{"_id":"60806e0b8ebc3e8d927d4b11","slug":"the-young-man-died-in-the-lap-of-the-mother-at-the-hospital-gate-jaunpur-news-vns5861487130","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल के गेट पर मां की गोद में युवक ने तोड़ा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल के गेट पर मां की गोद में युवक ने तोड़ा दम
विज्ञापन
शाहगंज। इलाज के अभाव में जौनपुर के एक युवक की वाराणसी में मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब शाहगंज में भी एक युवक ने अस्पताल की चौखट पर मां की गोंद में तड़पकर दम तोड़ लिया। बेटे के इलाज के लिए मां काफी देर तक भटकती रही। जब सीएचसी पहुंची तो यहां उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई। डॉक्टर मौत की वजह हृदयाघात बता रहे हैं। हालांकि पोस्टमार्टम कराए बिना शव देकर परिजनों को घर भेज दिया गया।
सरपतहां थाना अंतर्गत रुधौली गांव के मिर्जापुर पुरवा निवासी सिकंदर (30) काफी समय से बीमार था। उसका उपचार आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उपचार में काफी पैसा खर्च होने के बाद जब परिजन लाचार हो गए तो युवक को डिस्चार्ज कर दिया गया। आसनसोल-गोंडा एक्सप्रेस ट्रेन से बेटे को लेकर मां शारदा शाहगंज स्टेशन पर उतरी। दोनों यहां से घर की ओर रवाना हुए। तभी अचानक बेटे की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। बेटे को लेकर मां नजदीकी अस्पतालों में पहुंची, मगर कहीं भी त्वरित उपचार नहीं मिला। करीब आधे घंटे बाद वह सीएचसी पहुंची। मरीज को अस्पताल के अंदर ले जाकर उपचार की तैयारी चल रही थी, तब तक सिकंदर की मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से बेसुध मां का रो-रोकर बुरा हाल था। इस बाबत चिकित्साधीक्षक डॉ. रफीक फारुकी के बताया कि युवक अतिगंभीर अवस्था में लाया गया था। उसे रेफर करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान चिकित्सालय गेट पर ही उसे संभवत: हृदयाघात से मृत्यु हो गई। कोरोना पॉजिटिव का कंफर्म केस नहीं था। लिहाजा कोरोना प्रोटोकोल नहीं लागू किया गया। शव परिजन को सौंप दिया गया।
विज्ञापन
सरपतहां थाना अंतर्गत रुधौली गांव के मिर्जापुर पुरवा निवासी सिकंदर (30) काफी समय से बीमार था। उसका उपचार आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। उपचार में काफी पैसा खर्च होने के बाद जब परिजन लाचार हो गए तो युवक को डिस्चार्ज कर दिया गया। आसनसोल-गोंडा एक्सप्रेस ट्रेन से बेटे को लेकर मां शारदा शाहगंज स्टेशन पर उतरी। दोनों यहां से घर की ओर रवाना हुए। तभी अचानक बेटे की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। बेटे को लेकर मां नजदीकी अस्पतालों में पहुंची, मगर कहीं भी त्वरित उपचार नहीं मिला। करीब आधे घंटे बाद वह सीएचसी पहुंची। मरीज को अस्पताल के अंदर ले जाकर उपचार की तैयारी चल रही थी, तब तक सिकंदर की मौत हो गई। जवान बेटे की मौत से बेसुध मां का रो-रोकर बुरा हाल था। इस बाबत चिकित्साधीक्षक डॉ. रफीक फारुकी के बताया कि युवक अतिगंभीर अवस्था में लाया गया था। उसे रेफर करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान चिकित्सालय गेट पर ही उसे संभवत: हृदयाघात से मृत्यु हो गई। कोरोना पॉजिटिव का कंफर्म केस नहीं था। लिहाजा कोरोना प्रोटोकोल नहीं लागू किया गया। शव परिजन को सौंप दिया गया।
विज्ञापन