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यूपी पुलिस ने दस घंटे में किशोरियों को ढूंढा, हीरोइन बनने जा रहीं थीं मुंबई, आगरा से हुई बरामदगी 

Fri, 15 Jan 2021 12:32 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 15 Jan 2021 12:32 AM IST
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UP police found teenagers in ten hours
पुलिस - फोटो : अमर उजाला

जौनपुर जिले के खुटहन थाना क्षेत्र से लापता तीन किशोरियों को दस घंटे में ही ढूंढने वाली पुलिस टीम को एसपी राजकरन नय्यर ने दस हजार का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस और सर्विलांस टीम की मदद से तीनों किशोरियों को आगरा से आगे यमुना एक्सप्रेस वे पर एक बस से बरामद किया गया था।

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एसपी ने बताया कि खुटहन पुलिस को 12 जनवरी की रात दस बजे सूचना मिली कि घर से विद्यालय के लिए निकली तीन किशोरियां घर नहीं लौटीं। पुलिस ने केस दर्ज कर खोजबीन शुरू की। परिजनों से पुलिस को जानकारी मिली कि एक किशोरी के पास मोबाइल फोन है। उस मोबाइल नंबर को सर्विलांस सेल को भेजा गया।
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रात करीब साढ़े 10 बजे मोबाइल की लोकेशन कानपुर में मिली। फिर मोबाइल बंद हो गया। एसपी ने फौरन एक टीम को कानपुर व एक टीम को दिल्ली इस शक पर रवाना किया कि कही बच्चियां दिल्ली तो नहीं जा रही हैं। सर्विलांस सेल को अगले दिन सुबह करीब 07.30 बजे मोबाइल फोन की लोकेशन एक बार पुन: आगरा के पास मिली।
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आगरा व नोएडा पुलिस की मदद से यमुना एक्सप्रेसवे पर कानपुर से जाने वाली सभी बसों की सघन तलाशी के दौरान 10 घंटे में ही तीनों लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। उन्हें वापस लाकर, उनका बयान दर्ज व मेडिकल करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया। 
 

घर वाले पढ़ाई के लिए बनाते थे दबाव, इसलिए भागीं
तीनों किशोरियां आठवीं कक्षा की छात्रा हैं। उनकी उम्र करीब 15 वर्ष है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह स्वेच्छा से घर से निकली थीं। उनका मन पढ़ाई में नहीं लगता था। वह हीरोइन बनना चाहती हैं। अपने सपने साकार करने के लिए मुंबई जा रही थी। उनके पास मात्र ढाई हजार रुपये थे। उनका कहना था कि उनके घर वाले बार-बार उन्हें पढ़ाई के लिए कहते थे। उन्हें लगा कि घर रहकर अपने सपने साकार नहीं कर पाएगी। मुंबई आधुनिक शहर है, वहां जाकर वे अपने सपने पूरे कर सकती हैं। 

बच्चों की निगरानी रखें अभिभावक 
एसपी राजकरन नय्यर ने कहा है कि अभिभावक बच्चों को मोबाइल दे रहे हैं तो इस पर भी ध्यान दें कि बच्चा उसका किस तरह प्रयोग कर रहा है। अभिभावक के लिए बहुत जरूरी है कि बच्चों से संपर्क बनाकर रखें। उनसे जाने वह क्या सोच रहे हैं, उनके दिमाग में क्या चल रहा है।

एसपी ने बच्चों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय सतर्क रहें, सोशल मीडिया के माध्यम से यदि कोई व्यक्ति उनसे संपर्क कर कहीं बुलाता है तो इसकी सूचना अपने अभिभावक को अवश्य दें । कोई भी अपराधी बच्चों का गलत इस्तेमाल कर सकता है। उन्हें गलत कार्यों में लगा सकता है। बच्चों के मन में क्या चल रहा है उसे अपने अभिभावक से अवश्य बताएं। 

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