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तीसरे दिन वापस लौट गई जांच टीम
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जौनपुर। शहर में बन रहे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और सीवर पाइप डालने में अनियमितता और मानक की अनेदखी करने की शिकायत की जांच करने के बाद तीसरे दिन बृहस्पतिवार को टीम वापस लौट गई। वापस लौटने से पहले टीम ने रात में जहां दोबारा अभिलेखों को खंगाला। वहीं, सीवर पाइप डालने के कार्यों का निरीक्षण करने के बाद वापस लौट गई। टीम जांच रिपोर्ट विधान परिषद की अंकुश समिति को सौंपेगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर अंकुश समिति की ओर से मामले में कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्त ने विधान परिषद की अंकुश समिति से शिकायत की थी। इसमें शहर से प्रतिदिन निकलने वाले गंदा पानी की क्षमता से काफी कम क्षमता का एसटीपी बनाने, मानक के विपरीत सीवर पाइप और सरिया डालने, सिटीजन सिप मानिटरिंग कमेटी का गठन न होने, बैरिकेडिंग और टिबंरिंग के नाम पर 75 लाख की अवैध भुगतान करने सहित आठ बिंदुओं अन्य शिकायतें की थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए अंकुश समिति की ओर से पहले जिला प्रशासन को टीम गठित कर जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद फिर अंकुश समिति ने चार सदस्यीय टीम गठित की। इसमें नमामि गंगे के चीफ इंजीनियर पियुष पंकज, सलाहकार सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर पीके पांडेय, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता संजय गोरे और एडीएम भू-राजस्व रजनीश राय हैं, जिनको मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गठित टीम ने तीन दिनों तक जिला प्रशासन स्तर पर गठित टीम के जांच रिपोर्ट की जांच की। इस दौरान अभिलेखों को खंगालने के साथ एसटीपी और सीवर पाइप डालने का जायजा लिया। इसके बाद दोपहर को टीम वापस लौट गई।
विधान परिषद की अंकुश समिति की ओर से गठित टीम जांच कर तीसरे दिन वापस लौट गई। वह अपनी रिपोर्ट अंकुश समिति को सौंपेगी। इसके अनुसार मामले में कार्रवाई होगी। - रजनीश राय, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व
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स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्त ने विधान परिषद की अंकुश समिति से शिकायत की थी। इसमें शहर से प्रतिदिन निकलने वाले गंदा पानी की क्षमता से काफी कम क्षमता का एसटीपी बनाने, मानक के विपरीत सीवर पाइप और सरिया डालने, सिटीजन सिप मानिटरिंग कमेटी का गठन न होने, बैरिकेडिंग और टिबंरिंग के नाम पर 75 लाख की अवैध भुगतान करने सहित आठ बिंदुओं अन्य शिकायतें की थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए अंकुश समिति की ओर से पहले जिला प्रशासन को टीम गठित कर जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद फिर अंकुश समिति ने चार सदस्यीय टीम गठित की। इसमें नमामि गंगे के चीफ इंजीनियर पियुष पंकज, सलाहकार सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर पीके पांडेय, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता संजय गोरे और एडीएम भू-राजस्व रजनीश राय हैं, जिनको मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गठित टीम ने तीन दिनों तक जिला प्रशासन स्तर पर गठित टीम के जांच रिपोर्ट की जांच की। इस दौरान अभिलेखों को खंगालने के साथ एसटीपी और सीवर पाइप डालने का जायजा लिया। इसके बाद दोपहर को टीम वापस लौट गई।
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विधान परिषद की अंकुश समिति की ओर से गठित टीम जांच कर तीसरे दिन वापस लौट गई। वह अपनी रिपोर्ट अंकुश समिति को सौंपेगी। इसके अनुसार मामले में कार्रवाई होगी। - रजनीश राय, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व
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