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जौनपुर से भी जुड़े हैं शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के तार, दो हिरासत में
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प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े से जौनपुर का पुराना नाता है। रेलवे भर्ती बोर्ड का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला रहा हो या यूपी बोर्ड परीक्षा की नकली उत्तर पुस्तका छापने का, कई मामलों में जौनपुर का नाम सुर्खियों में रहा है। अब परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े में भी जौनपुर का कनेक्शन सामने आया है।
फर्जीवाड़े की जांच कर रही प्रयागराज जिले की पुलिस ने जिले के दो अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है। अभी कई और अभ्यर्थी प्रयागराज जिले की पुलिस के रडार पर हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन दो अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनके माध्यम से कुछ और अभ्यर्थियों के नाम भी सामने आए हैं जिनका नाम इस फर्जीवाड़े के चलते ही शिक्षक भर्ती के लिए जारी मेरिट लिस्ट में शामिल है।
इन संदिग्ध अभ्यर्थियों के हाईस्कूल, इंटर और स्नातक की परीक्षा में मिले अंकों को भी जांच पड़ताल के दायरे में रखा गया है। पूर्व की परीक्षाओं में 50 से 55 अंक मिले हैं उन्हें भी शिक्षक भर्ती परीक्षा में 90 फीसदी तक नंबर मिले हैं। इसके पहले वर्ष 2014 में रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा, वर्ष 2009 में जयपुर में हुई रेलवे प्रमोशन परीक्षा, 2011 में प्री पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में भी जौनपुर का नाम सुर्खियों में रहा है।
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अभी दो साल पहले यूपी बोर्ड परीक्षा की नकली उत्तर पुस्तिका छपाने के मामले में भी जौनपुर का नाम आ चुका है। शहर के ही एक प्रिंटिंग प्रेस से बोर्ड परीक्षा की नकली उत्तर पुस्तिका छापी गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. संजय कुमार का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में प्रयागराज जिले की पुलिस ने किसे उठाया है जिले की पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है।
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फर्जीवाड़े की जांच कर रही प्रयागराज जिले की पुलिस ने जिले के दो अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है। अभी कई और अभ्यर्थी प्रयागराज जिले की पुलिस के रडार पर हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन दो अभ्यर्थियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनके माध्यम से कुछ और अभ्यर्थियों के नाम भी सामने आए हैं जिनका नाम इस फर्जीवाड़े के चलते ही शिक्षक भर्ती के लिए जारी मेरिट लिस्ट में शामिल है।
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इन संदिग्ध अभ्यर्थियों के हाईस्कूल, इंटर और स्नातक की परीक्षा में मिले अंकों को भी जांच पड़ताल के दायरे में रखा गया है। पूर्व की परीक्षाओं में 50 से 55 अंक मिले हैं उन्हें भी शिक्षक भर्ती परीक्षा में 90 फीसदी तक नंबर मिले हैं। इसके पहले वर्ष 2014 में रेलवे भर्ती बोर्ड परीक्षा, वर्ष 2009 में जयपुर में हुई रेलवे प्रमोशन परीक्षा, 2011 में प्री पीजी मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में भी जौनपुर का नाम सुर्खियों में रहा है।
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अभी दो साल पहले यूपी बोर्ड परीक्षा की नकली उत्तर पुस्तिका छपाने के मामले में भी जौनपुर का नाम आ चुका है। शहर के ही एक प्रिंटिंग प्रेस से बोर्ड परीक्षा की नकली उत्तर पुस्तिका छापी गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. संजय कुमार का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में प्रयागराज जिले की पुलिस ने किसे उठाया है जिले की पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है।