जौनपुर। गोबरा गांव में लॉ के छात्र की हत्या के मामले में पुलिस कप्तान ने लापरवाही मानते हुए प्रभारी निरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही मड़ियाहूं कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह को नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। क्षेत्राधिकारी केराकत अजीत रजक ने बताया कि सच्चिदानंद मिश्र को पहले से ही जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, जिसकी सूचना पुलिस को एक्स के माध्यम से मिली थी। पुलिस ने तत्काल दोनों पक्षों को थाने बुलाया था, जिसमें पीड़ित सच्चिदानंद तो पहुंचे लेकिन आरोपी विष्णु मिश्र नहीं आया। 14 मार्च को पुलिस उसके घर भी पहुंची लेकिन वह नहीं मिला। आशनाई का मामला सामने आने पर पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी लेकिन अगले ही दिन 15 मार्च को सच्चिदानंद की हत्या कर दी गई। मामले में प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह, मुख्य आरक्षी राजकुमार यादव और आरक्षी विकास कन्नौजिया को निलंबित कर दिया गया है। एसपी डाॅ. कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि इन पुलिस कर्मियों को अपने कर्त्तव्य के प्रति घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। कलेक्ट्रेट अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष घनश्याम सिंह और महामंत्री मनोज कुमार मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय के सामने विरोध जताया। कार्रवाई की जानकारी दिए जाने पर वे शांत हुए। प्रदर्शनकारियों ने सच्चिदानंद मिश्र के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही मामले में लापरवाही करने वाले थानाध्यक्ष समेत दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने अधिवक्ताओं को थानाध्यक्ष के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जानकारी दी गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस मौके पर पूर्व महामंत्री ओम प्रकाश सिंह, राधेश्याम दूबे, आनंद मिश्रा, रजनीश शुक्ला, बृज मोहन शुक्ला, तारकेश्वर सिंह, संदीप सिंह, अनिल सिंह, राज बहादुर गौतम, प्रेम प्रसाद, प्रेम निषाद, अमरनाथ यादव आदि मौजूद रहे। चंदवक के गोबरा गांव में पत्नी से अवैध संबंध के शक में लॉ के छात्र की डंडे से पीट-पीटकर हत्या के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ ही नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड की साजिश मुंबई में रची गई थी। मामले में मुख्य आरोपी विष्णु मिश्र और ताड़कनाथ मिश्र को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सात आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विष्णु का भाई सूर्यकांत मिश्र मुंबई में रहता है। वह घटना से एक दिन पहले 14 मार्च को ही गांव आया था। परिजनों का आरोप है कि जमीन विवाद में अन्य आरोपियों पप्पू मिश्रा समेत कई लोगों ने इस विवाद का फायदा उठाकर हत्या की साजिश रची। पुलिस जांच में यह भी पाया गया कि घटना से पहले पांच आरोपी मुंबई में ही मौजूद थे। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ताड़कनाथ ने बताया कि उसने विष्णु और सूर्यकांत के कहने पर सच्चिदानंद को शराब पिलाने के बहाने अपनी पाही पर बुलाया था, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने डंडे से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। घटनास्थल से पुलिस को खून से सना डंडा, खून लगी शराब की बोतल और मृतक की बाइक बरामद हुई है। फोरेंसिक टीम ने देर रात तक मौके पर जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब फरार आरोपी सूर्यकांत मिश्र की तलाश में वाराणसी के शिवपुर, रामनगर और चंदौली के मुगलसराय सहित कई स्थानों पर दबिश दे रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि यदि आरोपी विष्णु की पत्नी मायके न गई होती, तो उसके साथ भी अनहोनी हो सकती थी। मृतक के फोन से मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी द्वारा लगातार गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की पुष्टि हुई है।