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जौनपुर और आमजगढ़ में मनरेगा के कार्यों की जांच करने आई भारत सरकार से टीम
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महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजना (मनरेगा) योजना के तहत कराए गए कार्यों में अक्सर घोटाला करने का आरोप लगता है। हालांकि, इसकी शिकायतें भी खूब होती है, मगर हमेशा आरोप लगता है कि जांच के नाम पर अधिकारी कोरमपूर्ति कर फाइल को निस्तारित दिखा देते हैं। वहीं, कई ऐसे भी ग्राम पंचायतें होती हैं, जहां रिकार्ड तोड़ काम कागज पर देखने को मिलते हैं। ऐसे में भारत सरकार ने ऐसे गांवों की हकीकत जानने के लिए अपनी केंद्रीय टीम गठित कर भेजी है, जो दो दिन से जनपद में डेरा डाले हैं। वह तीन दिन जौनपुर और तीन दिन आजमगढ़ में जांच करने जाएंगी।
मनरेगा के तहत हुए कार्यों की अभिलेखीय और स्थलीय जांच के लिए भारत सरकार ने एक संस्था को नामित की है, जहां से दो अधिकारियों की टीम गठित की है, जो जनपद में आ चुके हैं। साथ ही जनपद के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि टीम के सदस्यों भारत सरकार से सचिव ग्राम्य विकास के माध्यम से जांच करने वाले गांवों की सूची उपलब्ध कराई गई है। इस सूची में जनपद के सुजानगंज, रामनगर और खुटहन ब्लाक के चार-चार गांवों का नाम शामिल होना बताया जा रहा है। इस जांच से जनपद के अधिकारियों को अलग रखा गया है। साथ ही जांच रिपोर्ट वे सीधे भारत सरकार को देंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि सही तरीके से जांच हो गई तो पोल खुल सकती है। हालांकि इस संबंध में उपायुक्त मनरेगा भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत चयन ऊपर से ही किया गया है। इसमें जनपद के स्तर से कोई रोल नहीं है। केंद्रीय टीम जांच रिपोर्ट भी सीधे भारत सरकार को देंगे, जो बाद में प्रदेश सरकार के पास आएगी। टीम तीन दिन जौनपुर और तीन दिन आजमगढ़ में जांच करने जाएंगी।
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मनरेगा के तहत हुए कार्यों की अभिलेखीय और स्थलीय जांच के लिए भारत सरकार ने एक संस्था को नामित की है, जहां से दो अधिकारियों की टीम गठित की है, जो जनपद में आ चुके हैं। साथ ही जनपद के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि टीम के सदस्यों भारत सरकार से सचिव ग्राम्य विकास के माध्यम से जांच करने वाले गांवों की सूची उपलब्ध कराई गई है। इस सूची में जनपद के सुजानगंज, रामनगर और खुटहन ब्लाक के चार-चार गांवों का नाम शामिल होना बताया जा रहा है। इस जांच से जनपद के अधिकारियों को अलग रखा गया है। साथ ही जांच रिपोर्ट वे सीधे भारत सरकार को देंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि सही तरीके से जांच हो गई तो पोल खुल सकती है। हालांकि इस संबंध में उपायुक्त मनरेगा भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत चयन ऊपर से ही किया गया है। इसमें जनपद के स्तर से कोई रोल नहीं है। केंद्रीय टीम जांच रिपोर्ट भी सीधे भारत सरकार को देंगे, जो बाद में प्रदेश सरकार के पास आएगी। टीम तीन दिन जौनपुर और तीन दिन आजमगढ़ में जांच करने जाएंगी।
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