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यूपी-टीईटी : बाल विकास, संस्कृत और गणित के प्रश्नों ने बढ़ाई चुनौती
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टीईटी परीक्षा केन्द्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी। संवाद
जौनपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता (यूपी-टीईटी) शुक्रवार को दो पालियों में संपन्न हुई। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पर्यावरण अध्ययन, गणित और बाल विकास एवं शिक्षण विधि से जुड़े प्रश्न चुनौतीपूर्ण रहे।
हिंदी और संस्कृत के प्रश्न भी काफी घुमावदार रहे। इन्हें हल करने में अधिक समय लगा। अभ्यर्थियों ने बताया कि बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, गणित तथा पर्यावरण अध्ययन से संबंधित प्रश्न पूछे गए।
इनमें पर्यावरण अध्ययन के कई प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को सबसे अधिक उलझाया। भाषा विषयों में संधि, विलोम, अपठित गद्यांश तथा व्याकरण आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक रही।
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वहीं गणित में साधारण ब्याज, लघुत्तम समापवर्त्य (एलसीएम) तथा घनाभ से जुड़े प्रश्न अपेक्षाकृत जटिल रहे। कुल मिलाकर प्रश्नपत्र का स्तर आसान से मध्यम रहा। हालांकि कुछ घुमावदार प्रश्नों ने समय प्रबंधन को प्रभावित किया।
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हिंदी और संस्कृत के प्रश्न भी काफी घुमावदार रहे। इन्हें हल करने में अधिक समय लगा। अभ्यर्थियों ने बताया कि बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू, गणित तथा पर्यावरण अध्ययन से संबंधित प्रश्न पूछे गए।
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इनमें पर्यावरण अध्ययन के कई प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को सबसे अधिक उलझाया। भाषा विषयों में संधि, विलोम, अपठित गद्यांश तथा व्याकरण आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक रही।
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वहीं गणित में साधारण ब्याज, लघुत्तम समापवर्त्य (एलसीएम) तथा घनाभ से जुड़े प्रश्न अपेक्षाकृत जटिल रहे। कुल मिलाकर प्रश्नपत्र का स्तर आसान से मध्यम रहा। हालांकि कुछ घुमावदार प्रश्नों ने समय प्रबंधन को प्रभावित किया।