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हंगामे से डेढ़ घंटे रुका मतदान
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जौनपुर। पंचायत चुनाव के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्था हावी रही। बक्शा ब्लाक के सड़ेरी गांव में जिला पंचायत सदस्य के 13 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। जबकि मतपत्र पर दस के ही चुनाव चिह्न मिलने के बाद हंगामा हो गया। प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने मतदान रोक दिया। सुबह साढ़े नौ बजे से 10.50 बजे तक मतदान ठप रहा। बाद में सेक्टर मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर स्थिति साफ की।
बक्शा ब्लाक अंतर्गत जिला पंचायत वार्ड संख्या 24 में 13 और 25 में 10 प्रत्याशी हैं। सड़ेरी गांव न्म में वार्ड संख्या 24 के प्रत्याशी प्रचार प्रसार कर रहे थे। यहां बूथ संख्या 45, 46, 47, 48 पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। करीब साढ़े नौ बजे एक व्यक्ति वोट देने पहुंचा तो देखा मतपत्र में सिर्फ 10 ही चुनाव चिह्न हैं। हंगामा मचाते हुए मतदान रोकवा दिया। सूचना पाकर प्रत्याशी नबी यादव, हाजी, सुल्तान अहमद, अशोक यादव मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मतदान में धांधली का आरोप लगाया। मौके पर एसडीएम सदर, सीओ सदर और सेक्टर मजिस्ट्रेट पहुंच गए। काफी जांच पड़ताल के बाद एसडीएम नितीश कुमार सिंह ने बताया कि यह गांव वार्ड संख्या 24 में नहीं बल्कि 25 में है। जबकि ग्रामीण और प्रत्याशियों का कहना था कि अगर यह गांव वार्ड संख्या 25 में हैं और वार्ड 24 के प्रत्याशी गलती से यहां प्रचार प्रसार में लगे थे तो वार्ड 25 का कोई प्रत्याशी यहां क्यों कभी प्रचार के लिए नहीं आया। प्रत्याशियों ने कहा कि वर्ष 2015 के चुनाव में भी वे इसी वार्ड से चुनाव लड़े चुके हैं। मतों की गिनती भी इसी वार्ड में हुई थी। इसबार जब कोई नया परसीमन नहीं हुआ तो यह गांव कैसे दूसरे वार्ड में चला गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने पूरे मामले से आयोग को अवगत कराते हुए मार्गदर्शन लेने का आश्वासन देकर मतदान आरंभ कराया।
उधर, वार्ड संख्या 25 से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को जैसे ही पता चला कि सड़ेरी गांव वार्ड 24 में न होकर 25 में शा मिल है तो करीब सभी प्रत्याशी अचानक सड़ेरी स्थित मतदान केंद्र पर पहुंच गए। बूथ के बाहर ही वहां आने वाले मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपली करने लगे। यह देख मतदाता भी हतप्रभ हो गए कि अभी तक जो निशान वह दूसरे प्रत्याशी का जानते थे वह आज चुनाव के ऐन मौके पर अचानक कैसे बदल गया। इन प्रत्याशियों ने भी ग्रामीणों से कहा कि उन्हें पता नहीं था कि सड़ेरी गांव वार्ड 25 में शामिल है।
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इसी तरह से जलालपुर में मतदान के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। जलालपुर ब्लाक के पुरेंव गांव में बीडीसी सदस्य के मतपत्र पर छह की जगह सात चुनाव निशान मिलने से खलबली मच गई। इसमें भी कई उम्मीदवारों का चुनाव निशान नहीं थे। दोपहर तक वोट भी पड़े। बाद में प्रत्याशियों ने हंगामा मचाया तब मौके पर पहुंचे अफसरों ने गलती मानते हुए चुनाव निरस्त करने की संस्तुति की।
पुरेंव गांव में बीडीसी सदस्य पद के लिए छह प्रत्याशी हैं। यहां बूथ संख्या 120 व 121 पर दिए गए मतपत्र में सात चुनाव चिह्न बने थे। बादामी देवी पत्नी बेदीराम का चुनाव निशान चक्की था, जबकि मतपत्र पर उनके क्रम के सामने अंगुठी चुनाव चिह्न बना था। ममता पत्नी पप्पू को ईंट चुनाव चिह्न मिला था, मगर मतपत्र पर आटा चक्की था। मंजू देवी पत्नी दयाशंकर का चुनाव निशान गिलास मतपत्र से गायब था। डेढ़ बजे तक इसी मतपत्र से मतदान होता रहा। प्रत्याशियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने हंगामा मचाना शुरू किया। सूचना पाकर सीआरओ राजकुमार द्विवेदी मौके पर पहुंचे। जांच में शिकायत की पुष्टि पर उन्होंने दोनों बूथों का चुनाव निरस्त करने की संस्तुति की। सीआरओ ने बताया कि गलत मतपत्र आ गए थे। लिहाजा चुनाव निरस्त कर दिया गया है। शीघ्र ही नई तिथि तय कर मतदान कराया जाएगा। उधर, बदामी देवी के पति बेदीराम ने विरोधियों पर साजिश का आरोप लगाया।
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प्रत्याशी छह, मतपत्र में सिर्फ पांच चुनाव चिह्न
थानागद्दी। केराकत के ग्राम पंचायत नाऊपुर में जूनियर हाईस्कूल के बूथ पर भी मतपत्र में गड़बड़ी रही। यहां बीडीसी सदस्य पद पर कुल छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रत्याशी सरिता को कड़ाही चुनाव निशान आवंटित हुआ था, जबकि मतपत्र में यह निशान ही नहीं था। प्रत्याशी के पति रामजी को इसकी जानकारी हुई तो हंगामा मचाते हुए मतदान रोकवा दिया। इसकी शिकायत सेक्टर मजिस्ट्रेट और चुनाव प्रेक्षक से की। तब बैलेट पेपर बदलकर पुन:मतदान शुरू कराया गया। पीठासीन अधिकारी के अनुसार तब तक 17 वोट डाले जा चुके थे।
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बक्शा ब्लाक अंतर्गत जिला पंचायत वार्ड संख्या 24 में 13 और 25 में 10 प्रत्याशी हैं। सड़ेरी गांव न्म में वार्ड संख्या 24 के प्रत्याशी प्रचार प्रसार कर रहे थे। यहां बूथ संख्या 45, 46, 47, 48 पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। करीब साढ़े नौ बजे एक व्यक्ति वोट देने पहुंचा तो देखा मतपत्र में सिर्फ 10 ही चुनाव चिह्न हैं। हंगामा मचाते हुए मतदान रोकवा दिया। सूचना पाकर प्रत्याशी नबी यादव, हाजी, सुल्तान अहमद, अशोक यादव मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मतदान में धांधली का आरोप लगाया। मौके पर एसडीएम सदर, सीओ सदर और सेक्टर मजिस्ट्रेट पहुंच गए। काफी जांच पड़ताल के बाद एसडीएम नितीश कुमार सिंह ने बताया कि यह गांव वार्ड संख्या 24 में नहीं बल्कि 25 में है। जबकि ग्रामीण और प्रत्याशियों का कहना था कि अगर यह गांव वार्ड संख्या 25 में हैं और वार्ड 24 के प्रत्याशी गलती से यहां प्रचार प्रसार में लगे थे तो वार्ड 25 का कोई प्रत्याशी यहां क्यों कभी प्रचार के लिए नहीं आया। प्रत्याशियों ने कहा कि वर्ष 2015 के चुनाव में भी वे इसी वार्ड से चुनाव लड़े चुके हैं। मतों की गिनती भी इसी वार्ड में हुई थी। इसबार जब कोई नया परसीमन नहीं हुआ तो यह गांव कैसे दूसरे वार्ड में चला गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने पूरे मामले से आयोग को अवगत कराते हुए मार्गदर्शन लेने का आश्वासन देकर मतदान आरंभ कराया।
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उधर, वार्ड संख्या 25 से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को जैसे ही पता चला कि सड़ेरी गांव वार्ड 24 में न होकर 25 में शा मिल है तो करीब सभी प्रत्याशी अचानक सड़ेरी स्थित मतदान केंद्र पर पहुंच गए। बूथ के बाहर ही वहां आने वाले मतदाताओं से अपने पक्ष में मतदान करने की अपली करने लगे। यह देख मतदाता भी हतप्रभ हो गए कि अभी तक जो निशान वह दूसरे प्रत्याशी का जानते थे वह आज चुनाव के ऐन मौके पर अचानक कैसे बदल गया। इन प्रत्याशियों ने भी ग्रामीणों से कहा कि उन्हें पता नहीं था कि सड़ेरी गांव वार्ड 25 में शामिल है।
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इसी तरह से जलालपुर में मतदान के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। जलालपुर ब्लाक के पुरेंव गांव में बीडीसी सदस्य के मतपत्र पर छह की जगह सात चुनाव निशान मिलने से खलबली मच गई। इसमें भी कई उम्मीदवारों का चुनाव निशान नहीं थे। दोपहर तक वोट भी पड़े। बाद में प्रत्याशियों ने हंगामा मचाया तब मौके पर पहुंचे अफसरों ने गलती मानते हुए चुनाव निरस्त करने की संस्तुति की।
पुरेंव गांव में बीडीसी सदस्य पद के लिए छह प्रत्याशी हैं। यहां बूथ संख्या 120 व 121 पर दिए गए मतपत्र में सात चुनाव चिह्न बने थे। बादामी देवी पत्नी बेदीराम का चुनाव निशान चक्की था, जबकि मतपत्र पर उनके क्रम के सामने अंगुठी चुनाव चिह्न बना था। ममता पत्नी पप्पू को ईंट चुनाव चिह्न मिला था, मगर मतपत्र पर आटा चक्की था। मंजू देवी पत्नी दयाशंकर का चुनाव निशान गिलास मतपत्र से गायब था। डेढ़ बजे तक इसी मतपत्र से मतदान होता रहा। प्रत्याशियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने हंगामा मचाना शुरू किया। सूचना पाकर सीआरओ राजकुमार द्विवेदी मौके पर पहुंचे। जांच में शिकायत की पुष्टि पर उन्होंने दोनों बूथों का चुनाव निरस्त करने की संस्तुति की। सीआरओ ने बताया कि गलत मतपत्र आ गए थे। लिहाजा चुनाव निरस्त कर दिया गया है। शीघ्र ही नई तिथि तय कर मतदान कराया जाएगा। उधर, बदामी देवी के पति बेदीराम ने विरोधियों पर साजिश का आरोप लगाया।
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प्रत्याशी छह, मतपत्र में सिर्फ पांच चुनाव चिह्न
थानागद्दी। केराकत के ग्राम पंचायत नाऊपुर में जूनियर हाईस्कूल के बूथ पर भी मतपत्र में गड़बड़ी रही। यहां बीडीसी सदस्य पद पर कुल छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रत्याशी सरिता को कड़ाही चुनाव निशान आवंटित हुआ था, जबकि मतपत्र में यह निशान ही नहीं था। प्रत्याशी के पति रामजी को इसकी जानकारी हुई तो हंगामा मचाते हुए मतदान रोकवा दिया। इसकी शिकायत सेक्टर मजिस्ट्रेट और चुनाव प्रेक्षक से की। तब बैलेट पेपर बदलकर पुन:मतदान शुरू कराया गया। पीठासीन अधिकारी के अनुसार तब तक 17 वोट डाले जा चुके थे।