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Jaunpur News: मंदिर में कढ़ी-भात के भंडारे के साथ भगवान जगन्नाथ का पांच दिवसीय पूजनोत्सव संपन्न
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जौनपुर शहर के रासमंडल में जगन्नाथ मंदिर में कढ़ी भात भंडारा में शामिल श्रद्धालु। स्रोत-श्रद्धाल
जौनपुर। नगर के रासमंडल स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में आयोजित भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का पांच दिवसीय पूजनोत्सव रविवार को कढ़ी-भात के विशाल भंडारे के साथ संपन्न हो गया।
अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति के अनुसार, भंडारे में छह हजार से अधिक भक्तों ने प्रसाद पाया।
रविवार को दोपहर में विधि-विधान से आरती और पूजन के बाद भगवान को कढ़ी-भात का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद भंडारे की शुरुआत हुई, जो देर शाम तक चलता रहा। प्रसाद वितरण में श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक सहयोग किया।
पूजनोत्सव के दौरान भगवान के स्वस्थ होने के उपरांत गुरुवार को उन्हें परवल के जूस का भोग लगाया गया। इसके बाद शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ का भव्य श्रृंगार कर खिचड़ी का भोग अर्पित किया गया और शाम चार बजे भगवान शाही रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। शनिवार को विशेष श्रृंगार के साथ भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया।आचार्य रजनीकांत द्विवेदी ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 108 कलशों से स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा ज्वरग्रस्त हो जाते हैं।
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स्वस्थ होने के पश्चात हवन-पूजन और रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत पांच दिवसीय पूजनोत्सव का आयोजन किया गया, जिसका समापन रविवार को भंडारे के साथ हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी दिनेश चंद्र द्विवेदी, आचार्य डॉ. रजनीकांत द्विवेदी, मंदिर समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह ‘’रानू’’, शिवशंकर साहू, राजेश गुप्ता, संजय (सीए), आशीष यादव, महेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति के अनुसार, भंडारे में छह हजार से अधिक भक्तों ने प्रसाद पाया।
रविवार को दोपहर में विधि-विधान से आरती और पूजन के बाद भगवान को कढ़ी-भात का भोग अर्पित किया गया। इसके बाद भंडारे की शुरुआत हुई, जो देर शाम तक चलता रहा। प्रसाद वितरण में श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक सहयोग किया।
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पूजनोत्सव के दौरान भगवान के स्वस्थ होने के उपरांत गुरुवार को उन्हें परवल के जूस का भोग लगाया गया। इसके बाद शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ का भव्य श्रृंगार कर खिचड़ी का भोग अर्पित किया गया और शाम चार बजे भगवान शाही रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। शनिवार को विशेष श्रृंगार के साथ भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया।आचार्य रजनीकांत द्विवेदी ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 108 कलशों से स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा ज्वरग्रस्त हो जाते हैं।
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स्वस्थ होने के पश्चात हवन-पूजन और रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत पांच दिवसीय पूजनोत्सव का आयोजन किया गया, जिसका समापन रविवार को भंडारे के साथ हुआ। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी दिनेश चंद्र द्विवेदी, आचार्य डॉ. रजनीकांत द्विवेदी, मंदिर समिति के अध्यक्ष शशांक सिंह ‘’रानू’’, शिवशंकर साहू, राजेश गुप्ता, संजय (सीए), आशीष यादव, महेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।