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हादसे ने छीन लिया सिंदूर: शादी के 16 दिन बाद उजड़ गया ब्यूटी का सुहाग, चार बहनों का इकलौता भाई था गोविंदा
Fri, 15 May 2026 11:48 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 11:48 AM IST
सार
Jaunpur News: ट्रैक्टर की टक्कर से गोविंदा अग्रहरि की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। शादी के 16 दिन बाद ही गोविंदा की मौत हो गई। घटना के बाद से पत्नी बेसुध है। वहीं इकलौते भाई की मौत से चार बहनों में चीख-पुकार मची है।
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घटना के बाद रोते- बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जौनपुर जिले के खुटहन थानाक्षेत्र के सौरइयां गांव में बुधवार रात ट्रैक्टर की टक्कर से गोविंदा अग्रहरि की मौत से परिजन बेसुध हो गए हैं। शादी के महज 16 दिन बाद ही सड़क हादसे में एक नई नवेली दुल्हन का सुहाग उजाड़ दिया। दुल्हन ब्यूटी के हाथों की मेहंदी का रंग फीका भी नहीं पड़ा था कि पति की मौत ने उसकी मांग का सिंदूर छीन लिया। गोविंदा चार बहनों के बीच इकलौता भाई था। घटना के बाद से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
क्या है पूरा मामला
सरपतहां थाना क्षेत्र के बासूपुर (अढ़नपुर) निवासी गोविंदा (26) अपने माता पिता राम आसरे अग्रहरि की पांच संतानों में अकेला पुत्र था। चार बहनों में वह तीसरे नंबर पर था। गत 26 अप्रैल को पत्नी ब्यूटी संग फेरे लिए थे। चार महीने पहले ही उसकी मां संगीता की भी मौत हो गई थी। नियति के क्रूर खेल से न सिर्फ घर का इकलौता चिराग बुझ गया बल्कि उस पत्नी के मांग का सिंदूर भी धो दिया, जिसके हाथ की अभी मेहंदी का रंभ भी नहीं छूटा था।
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गोविंदा मुंबई में फल बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था। बृहस्पतिवार को उसका पुनः वापसी का टिकट भी था। इस बीच हमजापुर खुटहन निवासी मंतोष के बुलाने पर वह उससे मिलने गया था और वापसी में दुर्घटना का शिकार हो गया।
घटना के बाद से पत्नी ब्यूटी और छोटी बहन शिवांगी बेसुध हो गई हैं। तीन बहनों लक्ष्मी, मनीषा, सुंदरी का विवाह हो चुका था। छोटी बहन शिवांगी की शादी करना बाकी था।
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क्या है पूरा मामला
सरपतहां थाना क्षेत्र के बासूपुर (अढ़नपुर) निवासी गोविंदा (26) अपने माता पिता राम आसरे अग्रहरि की पांच संतानों में अकेला पुत्र था। चार बहनों में वह तीसरे नंबर पर था। गत 26 अप्रैल को पत्नी ब्यूटी संग फेरे लिए थे। चार महीने पहले ही उसकी मां संगीता की भी मौत हो गई थी। नियति के क्रूर खेल से न सिर्फ घर का इकलौता चिराग बुझ गया बल्कि उस पत्नी के मांग का सिंदूर भी धो दिया, जिसके हाथ की अभी मेहंदी का रंभ भी नहीं छूटा था।
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घटना के बाद से पत्नी ब्यूटी और छोटी बहन शिवांगी बेसुध हो गई हैं। तीन बहनों लक्ष्मी, मनीषा, सुंदरी का विवाह हो चुका था। छोटी बहन शिवांगी की शादी करना बाकी था।