भुवालापट्टी गांव के युवक की राजस्थान से शव आने के बाद परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज कराने मंगलवार को थाने पर पहुंचे। जहां उनकी मांगें पूरी न हुई तो वे जौनपुर-वाराणसी मार्ग पर जगदीशपुर में जाम कर दिए। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन के चलते वाहन वाहनों की कतार लग गई। वहीं,इससे पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दी। साथ ही 12 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले ली। इससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति कुछ देर के लिए बन गई थी।भुवाला पट्टी गांव निवासी गोविंद कुमार (21) आठ मार्च को रामनगर गांव के फल व्यापारी लंबू सोनकर के साथ रोजी रोटी के लिए राजस्थान के राजसमंन जिला के कलवार बाजार गया हुआ था। लंबू सोनकर की वहां बाजार में फल की दुकान है। 16 अप्रैल को अचानक गोविंद के पेट में दर्द हुआ। लंबू सोनकर ने उसे वहां के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उसकी मौत हो गई। सरकारी अस्पताल में शव का पंचनामा तथा पोस्टमार्टम हुआ, जिसक बाद लंबू सोनकर निजी एंबुलेंस से उसके शव लेकर मंगलवार की सुबह भूवाला पट्टी पहुंचा। परिजनों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशे की पुष्टि हुई है। हत्या का आरोप लगाते हुए परिजन जफराबाद थाने पहुंचे। जहां पूरे प्रकरण की जानकारी होने पर पुलिस ने वहां दर्ज मुकदमें के बारे में बताया। लेकिन,परिवार के अपनी बातों पर अड़े रहे। गोविंद के शव को रखकर मां तथा स्थानीय लोगों ने जगदीशपुर में वाराणसी-जौनपुर मार्ग के पास चक्का जाम कर दिया। जानकारी होने पर सीओ सिटी जितेंद्र दुबे, शहर कोतवाली,लाइन बाजार और जफराबाद थाने की पुलिस पहुंच गई, मगर प्रदर्शनकारी अड़े रहे। मौके पर पहुंचे एएसपी डा. संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल ने भी समझाने का प्रयास किया।लेकिन, कड़ी धूप में प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इससे करीब दो घंटे तक वाराणसी-जौनपुर मार्ग पर जाम लग गया। जिसके चलते पुलिस बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। साथ ही 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम होने के कारण पुलिस ने जफराबाद थाने के सामने से रूट को डायवर्ट कर दिया था।-----------जब वहां मुकदमा दर्ज हो चुका है तो यहां मुकदमा दर्ज कैसे होगा। घटना भी वहीं की है, लोग बेवजह रास्ता जाम किए। प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।- डा. संजय कुमार, एएसपी सिटी