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कुलपति ने पूविवि कैंपस के आठ शिक्षकों को किया सम्मानित
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जौनपुर में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में शुक्रवार को कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने विश्वविद्यालय परिसर की बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रो. वंदना राय को ‘शिक्षक श्री’ एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत सरकार द्वारा सात शिक्षकों को स्टार्टअप ग्रांट मिलने पर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रो. वंदना राय को ‘शिक्षक श्री’ मिलने से विश्वविद्यालय का सम्मान बढ़ा है।
यह सम्मान उनकी लगन और तपस्या की देन है। उन्होंने युवा शिक्षकों को अनुदान मिलने पर बधाई दी, और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध में अपनी अहम भूमिका अदा करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक निरंतर देश के विभिन्न संस्थानों में शोध हेतु प्रोजेक्ट प्रेषित करते रहे। विश्वविद्यालय हर स्तर पर उनका सहयोग करेगा।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विश्वविद्यालय परिसर के सात शिक्षक स्टार्टअप ग्रांट मिलने पर सम्मानित हुए। देश में 145 शिक्षकों को इस वर्ष स्टार्ट अप ग्रांट मिली है। पूरे देश के राज्य विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षकों की संख्या अनुदान सूची में है। इसके अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक को दस-दस लाख रुपये शोध अनुदान मिला है।
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कार्यक्रम में वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, प्रो. मानस पांडे, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. राम नारायण, प्रो. अजय प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। स्टार्टअप ग्रांट मिलने पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों में इंजीनियरिंग संस्थान के भौतिकी विभाग के डॉ. मनीष प्रताप सिंह, प्रो. राजेंद्र सिंह भौतिकी अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. मिथिलेश यादव, भौतिकी विभाग के डॉ. आलोक वर्मा, भू एवं ग्रहीय विज्ञान के डॉ. श्रवण कुमार, नैनोसाइंस एवं तकनीकी केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुजीत कुमार चौरसिया, रिन्यूएबल एनर्जी केंद्र के डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी रहे।
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यह सम्मान उनकी लगन और तपस्या की देन है। उन्होंने युवा शिक्षकों को अनुदान मिलने पर बधाई दी, और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध में अपनी अहम भूमिका अदा करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक निरंतर देश के विभिन्न संस्थानों में शोध हेतु प्रोजेक्ट प्रेषित करते रहे। विश्वविद्यालय हर स्तर पर उनका सहयोग करेगा।
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इसके साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विश्वविद्यालय परिसर के सात शिक्षक स्टार्टअप ग्रांट मिलने पर सम्मानित हुए। देश में 145 शिक्षकों को इस वर्ष स्टार्ट अप ग्रांट मिली है। पूरे देश के राज्य विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षकों की संख्या अनुदान सूची में है। इसके अंतर्गत प्रत्येक शिक्षक को दस-दस लाख रुपये शोध अनुदान मिला है।
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कार्यक्रम में वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, प्रो. मानस पांडे, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. राम नारायण, प्रो. अजय प्रताप सिंह ने भी संबोधित किया। स्टार्टअप ग्रांट मिलने पर सम्मानित होने वाले शिक्षकों में इंजीनियरिंग संस्थान के भौतिकी विभाग के डॉ. मनीष प्रताप सिंह, प्रो. राजेंद्र सिंह भौतिकी अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. नितेश जायसवाल, डॉ. मिथिलेश यादव, भौतिकी विभाग के डॉ. आलोक वर्मा, भू एवं ग्रहीय विज्ञान के डॉ. श्रवण कुमार, नैनोसाइंस एवं तकनीकी केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सुजीत कुमार चौरसिया, रिन्यूएबल एनर्जी केंद्र के डॉ. धीरेंद्र कुमार चौधरी रहे।