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पुजारी की हत्या में दो को उम्रकैद की सजा
Two sentenced to life imprisonment in the murder of priest
Updated Sat, 07 Nov 2015 12:26 AM IST
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भुलईपुर में 12 वर्ष पूर्व रामजानकी मंदिर की संपत्ति के विवाद में पुजारी की हत्या के मामले में शुक्रवार को एडीजे प्रथम नसीर अहमद ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
भुलईपुर निवासी लक्ष्मण राम वर्मा ने मड़ियाहूं थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रामजानकी मंदिर की संपत्ति के विवाद में मनीपुर निवासी अवध बिहारी और भवानीपुर निवासी लल्लन पटेल ने 20 अप्रैल 2003 को पुजारी रामजीत दास को सोते
समय लाठियों से पीटकर घायल कर दिया था। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अतुल कुमार
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श्रीवास्तव और लालमणि मिश्र ने छह गवाह न्यायालय में पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अवध बिहारी और लल्लन पटेल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की
सजा सुनाई। पुजारी का वारिस नहीं होने के कारण जुर्माने की राशि सरकारी खजाने में जमा कराने का आदेश दिया। जुर्माना नहीं देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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भुलईपुर निवासी लक्ष्मण राम वर्मा ने मड़ियाहूं थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रामजानकी मंदिर की संपत्ति के विवाद में मनीपुर निवासी अवध बिहारी और भवानीपुर निवासी लल्लन पटेल ने 20 अप्रैल 2003 को पुजारी रामजीत दास को सोते
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समय लाठियों से पीटकर घायल कर दिया था। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अतुल कुमार
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श्रीवास्तव और लालमणि मिश्र ने छह गवाह न्यायालय में पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अवध बिहारी और लल्लन पटेल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की
सजा सुनाई। पुजारी का वारिस नहीं होने के कारण जुर्माने की राशि सरकारी खजाने में जमा कराने का आदेश दिया। जुर्माना नहीं देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।