वीडियो वायरल: जौनपुर जेल में अंधेरगर्दी, कैदी बोले-10 गुने दाम पर मिलता है सामान, आवाज उठाने पर होती है पिटाई
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला जेल से एक कैदी का वीडियो सामने आया है। वह मनमाने ढंग से चल रही कैंटीन का खुलासा करता नज़र आ रहा हैं। बताया कि सौ से डेढ़ सौ रुपये किलो पर आलू और प्याज मिलता है। 20 किलो दाल में एक हजार से बंदियों-कैदियों को खाना परोसा जाता है। अगर कोई इसका विरोध करता है तो उसकी बर्बरता पिटाई की जाती है।
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला जेल में उपद्रव के कारणों की जांच का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। लेकिन जेल में अंधेरगर्दी का खुलासा एक-एक कर होने लगा है। जांच के लिए पहुंचे अफसरों के सामने बंदी जेल प्रशासन की कलई खोल रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया में उपद्रव के दिन का एक वीडियो भी वायरल हुआ है।
इसमें जेल के अंदर से एक बंदी चीख-चीख कर जेल में भ्रष्टाचार की जानकारी दे रहा है। इस बंदी की बातों पर गौर करें तो जेल मैनुअल की धज्जियां उड़ाते हुए यहां वह सब कुछ हो रहा है, जिस पर शासन की सख्त मनाही है। इस बंदी के मुताबिक जेल की कैंटीन लूट का अड्डा है।
यहां से बंदियों को सौ से डेढ़ सौ रुपये किलो पर आलू और प्याज मिलता है। कोहड़ा-लौकी भी 130 रुपये किलो है। 20 किलो दाल में एक हजार से बंदियों-कैदियों को खाना परोसा जाता है। दाल इतनी पतली होती है कि उसमें सिर्फ पानी और हल्दी ही नजर आता है। बंदी का कहना था कि अगर कोई इसका विरोध करता है तो उसकी बर्बरता पूर्वक पिटाई की जाती है। ।
ऐसे ही एक बंदी आनंद को पीटकर मरणासन्न कर दिया गया है। बंदी का कहना है कि जेल के अस्पताल से कोई दवा-उपचार नहीं होता। तबीयत बिगड़ती रहती है, लेकिन जिम्मेदार बस टालते रहते हैं। बाद में बंदी की मौत होने पर उसे रेफर कर यह कहा जाता है कि रास्ते में मौत हुई। बागेश मिश्रा की मौत भी ऐसे ही हुई है। जेल निरीक्षण में आने वाले अफसरों से शिकायत करते हैं तो वह भी बस सुनकर चले जाते हैं। कोई कुछ नहीं करता। इसलिए मजबूरन बंदी-कैदी आक्रोशित हो गए हैं, ताकि उनकी बात को सुनने के लिए आला अधिकारी यहां आएं। बता दें कि बीते गुरुवार को आजीवन कारावास की सजा काट रहे बागेश मिश्रा की मौत के बाद जौनपुर जिला जेल धधक उठा था।
इस पूरे मामले में जौनपुर जिला जेल के अधीक्षक एसके पांडेय ने कहा कि जेल मैनुअल के अंतर्गत ही बंदियों को सुविधाएं दी जाती हैं। जिन बंदियों की मनमानी नहीं चल पाती, वही झूठे आरोप लगाते हैं। वायरल वीडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जांच कर ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।
जेल में धड़ल्ले से बिक रहा सिगरेट-तंबाकू
जौनपुर जिला जेल के अंदर सिगरेट-तंबाकू सहित हर सामान उपलब्ध है। बस मुंहमांगा दाम देने की जरूरत है। यहां 10 रुपये में तंबाकू बेचा जाता है। अगर सिगरेट चाहिए तो 20 रुपये देने होंगे। एक माचिस का दाम भी पांच से दस रुपये तक है। मुलाकात के दौरान परिवार वाले खाने-पीने का कोई सामान लाते हैं तो उसे तब तक अंदर नहीं जाने दिया जाता, जब तक 'सुविधा शुल्क" नहीं मिलता। नए बंदियों के लिए यह रेट 100 से 500 रुपये तक है। वर्षों से बंद पुराने प्रभावशाली बंदियों को इसमें राहत मिल जाती है।