{"_id":"654a88804ff39f5a060b7a74","slug":"there-will-be-arrangements-for-on-call-duty-in-the-district-hospital-on-diwali-night-jaunpur-news-c-193-1-svns1025-7918-2023-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: दीपावली की रात जिला अस्पताल में ऑन काल ड्यूटी की होगी व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: दीपावली की रात जिला अस्पताल में ऑन काल ड्यूटी की होगी व्यवस्था
विज्ञापन
जौनपुर। दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान होने वाली घटनाओं के मद्देनजर जिला अस्पताल प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया है। जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में 11 बेड के साथ ही सीएचसी के इमरजेंसी में भी बेड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों को भी 24 घंटे ऑन काल ड्यूटी पर रहने को कहा गया है। दवाओं की व्यवस्था भी करा दी गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार राजकीय महिला अस्पताल में बर्न वार्ड तो नहीं है, लेकिन पटाखों से मामूली जले मरीजों के लिए इमरजेंसी में हरसंभव उपचार की व्यवस्था की जाएगी। ऑन काल विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपलब्ध होंगे। जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी में बर्न वार्ड में अलग से 10-10 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा गया है। बाजारों व कस्बों में भी चिह्नित स्थानों पर एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगे। ताकि हादसे की सूचना मिलने पर तत्काल घायलों की मदद की जा सके। विशेषज्ञ डॉक्टरों की छुट्टियां भी निरस्त कर उन्हें 24 घंटे ऑन काल उपलब्ध रहने को कहा गया है। सीएमएस डाॅ. केके राय का कहना है कि जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में 11 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। डाॅक्टरों की ड्यूटी लगाने के साथ ही दवाओं का प्रबंध भी कर दिया गया है। सीएमओ डॉ.लक्ष्मी सिंह का कहना है कि पटाखा जलाते समय असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है। पटाखा छुड़ाते समय जलने पर घबराए नहीं। शरीर के जले हुए हिस्से को 10 से 15 मिनट तक ठंडे पानी में भिगोकर रखने के बाद तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी में दस-दस बेड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल के चिकित्सकों को भी 24 घंटे ऑन काल ड्यूटी पर रहने को कहा गया है। दवाओं की व्यवस्था भी करा दी गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार राजकीय महिला अस्पताल में बर्न वार्ड तो नहीं है, लेकिन पटाखों से मामूली जले मरीजों के लिए इमरजेंसी में हरसंभव उपचार की व्यवस्था की जाएगी। ऑन काल विशेषज्ञ चिकित्सक भी उपलब्ध होंगे। जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी में बर्न वार्ड में अलग से 10-10 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा गया है। बाजारों व कस्बों में भी चिह्नित स्थानों पर एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगे। ताकि हादसे की सूचना मिलने पर तत्काल घायलों की मदद की जा सके। विशेषज्ञ डॉक्टरों की छुट्टियां भी निरस्त कर उन्हें 24 घंटे ऑन काल उपलब्ध रहने को कहा गया है। सीएमएस डाॅ. केके राय का कहना है कि जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में 11 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। डाॅक्टरों की ड्यूटी लगाने के साथ ही दवाओं का प्रबंध भी कर दिया गया है। सीएमओ डॉ.लक्ष्मी सिंह का कहना है कि पटाखा जलाते समय असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है। पटाखा छुड़ाते समय जलने पर घबराए नहीं। शरीर के जले हुए हिस्से को 10 से 15 मिनट तक ठंडे पानी में भिगोकर रखने के बाद तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी में दस-दस बेड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन