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गरीबों, बेसहारों के मसीहा थे बाबा संत गाडगे
jaunpur
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:55 AM IST
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संत गाडगे जयंती पर नगर में शोभायात्रा निकालते लोग।
- फोटो : jounpur
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जिला धोबी कल्याण समिति द्वारा गुरुवार को हिंदी भवन में बाबा संत गाडगे की 141वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान बैंड बाजा, रथ व झांकी के साथ शोभा यात्रा भंडारी स्टेशन से निकलकर हिंदी भवन में पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गई।
मुख्य अतिथि निखिलेश सिंह ने कहा कि बाबा संत गाडगे राष्ट्रीय संत थे। वे दलितों, गरीबों व बेसहारों के मसीहा थे। विशिष्ठ अतिथि कृषि वैज्ञानिक डा. संदीप कुमार व डा. मातादीन ने कहा कि बाबा संत गाडगे ने अपने संदेश में कहा था कि दलितों, गरीबों व बेसहारों की सेवा ही सच्चा धर्म है। इस अवसर पर सुरेंद्र प्रताप कन्नौजिया, डा. संजय कुमार, संतलाल, डा. रमेश आदि रहे। उधर डा. बीआर अंबेडकर पुस्तकालय एवं सामाजिक समिति दीवानी तिराहा द्वारा बाबा संत गाडगे की जयंती मनाई गई। डा.लालमणि, मनराज आदि रहे।
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मुख्य अतिथि निखिलेश सिंह ने कहा कि बाबा संत गाडगे राष्ट्रीय संत थे। वे दलितों, गरीबों व बेसहारों के मसीहा थे। विशिष्ठ अतिथि कृषि वैज्ञानिक डा. संदीप कुमार व डा. मातादीन ने कहा कि बाबा संत गाडगे ने अपने संदेश में कहा था कि दलितों, गरीबों व बेसहारों की सेवा ही सच्चा धर्म है। इस अवसर पर सुरेंद्र प्रताप कन्नौजिया, डा. संजय कुमार, संतलाल, डा. रमेश आदि रहे। उधर डा. बीआर अंबेडकर पुस्तकालय एवं सामाजिक समिति दीवानी तिराहा द्वारा बाबा संत गाडगे की जयंती मनाई गई। डा.लालमणि, मनराज आदि रहे।
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