{"_id":"625323930c58877b520b4874","slug":"there-is-no-drinking-water-connection-in-12-thousand-houses-of-the-city-people-are-suffering-jaunpur-news-vns647631571","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर के 12 हजार मकानों में पेयजल कनेक्शन नहीं, लोग हो रहे हलाकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर के 12 हजार मकानों में पेयजल कनेक्शन नहीं, लोग हो रहे हलाकान
विज्ञापन
जौनपुर। शहर के 12 हजार मकानों में अभी तक पेयजल कनेक्शन नहीं है। इससे इन मकानों में रहने वाले तकरीबन 75 हजार लोगों को पेयजल के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी इस समय हो रही है। कारण भीषण गर्मी पड़ने के बावजूद पेयजल के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कोई आरओ का पानी मंगाकर प्रयोग कर रहा है तो अधिकांश लोग इंडिया मार्का टू हैंडपंप से पानी लेकर पीने को विवश हैं, लेकिन उनको सुबह उठकर पहले लाइन में लगाना पड़ रहा है। इसे लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में अभी भी पेयजल का संकट बना हुआ है। शहर में कुल 39 हजार मकान हैं, जिसमें से 27 हजार 313 मकानों में पेयजल कनेक्शन है। इन मकानों में पेयजल आपूर्ति के लिए 150 किमी पाइप बिछाई गई है। इसके अलावा, 24 बड़े और 80 छोटे नलकूप हैं। सात ओवरहेड टैंक मौजूद हैं, जिनसे तकरीबन ढाई लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध हो रहा है, लेकिन अभी भी 11 हजार 687 मकान पेयजल कनेक्शन विहीन हैं, जिससे इन मकानों में रहने वाले 75 हजार लोगों को पेयजल के संकट जूझना पड़ रहा है। इन लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पिछले साल दो अक्तूबर को प्रधानमंत्री की ओर से अमृत पेयजल योजना टू का शुभारंभ भी किया गया था। इस योजना के तहत पेयजल कनेक्शन करने की जिम्मेदारी जल निगम शहरी को दी गई है, लेकिन अभी तक इस योजना के तहत इन मकानों को पेयजल कनेक्शन नहीं किया जा सका है। इससे लोगों को पेयजल के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
योजना के तहत आठ नए वार्डों में भी पहुंचानी है पेयजल पाइप लाइन
जौनपुर। अमृत योजना टू के तहत शहर में बने आठ नए वार्डों में पेयजल पाइप लाइन पहुंचानी है, जिसमें चांदपुर, गंगा पट्टी, हरदीपुर, डेरायुसुफ, कलीचाबाद, मीरपुर, देवचंदपुर और सैदनपुर वार्ड है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अभी तक पेयजल पाइप लाइन नहीं पहुंचाया जा सका है। इन वार्डों के लोगों को भी पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अमृत पेयजल योजना टू के तहत पेयजल कनेक्शन होने की जानकारी मिली तो मैं बहुत खुश हुआ, लेकिन अभी तक पेयजल कनेक्शन नहीं हो पाया है, जिससे दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आरओ का पानी मंगाकर पीने को विवश हैं, जिससे आर्थिक चपत भी लग रही है। शीघ्र पेयजल कनेक्शन होना चाहिए। - देवराज गुप्ता
पेयजल कनेक्शन नहीं होने के कारण सुबह उठकर पहले हैंडपंप पर लाइन लगाना पड़ता है। घंटों लाइन में खड़ा होकर अपनी पारी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे दिक्कत होती है। जरूरी काम भी समय से नहीं हो पाते हैं। इसे लेकर कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। - तालिब अब्बास
वर्जन
जिन मकानों में पेयजल कनेक्शन नहीं है, ऐसे मकानों में अमृत पेयजल योजना टू के तहत पेयजल कनेक्शन करने का कार्य जल निगम शहर की ओर से किया जा रहा है। इसके बाद इन मकानों में रहने वाले लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल जाएगी। इस समय तकरीब 11 हजार 687 मकानों में पेयजल कनेक्शन नहीं है। - उमेश प्रसाद, एई जलकर
विज्ञापन
सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में अभी भी पेयजल का संकट बना हुआ है। शहर में कुल 39 हजार मकान हैं, जिसमें से 27 हजार 313 मकानों में पेयजल कनेक्शन है। इन मकानों में पेयजल आपूर्ति के लिए 150 किमी पाइप बिछाई गई है। इसके अलावा, 24 बड़े और 80 छोटे नलकूप हैं। सात ओवरहेड टैंक मौजूद हैं, जिनसे तकरीबन ढाई लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध हो रहा है, लेकिन अभी भी 11 हजार 687 मकान पेयजल कनेक्शन विहीन हैं, जिससे इन मकानों में रहने वाले 75 हजार लोगों को पेयजल के संकट जूझना पड़ रहा है। इन लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पिछले साल दो अक्तूबर को प्रधानमंत्री की ओर से अमृत पेयजल योजना टू का शुभारंभ भी किया गया था। इस योजना के तहत पेयजल कनेक्शन करने की जिम्मेदारी जल निगम शहरी को दी गई है, लेकिन अभी तक इस योजना के तहत इन मकानों को पेयजल कनेक्शन नहीं किया जा सका है। इससे लोगों को पेयजल के लिए दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
योजना के तहत आठ नए वार्डों में भी पहुंचानी है पेयजल पाइप लाइन
जौनपुर। अमृत योजना टू के तहत शहर में बने आठ नए वार्डों में पेयजल पाइप लाइन पहुंचानी है, जिसमें चांदपुर, गंगा पट्टी, हरदीपुर, डेरायुसुफ, कलीचाबाद, मीरपुर, देवचंदपुर और सैदनपुर वार्ड है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अभी तक पेयजल पाइप लाइन नहीं पहुंचाया जा सका है। इन वार्डों के लोगों को भी पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अमृत पेयजल योजना टू के तहत पेयजल कनेक्शन होने की जानकारी मिली तो मैं बहुत खुश हुआ, लेकिन अभी तक पेयजल कनेक्शन नहीं हो पाया है, जिससे दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आरओ का पानी मंगाकर पीने को विवश हैं, जिससे आर्थिक चपत भी लग रही है। शीघ्र पेयजल कनेक्शन होना चाहिए। - देवराज गुप्ता
पेयजल कनेक्शन नहीं होने के कारण सुबह उठकर पहले हैंडपंप पर लाइन लगाना पड़ता है। घंटों लाइन में खड़ा होकर अपनी पारी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे दिक्कत होती है। जरूरी काम भी समय से नहीं हो पाते हैं। इसे लेकर कई बार जिम्मेदारों से शिकायत की, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। - तालिब अब्बास
वर्जन
जिन मकानों में पेयजल कनेक्शन नहीं है, ऐसे मकानों में अमृत पेयजल योजना टू के तहत पेयजल कनेक्शन करने का कार्य जल निगम शहर की ओर से किया जा रहा है। इसके बाद इन मकानों में रहने वाले लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल जाएगी। इस समय तकरीब 11 हजार 687 मकानों में पेयजल कनेक्शन नहीं है। - उमेश प्रसाद, एई जलकर