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सुषमा हैं सबसे कम उम्र की विजेता
jaunpur
Updated Wed, 15 Mar 2017 12:48 AM IST
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नौ विधानसभा सीट वाले इस जिले से चुने गए छह नवनिर्वाचितों को पहली बार विधानसभा में प्रतिनिधित्व का मौका मिला है। इसमें से चार प्रत्याशी ऐसे चुने गए हैं जिन्हें पहले प्रयास में ही जनता का समर्थन मिला और वे विधानसभा पहुंच गए। वहीं तीन विधानसभ्ाा की जनता ने राजनीति के जमे जमाए खिलाडियों के हाथ अपना प्रतिनिधित्व सौंपा है।
मुंगराबादशाहपुर से निर्वाचित बसपा की सुषमा पटेल पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ी थी। पहले प्रयास में ही वह जीत गई। उनकी उम्र 32 वर्ष है। इस तरह वह सबसे कम उम्र की प्रत्याशी हैं। जौनपुर सदर सीट से भाजपा के टिकट पर चुने गए गिरीश यादव भी इसके पहले कभी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े थे। वह एक बार जिला पंचायत सदस्य जरूर थे। लेकिन विधानसभा में पहली बार जाने का मौका उन्हें मिला है। मड़ियाहूं से अपना दल (सोनेलाल गुट) से निर्वाचित लीना तिवारी और केराकत से भाजपा के टिकट पर चुने गए दिनेश चौधरी को भी पहली बार जनता ने विधानसभा जाने का मौका दिया है। वैसे लीना के परिवार में स्वर्गीय राजकिशोर तिवारी कांग्रेस से विधायक रहे हैं। वह राजकिशोर की पौत्र वधू हैं। दिनेश चौधरी इसके पहले कोई भी चुनाव नहीं लड़े थे।
जफराबाद से भाजपा से ही चुने गए डा. हरेंद्र सिंह इसके इसी दल से विधानसभा का चुनाव जरूर लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें जीत पहली बार मिली है। बदलापुर से चुने गए भाजपा के रमेश मिश्र को भी पहली बार विधानसभा पहुंचने का मौका मिला है। हालांकि पिछले चुनाव में वह बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन भाजपा की सीमा द्विवेदी के सामने वह चुनाव हार गए थे। मल्हनी से चुने गए सपा के पारसनाथ यादव को सातवीं बार विधानसभा में पहुंचने का मौका मिला है। जबकि शाहगंज से सपा के शैलेंद्र यादव ललई और मछलीशहर से सपा के ही जगदीश सोनकर लगातार चौथी बार चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं।
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मुंगराबादशाहपुर से निर्वाचित बसपा की सुषमा पटेल पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ी थी। पहले प्रयास में ही वह जीत गई। उनकी उम्र 32 वर्ष है। इस तरह वह सबसे कम उम्र की प्रत्याशी हैं। जौनपुर सदर सीट से भाजपा के टिकट पर चुने गए गिरीश यादव भी इसके पहले कभी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़े थे। वह एक बार जिला पंचायत सदस्य जरूर थे। लेकिन विधानसभा में पहली बार जाने का मौका उन्हें मिला है। मड़ियाहूं से अपना दल (सोनेलाल गुट) से निर्वाचित लीना तिवारी और केराकत से भाजपा के टिकट पर चुने गए दिनेश चौधरी को भी पहली बार जनता ने विधानसभा जाने का मौका दिया है। वैसे लीना के परिवार में स्वर्गीय राजकिशोर तिवारी कांग्रेस से विधायक रहे हैं। वह राजकिशोर की पौत्र वधू हैं। दिनेश चौधरी इसके पहले कोई भी चुनाव नहीं लड़े थे।
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जफराबाद से भाजपा से ही चुने गए डा. हरेंद्र सिंह इसके इसी दल से विधानसभा का चुनाव जरूर लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें जीत पहली बार मिली है। बदलापुर से चुने गए भाजपा के रमेश मिश्र को भी पहली बार विधानसभा पहुंचने का मौका मिला है। हालांकि पिछले चुनाव में वह बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन भाजपा की सीमा द्विवेदी के सामने वह चुनाव हार गए थे। मल्हनी से चुने गए सपा के पारसनाथ यादव को सातवीं बार विधानसभा में पहुंचने का मौका मिला है। जबकि शाहगंज से सपा के शैलेंद्र यादव ललई और मछलीशहर से सपा के ही जगदीश सोनकर लगातार चौथी बार चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं।
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