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जांच में पहुंचे एडीएम से बोले परिजन, न्याय नहीं मिला तो देंगे जान
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बक्शा क्षेत्र के चक मिर्जापुर गांव में मृतक किशन उर्फ पुजारी के परिजनों को सांत्वना देने पंहुची ?
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। पुलिस हिरासत में हुई किशन यादव के मौत की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। एडीएम वित्त रामप्रकाश ने गांव पहुंचकर परिवार और ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उस स्थान तक भी पहुंचकर पूछताछ की, जहां से किशन को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस दौरान परिवार वालों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या को मजबूर होंगे। उधर, बक्शा थाने पहुंचकर एएसपी ग्रामीण ने भी पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की।
बक्शा थाने में बृहस्पतिवार की रात कृष्णा उर्फ किशन उर्फ पुजारी यादव की मौत हो गई थी। पुलिस ने उसे लूट के मामले में हिरासत में लिया था। परिजनों ने थाने में पुलिस पर पिटाई से मौत का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जमकर बवाल किया था। इसके बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू की है। बतौर जांच अधिकारी एडीएम वित्त रामप्रकाश शनिवार को दोपहर बाद चकमिर्जापुर गांव पहुंचे। मृतक के बड़े भाई अजय यादव, भाभी और परिवार के अन्य लोगों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि किशन किसी अपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं रहा। पुलिस उसे कुछ लोगों के इशारे पर फंसा रही है।
एडीएम ने किशन की मां सुरसती देवी से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन बेटे के गम में रो-रोकर बेहाल मां सवालों का जवाब दे पाने की स्थिति में नहीं थी। चचेरे भाई प्रमोद ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए। दोषी पुलिसकर्मियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। अगर न्याय नहीं मिला तो परिवार के लोग आत्महत्या को मजबूर होंगे। एडीएम ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। घर के बाद वह सीधे गांव के बाहर स्थित डेयरी पर पहुंचे और वहां के लोगों से पूछताछ की। एडीएम रामप्रकाश ने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच के पहले दिन गांव पहुंचकर जानकारी ली गई है। हर पहलू को खंगाला जा रहा है। इस मामले में कोई भी कुछ कहना चाहता है या साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता है तो वह 25 फरवरी तक किसी भी कार्यदिवस में सुबह 10 से अपराह्न 2 बजे तक उन्हें उपलब्ध करा सकता है। जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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बेटे के जख्म देख पिता की बिगड़ी तबीयत
मां का भी रो-रोकर बुरा हाल, आईजी ने दिया न्याय का भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। किशन यादव के शव का अंतिम संस्कार रात दस बजे रामघाट पर किया गया। शव को चिता पर ले जाने के लिए जब कपड़े हटाए गए तो चोट के निशान देख पिता तिलकधारी यादव गश खाकर गिर पड़े। उन्हें पहले से ही हार्ट और शुगर की बीमारी है। आनन-फानन पुलिस और प्रशासन के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। वहां उपचार के बाद तबीयत में कुछ सुधार हुआ।
पिता की बीमारी के चलते बड़े भाई अजय ने किशन के शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान आईजी विजय सिंह मीणा भी मौजूद रहे। उन्होंने परिवारवालों को ढांढ़स बंधाते हुए जांच में दोषी मिले लोगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। उधर, सुबह शोक जताने चकमिर्जापुर गांव में सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। गांव में दूर से ही परिजनों के रोने-बिलखने की आवाज सुनाई दे रही थी। मां सुरसती देवी बार-बार बेटे का नाम पुकारते हुए विलाप कर रही थीं। पास-पड़ोस की अन्य महिलाएं उन्हें ढांढ़स बंधाने की कोशिश करती रहीं। शनिवार को भी पिता की तबीयत ठीक नहीं रही। अंतिम संस्कार के दौरान सपा जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, हिसामुद्दीन, श्याम बहादुर पाल, पूनम मौर्य, राहुल त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर फोर्स तैनात
बक्शा। चकमिर्जापुर गांव में घटना के दूसरे दिन भी भारी फोर्स तैनात रही। गांव में प्रवेश मार्ग से लेकर घर तक जगह-जगह पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। आने-जाने वालों से पूछताछ की जा रही थी। उधर, बक्शा थाने पर भी दूसरे दिन फोर्स डटी रही। सरायख्वाजा, केराकत, बदलापुर थाने की पुलिस यहां तैनात की गई है।
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सदन में उठाऊंगी मामला: सुषमा
सिकरारा। चकमिर्जापुर गांव में शोक संवेदना जताने पहुंचीं मुंगराबादशाहपुर की बसपा विधायक सुषमा पटेल ने मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही। परिजनों से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि 18 फरवरी को विधानसभा सत्र में यह मामला रखूंगी। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा। भाजपा सरकार में पुलिस पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। उन्होंने सरकार से सहायता राशि की मांग की।
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एएसपी ने थाने पहुंच की जांच
बक्शा। हिरासत में मौत के मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच एएसपी ग्रामीण त्रिभुवन सिंह को सौंपी गई है। वह शनिवार को सुबह से ही सीओ रणविजय सिंह के साथ थाना परिसर में मौजूद रहे। घटना से पहले और बाद की हर पहलू के बारे में जानकारी ली। इंस्पेक्टर वशिष्ठ नारायण सिंह व मौजूद एसआई से अलग-अलग वार्ता की। हालांकि इस संबंध में कोई भी पुलिसकर्मी कुछ भी बताने से बचता रहा। जांच प्रभावित न हो, इसलिए एसपी ने थाना प्रभारी अजय सिंह, कांस्टेबल कमल बिहारी, जितेंद्र कुमार और राजकुमार वर्मा को पहले ही निलंबित कर दिया है।
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जाम लगाने के आरोप में डेढ़ सौ लोगों पर केस
बक्शा। किशन यादव की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद जाम लगाने वाले डेढ़ सौ लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। लाइन बाजार एसओ योगेंद्र यादव की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। सभी के विरुद्ध बलवा, पुलिस पर हमला सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में मृतक के बड़े भाई की ओर से एसओजी टीम, थाना प्रभारी अजय सिंह और हमराहियों पर केस दर्ज किया गया है।
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सपा का प्रतिनिधिमंडल आज गांव जाएगा
जौनपुर। चकमिर्जापुर गांव निवासी किशन यादव की मौत के मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जांच दल गठित किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के नेतृत्व में गठित दल में शाहगंज विधायक व पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, मछलीशहर विधायक व पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर, मल्हनी विधायक लकी यादव, पूर्व सांसद तूफानी सरोज, पूर्व विधायक राजनारायण बिंद, पूर्व ओमप्रकाश दुबे, जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष मो. आजम खान, जिला महासचिव हिसामुद्दीन, श्याम बहादुर पाल शामिल होंगे। यह दल पूरे मामले की जांच कर प्रदेश कार्यालय को रिपोर्ट देगी।
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बक्शा थाने में बृहस्पतिवार की रात कृष्णा उर्फ किशन उर्फ पुजारी यादव की मौत हो गई थी। पुलिस ने उसे लूट के मामले में हिरासत में लिया था। परिजनों ने थाने में पुलिस पर पिटाई से मौत का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जमकर बवाल किया था। इसके बाद डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मजिस्ट्रियल जांच शुरू की है। बतौर जांच अधिकारी एडीएम वित्त रामप्रकाश शनिवार को दोपहर बाद चकमिर्जापुर गांव पहुंचे। मृतक के बड़े भाई अजय यादव, भाभी और परिवार के अन्य लोगों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि किशन किसी अपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं रहा। पुलिस उसे कुछ लोगों के इशारे पर फंसा रही है।
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मां का भी रो-रोकर बुरा हाल, आईजी ने दिया न्याय का भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। किशन यादव के शव का अंतिम संस्कार रात दस बजे रामघाट पर किया गया। शव को चिता पर ले जाने के लिए जब कपड़े हटाए गए तो चोट के निशान देख पिता तिलकधारी यादव गश खाकर गिर पड़े। उन्हें पहले से ही हार्ट और शुगर की बीमारी है। आनन-फानन पुलिस और प्रशासन के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। वहां उपचार के बाद तबीयत में कुछ सुधार हुआ।
पिता की बीमारी के चलते बड़े भाई अजय ने किशन के शव को मुखाग्नि दी। इस दौरान आईजी विजय सिंह मीणा भी मौजूद रहे। उन्होंने परिवारवालों को ढांढ़स बंधाते हुए जांच में दोषी मिले लोगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। उधर, सुबह शोक जताने चकमिर्जापुर गांव में सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। गांव में दूर से ही परिजनों के रोने-बिलखने की आवाज सुनाई दे रही थी। मां सुरसती देवी बार-बार बेटे का नाम पुकारते हुए विलाप कर रही थीं। पास-पड़ोस की अन्य महिलाएं उन्हें ढांढ़स बंधाने की कोशिश करती रहीं। शनिवार को भी पिता की तबीयत ठीक नहीं रही। अंतिम संस्कार के दौरान सपा जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, हिसामुद्दीन, श्याम बहादुर पाल, पूनम मौर्य, राहुल त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर फोर्स तैनात
बक्शा। चकमिर्जापुर गांव में घटना के दूसरे दिन भी भारी फोर्स तैनात रही। गांव में प्रवेश मार्ग से लेकर घर तक जगह-जगह पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। आने-जाने वालों से पूछताछ की जा रही थी। उधर, बक्शा थाने पर भी दूसरे दिन फोर्स डटी रही। सरायख्वाजा, केराकत, बदलापुर थाने की पुलिस यहां तैनात की गई है।
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सदन में उठाऊंगी मामला: सुषमा
सिकरारा। चकमिर्जापुर गांव में शोक संवेदना जताने पहुंचीं मुंगराबादशाहपुर की बसपा विधायक सुषमा पटेल ने मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही। परिजनों से मिलकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि 18 फरवरी को विधानसभा सत्र में यह मामला रखूंगी। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा। भाजपा सरकार में पुलिस पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। उन्होंने सरकार से सहायता राशि की मांग की।
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एएसपी ने थाने पहुंच की जांच
बक्शा। हिरासत में मौत के मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच एएसपी ग्रामीण त्रिभुवन सिंह को सौंपी गई है। वह शनिवार को सुबह से ही सीओ रणविजय सिंह के साथ थाना परिसर में मौजूद रहे। घटना से पहले और बाद की हर पहलू के बारे में जानकारी ली। इंस्पेक्टर वशिष्ठ नारायण सिंह व मौजूद एसआई से अलग-अलग वार्ता की। हालांकि इस संबंध में कोई भी पुलिसकर्मी कुछ भी बताने से बचता रहा। जांच प्रभावित न हो, इसलिए एसपी ने थाना प्रभारी अजय सिंह, कांस्टेबल कमल बिहारी, जितेंद्र कुमार और राजकुमार वर्मा को पहले ही निलंबित कर दिया है।
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जाम लगाने के आरोप में डेढ़ सौ लोगों पर केस
बक्शा। किशन यादव की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद जाम लगाने वाले डेढ़ सौ लोगों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। लाइन बाजार एसओ योगेंद्र यादव की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। सभी के विरुद्ध बलवा, पुलिस पर हमला सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में मृतक के बड़े भाई की ओर से एसओजी टीम, थाना प्रभारी अजय सिंह और हमराहियों पर केस दर्ज किया गया है।
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सपा का प्रतिनिधिमंडल आज गांव जाएगा
जौनपुर। चकमिर्जापुर गांव निवासी किशन यादव की मौत के मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जांच दल गठित किया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के नेतृत्व में गठित दल में शाहगंज विधायक व पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, मछलीशहर विधायक व पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर, मल्हनी विधायक लकी यादव, पूर्व सांसद तूफानी सरोज, पूर्व विधायक राजनारायण बिंद, पूर्व ओमप्रकाश दुबे, जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष मो. आजम खान, जिला महासचिव हिसामुद्दीन, श्याम बहादुर पाल शामिल होंगे। यह दल पूरे मामले की जांच कर प्रदेश कार्यालय को रिपोर्ट देगी।

पुलिस हिरासत में किशन उर्फ पुजारी की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। सवांद- फोटो : JAUNPUR