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तहसील दिवस की हुई सिर्फ खानापूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Wed, 02 Sep 2015 01:20 AM IST
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तहसील दिवस महज खानापूर्ति तक सिमट कर रह गया है। मंगलवार को सब्जी मंडी में आयोजित तहसील दिवस में जिस तरह से विभागीय अधिकारी आए और गए उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है।
हाल यह रहा कि दोपहर 12 बजे के बाद जिले के आला अफसर तहसील दिवस में पहुंचे और महज 56 मिनट बाद ही यहां से चले गए। उनके जाने के बाद मातहत भी खिसक लिए। कहने को तो जिले की छह तहसीलों में 519 प्रार्थना पत्र आए, लेकिन मौके पर निस्तारण मात्र 82 मामलों का ही हो सका।
गौरतलब है कि शाहगंज में तहसील दिवस का आयोजन सब्जी मंडी परिसर में किया गया था। यहां डीएम और एसपी समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के आने की सूचना पर पहले से ही भारी संख्या में लोग फरियाद लेकर पहुंचे थे। लेकिन 12 बजे तक दोनों अफसर नहीं पहुंचे तो एक एक कर फरियादी वापस होने लगे। डीएम और एसपी यहां एक बजे पहुंचे और 56 मिनट बाद ही लौट गए।
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शाहगंज में 135 मामलों में 31, सदर में 76 मामलों में 12, केराकत में 80 मामलों में 21, मड़ियाहूं 76 मामलों में 12, बदलापुर 38 मामलों में तीन, मछलीशहर 112 मामलों में 10 आवेदन पत्रों का निस्तारण किया गया। शाहगंज में डीएम ने हिदायत दी कि प्रार्थना पत्रों को समय से निस्तारित किए जाय।
स्वास्थ्य विभाग व कृषि विभाग की ओर से कैम्प लगाया गया। जिससे लोगों के स्वास्थ्य की जांच हो सके। मोलनापुर सबरहद गांव से आईं दर्जन भर से ज्यादा महिलाओं ने अपना दर्द डीएम को बताया। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में लगा ट्रांसफार्मर आठ माह से खराब है।
जिला पंचायत सदस्य जया दूबे ने प्रार्थना पत्र सौंपा और आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के एक नेता के इशारे पर पति इन्द्रमणि दूबे व उनके देवरों को पंचायत चुनाव के पूर्व दलित उत्पीड़न व दुराचार के आरोप में जेल भेजवाने की धमकी दी जा रही है। जबकि घासमंडी चौक के बीच सड़क पर लगे पोल को किनारे करने की मांग सभासद श्याम जी गुप्ता व सभासद जैगम अब्बास ने की। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द्र श्रीवास्तव आदि अफसर थे।
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हाल यह रहा कि दोपहर 12 बजे के बाद जिले के आला अफसर तहसील दिवस में पहुंचे और महज 56 मिनट बाद ही यहां से चले गए। उनके जाने के बाद मातहत भी खिसक लिए। कहने को तो जिले की छह तहसीलों में 519 प्रार्थना पत्र आए, लेकिन मौके पर निस्तारण मात्र 82 मामलों का ही हो सका।
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गौरतलब है कि शाहगंज में तहसील दिवस का आयोजन सब्जी मंडी परिसर में किया गया था। यहां डीएम और एसपी समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के आने की सूचना पर पहले से ही भारी संख्या में लोग फरियाद लेकर पहुंचे थे। लेकिन 12 बजे तक दोनों अफसर नहीं पहुंचे तो एक एक कर फरियादी वापस होने लगे। डीएम और एसपी यहां एक बजे पहुंचे और 56 मिनट बाद ही लौट गए।
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शाहगंज में 135 मामलों में 31, सदर में 76 मामलों में 12, केराकत में 80 मामलों में 21, मड़ियाहूं 76 मामलों में 12, बदलापुर 38 मामलों में तीन, मछलीशहर 112 मामलों में 10 आवेदन पत्रों का निस्तारण किया गया। शाहगंज में डीएम ने हिदायत दी कि प्रार्थना पत्रों को समय से निस्तारित किए जाय।
स्वास्थ्य विभाग व कृषि विभाग की ओर से कैम्प लगाया गया। जिससे लोगों के स्वास्थ्य की जांच हो सके। मोलनापुर सबरहद गांव से आईं दर्जन भर से ज्यादा महिलाओं ने अपना दर्द डीएम को बताया। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में लगा ट्रांसफार्मर आठ माह से खराब है।
जिला पंचायत सदस्य जया दूबे ने प्रार्थना पत्र सौंपा और आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के एक नेता के इशारे पर पति इन्द्रमणि दूबे व उनके देवरों को पंचायत चुनाव के पूर्व दलित उत्पीड़न व दुराचार के आरोप में जेल भेजवाने की धमकी दी जा रही है। जबकि घासमंडी चौक के बीच सड़क पर लगे पोल को किनारे करने की मांग सभासद श्याम जी गुप्ता व सभासद जैगम अब्बास ने की। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द्र श्रीवास्तव आदि अफसर थे।