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जौनपुर जेल में बंदियों के दो गुट भिड़े, भारी फोर्स पहुंची

Tue, 05 Jan 2021 12:47 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 12:47 AM IST
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Two groups of prisoners clashed in Jaunpur jail, heavy force reached
जिला कारागार में बंदियों के दो गुट में हुई मारपीट की सूचना पर फोर्स लेकर जेल में जाते एसपी सिटी डा - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जिला जेल में सोमवार को बंदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। मारपीट की सूचना पर एएसपी सिटी डॉ संजय कुमार के नेतृत्व में भारी फोर्स मौके पर पहुंची। एक-एक बैरक की तलाशी ली गई। एक स्थान पर ईंट-पत्थरों का ढेर मिला। इससे लगता है कि मारपीट की तैयारी पहले से ही की गई थी। सोमवार की दोपहर जेल अधीक्षक ने पुलिस अधीक्षक को फोन कर जेल में तत्काल पुलिस बल भेजने की मांग की। कुछ ही देर में एएसपी सिटी डॉ संजय कुमार, लाइन बाजार एसओ योगेंद्र यादव के नेतृत्व में शहर कोतवाली, लाइन बाजार, जफराबाद थाने की पुलिस और पीएसी के साथ जेल में पहुंचे। बैरकों की तलाशी शुरू की। जेल के अंदर मार्च किया। छानबीन के दौरान कुछ स्थानों पर बंदियों की ओर से ईंट पत्थर एकत्रित पाया गया। यह पत्थर एक बाउंड्रीवाल का था। करीब एक घंटे तक जांच के बाद एएसपी बाहर निकले। फोर्स अंदर ही डटी रही। एएसपी ने बताया कि बंदियों के बीच आपस में कहासुनी हुई थी। तत्काल फोर्स ने पहुंचकर स्थिति संभाल ली। कोई घायल नहीं हुआ है। विवाद क्यों और किसके बीच हुआ। इसकी रिपोर्ट जेल प्रशासन से मांगी गई है। जेलर राजकुमार का कहना है कि बंदियों के बीच कहासुनी होने लगी तो ऐहतियातन फोर्स को बुलाया गया था ताकि विवाद आगे न बढ़े। जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। सतर्कता बरती जा रही है।
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जेल में बंद हैं कई कुख्यात
जौनपुर जिला जेल सूबे की बेहद संवेदनशील जेलों में शामिल है। करीब डेढ़ सौ वर्ष पुरानी इस जेल में क्षमता से चार गुना अधिक बंदी-कैदी बंद हैं। इसमें श्रमजीवी विस्फोट कांड से जुड़े आतंकी समेत कई कुख्यात सजायाफ्ता और आरोपी भी बंद हैं। सुरक्षा के लिए बहुत कम बंदीरक्षक तैनात हैं। ऐसे में हमेशा खतरा बना रहता है। बंदियों के बीच टकराव के पहले भी कई मामले सामने आए हैं। वर्ष 2015 में दो गुटों में हिंसक झड़प हुई थी। मोबाइल फोन की बरामदगी के बाद बंदियों ने बंदीरक्षक पर हमला कर दिया था। एक बंदी रक्षक और दो बंदी घायल हुए थे। वर्ष 2019 में भी बंदियों में पान-गुटका के लिए भूख हड़ताल कर दी थी। जुलाई 2019 में संदिग्ध हाल में एक बंदी की मौत हुई थी।
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