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टीम ने निर्माणाधीन एसटीपी का किया स्थलीय निरीक्षण,एसआरसी पाइप की जांच
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जौनपुर। एसटीपी निर्माण और सीवर पाइप डाले जाने के कार्य में गड़बड़ी की शिकायत की जांच करने का कार्य विधान परिषद की अंकुश समिति से गठित चार सदस्यीय टीम कर रही है। बुधवार को टीम ने निर्माणाधीन एसटीपी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान वहां रखे एसआरसी पाइप को जांचा। इसके पहले मंगलवार को जनपद में पहुंचते ही टीम ने पहले एसटीपी और सीवर पाइप से संबंधित कार्यों के दस्तावेजों की जांच की थी। टीम की ओर से एसटीपी निर्माण और सीवर पाइप डालने के कार्य में आठ बिंदुओं की हुई शिकायत की जांच कर रही है।
सवा तीन लाख आबादी वाले शहर से निकलने वाले गंदा पानी को शोधित कर अन्य प्रयोग में लाया जा सके, इसके मद्देनजर सरकार ने नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत एसटीपी का निर्माण करने का निर्देश दिया था। इन दोनों योजनाओं के तहत कुल मिलाकर 470.80 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें नमामि गंगे योजना के तहत 206.05 करोड़ की धनराशि से 30 एमएलडी क्षमता का एसटीपी और तीन पंपिंग स्टेशन और अमृत योजना के तहत 264.77 करोड़ की धनराशि से 159 किमी सीवर पाइप और एक पंपिंग स्टेशन बनाया जाना है। एक पंपिंग सेट की क्षमता लगभग 12 एमएलडी की है।
इस एसटीपी का निर्माण लगभग 95 फीसदी हो चुका है। वहीं तकरीबन 30 किमी. से अधिक सीवर पाइप डालने का कार्य पूरा किया गया है, इसके निर्माण में अनियमितता और मानक की अनदेखी किए जाने की आठ बिंदुओं की शिकायत स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष शहर निवासी गौतम गुप्ता की ओर से विधान परिषद की अंकुश समिति से गई थी। जिसमें शहर से प्रतिदिन निकलने वाले गंदा पानी की क्षमता से काफी कम क्षमता का एसटीपी बनाने, मानक के विपरित सीवर पाइप व सरिया डालने, सिटीजन सिप मानिटरिंग कमेटी का गठन नहीं होने, बैरिकेटिंग व टिबंरिंग के नाम पर 75 लाख की अवैध भुगतान करने सहित अन्य शिकायते की गई थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए अंकुश समिति की ओर से पहले जिला प्रशासन को टीम गठित कर जांच करने का निर्देश दिया, जिसके क्रम में डीएम ने तीन सदस्यीय टीम सीडीओ अनुपम शुक्ला, एडीएम भू व राजस्व रजनीश राय व पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राधाकृष्णन को जांच करने का निर्देश दिया था। टीम ने दो माह पहले जांच कर अपनी रिपोर्ट 28 दिसंबर 2020 को अंकुश समिति को भेजा, जिसके बाद अंकुश समिति ने उक्त रिपोर्ट की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित किया है, जिसमें नमामि गंगे के चीफ इंजीनियर पीयूष पंकज, सलाहकार सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर पीके पांडेय, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता संजय गोरे व एडीएम भू व राजस्व रजनीश राय हैं, जिनके ओर से जांच की जा रही है।
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एडीएम भू व राजस्व रजनीश राय ने बताया कि दो माह पहले डीएम की ओर से गठित जिला स्तरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम शिकायत की जांच कर रिपोर्ट अंकुश समिति को भेजा था, जिसमें टीम में शामिल सदस्यों के तकनीकि रूप से दक्ष नहीं होने की बात कही गई थी, जिसके बाद इस समिति की ओर से चार सदस्यीय टीम गठित की गई है,जो शिकायत की फिर से जांच कर रही है।
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सवा तीन लाख आबादी वाले शहर से निकलने वाले गंदा पानी को शोधित कर अन्य प्रयोग में लाया जा सके, इसके मद्देनजर सरकार ने नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत एसटीपी का निर्माण करने का निर्देश दिया था। इन दोनों योजनाओं के तहत कुल मिलाकर 470.80 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें नमामि गंगे योजना के तहत 206.05 करोड़ की धनराशि से 30 एमएलडी क्षमता का एसटीपी और तीन पंपिंग स्टेशन और अमृत योजना के तहत 264.77 करोड़ की धनराशि से 159 किमी सीवर पाइप और एक पंपिंग स्टेशन बनाया जाना है। एक पंपिंग सेट की क्षमता लगभग 12 एमएलडी की है।
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इस एसटीपी का निर्माण लगभग 95 फीसदी हो चुका है। वहीं तकरीबन 30 किमी. से अधिक सीवर पाइप डालने का कार्य पूरा किया गया है, इसके निर्माण में अनियमितता और मानक की अनदेखी किए जाने की आठ बिंदुओं की शिकायत स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष शहर निवासी गौतम गुप्ता की ओर से विधान परिषद की अंकुश समिति से गई थी। जिसमें शहर से प्रतिदिन निकलने वाले गंदा पानी की क्षमता से काफी कम क्षमता का एसटीपी बनाने, मानक के विपरित सीवर पाइप व सरिया डालने, सिटीजन सिप मानिटरिंग कमेटी का गठन नहीं होने, बैरिकेटिंग व टिबंरिंग के नाम पर 75 लाख की अवैध भुगतान करने सहित अन्य शिकायते की गई थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए अंकुश समिति की ओर से पहले जिला प्रशासन को टीम गठित कर जांच करने का निर्देश दिया, जिसके क्रम में डीएम ने तीन सदस्यीय टीम सीडीओ अनुपम शुक्ला, एडीएम भू व राजस्व रजनीश राय व पीडब्ल्यूडी एक्सईएन राधाकृष्णन को जांच करने का निर्देश दिया था। टीम ने दो माह पहले जांच कर अपनी रिपोर्ट 28 दिसंबर 2020 को अंकुश समिति को भेजा, जिसके बाद अंकुश समिति ने उक्त रिपोर्ट की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित किया है, जिसमें नमामि गंगे के चीफ इंजीनियर पीयूष पंकज, सलाहकार सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर पीके पांडेय, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता संजय गोरे व एडीएम भू व राजस्व रजनीश राय हैं, जिनके ओर से जांच की जा रही है।
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एडीएम भू व राजस्व रजनीश राय ने बताया कि दो माह पहले डीएम की ओर से गठित जिला स्तरीय अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम शिकायत की जांच कर रिपोर्ट अंकुश समिति को भेजा था, जिसमें टीम में शामिल सदस्यों के तकनीकि रूप से दक्ष नहीं होने की बात कही गई थी, जिसके बाद इस समिति की ओर से चार सदस्यीय टीम गठित की गई है,जो शिकायत की फिर से जांच कर रही है।