बताया कि पश्चिमी बिछोभ के कारण मौसम में यह उतार-चढ़ाव बना हुआ है। तीन से छह मई तक बारिश के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री तक पहुंच सकता है। 15 से 18 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके मद्देनजर किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई को शीघ्र पूरा कर लें। कटी हुई फसल अगर खुले आसमान के नीचे है तो उसे सुरक्षित कर लें। उन्होंने बताया कि खेतों में नमी है तो अभी सिंचाई न करें और न ही किसी फसल पर रसायनिक दवाओं का छिड़काव करें। ऐसा करना मिट्टी और फसल दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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इस बार मौसम लगातार बदल रहा है। अप्रैल के महीने में कई बार तेज हवा और बारिश के बाद मई में भी ऐसे ही हालात बनने वाले हैं। मौसम विभाग ने इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया है। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार कनौजिया व मौमस विशेषज्ञ पंकज जायसवाल ने बताया कि पश्चिमी बिछोभ के कारण मौसम में यह उतार-चढ़ाव बना हुआ है। तीन से छह मई तक बारिश के आसार हैं। इस दौरान अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री तक पहुंच सकता है। 15 से 18 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके मद्देनजर किसान गेहूं की कटाई और मड़ाई को शीघ्र पूरा कर लें। कटी हुई फसल अगर खुले आसमान के नीचे है तो उसे सुरक्षित कर लें। उन्होंने बताया कि खेतों में नमी है तो अभी सिंचाई न करें और न ही किसी फसल पर रसायनिक दवाओं का छिड़काव करें। ऐसा करना मिट्टी और फसल दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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