{"_id":"67b8c2429ed23e7e7c02d198","slug":"two-policemen-found-guilty-of-culpable-homicide-get-5-years-imprisonment-jaunpur-news-c-193-1-jon1001-130113-2025-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: गैर इरादतन हत्या में दोषी दो सिपािहयों को 5 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: गैर इरादतन हत्या में दोषी दो सिपािहयों को 5 साल की सजा
विज्ञापन
अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा देव की अदालत में गैर इरादतन हत्या मामले में दोषी सिपाही राजेंद्र प्रसाद और शेषमणि निवासी मिर्जापुर को पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई।
साथ ही 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट आदेशानुसार, अर्थदंड में से आधी धनराशि वादिनी को देने का आदेश दिया। घटना के समय दोनों सिपाही जफराबाद थाने में तैनात थे।
मृतक अरविंद की मां कलावती के प्रार्थना पत्र पर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर जफराबाद थाने में 16 अप्रैल 2002 को मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वादिनी के अनुसार 15 अप्रैल 2002 को पति राम अवध और बेटे राकेश का आरोपी वशिष्ठ मुनि तिवारी से थ्रेसिंग को लेकर विवाद हुआ था। वशिष्ठ ने रिपोर्ट केस दर्ज कराया।
विज्ञापन
इसके बाद उसदिन प्रातः 7:00 बजे जफराबाद थाने के दो सिपाही राजेंद्र प्रसाद तिवारी एवं शेषमणि पांडेय वादिनी के बेटे अरविंद व रामकुमार को पड़कर मारते हुए थाने ले गए। शाम को 6 बजे अरविंद घर आया। खाना खाकर अपनी चाय की दुकान पर चला गया। रात 9 बजे रामकुमार को पुलिस पुनः पकड़कर चौकी पर ले गई। चौकी पर घर के लोग गए। लौट कर चाय की दुकान के सामने पहुंचे तो देखा आरोपी शेषमणि, राजेंद्र एवं वशिष्ठ उसके लड़के अरविंद का गला दबा रहे थे।
लाइट की रोशनी में लड़के को मारते हुए देखा। लड़के को बंगाली डॉक्टर के पास ले गए। वहां से जिला चिकित्सालय ले आए। जहां डॉक्टर ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। आरोपी वशिष्ठ की इस दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई। कोर्ट ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी सिपाही राजेंद्र प्रसाद निवासी ग्राम सरोई थाना विंध्याचल, मिर्जापुर व शेषमणि निवासी ग्राम बरकछा थाना कोतवाली मिर्जापुर को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए पांच साल की सजा सुनाई।
विज्ञापन
साथ ही 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट आदेशानुसार, अर्थदंड में से आधी धनराशि वादिनी को देने का आदेश दिया। घटना के समय दोनों सिपाही जफराबाद थाने में तैनात थे।
विज्ञापन
मृतक अरविंद की मां कलावती के प्रार्थना पत्र पर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर जफराबाद थाने में 16 अप्रैल 2002 को मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वादिनी के अनुसार 15 अप्रैल 2002 को पति राम अवध और बेटे राकेश का आरोपी वशिष्ठ मुनि तिवारी से थ्रेसिंग को लेकर विवाद हुआ था। वशिष्ठ ने रिपोर्ट केस दर्ज कराया।
विज्ञापन
इसके बाद उसदिन प्रातः 7:00 बजे जफराबाद थाने के दो सिपाही राजेंद्र प्रसाद तिवारी एवं शेषमणि पांडेय वादिनी के बेटे अरविंद व रामकुमार को पड़कर मारते हुए थाने ले गए। शाम को 6 बजे अरविंद घर आया। खाना खाकर अपनी चाय की दुकान पर चला गया। रात 9 बजे रामकुमार को पुलिस पुनः पकड़कर चौकी पर ले गई। चौकी पर घर के लोग गए। लौट कर चाय की दुकान के सामने पहुंचे तो देखा आरोपी शेषमणि, राजेंद्र एवं वशिष्ठ उसके लड़के अरविंद का गला दबा रहे थे।
लाइट की रोशनी में लड़के को मारते हुए देखा। लड़के को बंगाली डॉक्टर के पास ले गए। वहां से जिला चिकित्सालय ले आए। जहां डॉक्टर ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। आरोपी वशिष्ठ की इस दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई। कोर्ट ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी सिपाही राजेंद्र प्रसाद निवासी ग्राम सरोई थाना विंध्याचल, मिर्जापुर व शेषमणि निवासी ग्राम बरकछा थाना कोतवाली मिर्जापुर को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए पांच साल की सजा सुनाई।