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चाचा न मिला तो किशोर को ही ले गई एसटीएफ

Tue, 16 Jun 2015 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर Updated Tue, 16 Jun 2015 12:39 AM IST
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The uncle did not take the juvenile STF
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापम घोटाले की जांच कर रही एमपी एसटीएफ जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र के भोगीपुर कठार गांव के आरोपी चाचा के बजाए उसके भतीजे को ही उठा ले गई।
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 मध्य प्रदेश की एसटीएफ जिस किशोर को यहां से ले गई है उसके घर वालों ने सोमवार को एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। कहा कि आखिर गुनाह किसी और ने किया और सजा किसी और को क्यों दी जा रही है।
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महराजगंज थाना क्षेत्र के भोगीपुर कठार गांव निवासी मो. कलीम कानपुर के एक कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाला मामले की जांच कर रही एसटीएफ की जांच में मो. कलीम का भी नाम सामने आया है।
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मो. कलीम की गिरफ्तारी के लिए वहां की एसटीएफ 30 मार्च से लेकर नौ जून के बीच छह बार भोगीपुर कठार गांव आकर दबिश दी, लेकिन मो. कलीम नहीं मिला।

वह उस कालेज से भी गायब हो गया है जहां से एमबीबीएस कर रहा था। नौ जून को छठवीं बार यहां आई एमपी की एसटीएफ, महिला पुलिस बल के साथ पहुंची थी। घर के अंदर तक तलाशी ली।


आरोपी युवक नहीं मिला तो उसके भतीजे शहंशाह (15) को उठा ले गई। शहंशाह की मां जमीला अंसारी सोमवार को ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर पत्रक सौंपा।

 उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कहा कि उनका बेटा नाबालिग है और कलीम के परिवार से वह कई सालों से अलग रहती है। बावजूद इसके भी एसटीएफ रात में छापेमारी कर उनके बेटे को उठा ले गई। उसने आरोप लगाया है कि एमपी एसटीएफ गलत तरीके से उनके बेटे को बंधक बनाए हुए है।
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