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बैड टच का छात्राएं खुलकर करें विरोध: प्रो. निर्मला
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करंजाकला। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी संस्थान के नवाचार केंद्र में मंगलवार को महिला अध्ययन केंद्र एवं मिशन शक्ति द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। गुड टच एवं बैड टच तथा चुप्पी तोड़ो मुंह खोलो कार्यशाला का आयोजन मिशन शक्ति फेज तीन के तहत किया जा रहा है। कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने कहा कि बच्चियों और महिलाओं पर बुरी नीयत और शोषण की शुरुआत उनके घर के आसपास से ही शुरू होती है। इस तरह की हरकत करने वाले लोग उन्हें डराते है और ब्लैकमेल कर शोषण करते रहते हैं। उन्होंने बच्चियों को ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समाज से इस बुराई को खत्म करने के लिए बच्चियों और महिलाओं को आगे आना होगा।
कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि कार्यशाला का विषय संवेदनशील है। बैड टच के प्रति बच्चियों को जागरूक रहने की जरूरत है। इस मामले में बच्चियां शांत न रहकर मुखर हों, नहीं तो यह एक घर के बाद दूसरे घर फिर धीरे-धीरे पूरे समाज में फैल जाएगी। आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डा. अंकिता राज ने बच्चियों और महिलाओं को बैड टच का मुंहतोड़ जवाब देने की नसीहत दी। उन्होंने प्रजेंटेशन के माध्यम से बच्चियों को बैड टच के प्रति जागरुक किया। उन्होंने कहा कि बिना भुक्तभोगी की पहल के इस बुराई को नहीं रोका जा सकता।
समाजसेवी नीतू सिंह ने कहा कि बच्चियां लक्ष्य बनाकर शिक्षा ग्रहण करें और आत्मनिर्भर बनकर बुराई का सामना करें। संयोजक डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव ने कहा कि समाज में बुराइयों को रोकने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसके पूर्व स्कूलों और आंगनबाड़ी से आई बच्चियों को पुस्तक की किट और सामग्री कुलपति द्वारा भेंट की गई। इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, प्रो. वंदना राय, डॉ. नुपुर तिवारी, अन्नू त्यागी, डॉ. पूजा सक्सेना, डॉ. वनिता सिंह, डा. प्रियंका कुमारी, डॉ. रेखा पाल, सोनम झा आदि उपस्थित थीं।
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कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि कार्यशाला का विषय संवेदनशील है। बैड टच के प्रति बच्चियों को जागरूक रहने की जरूरत है। इस मामले में बच्चियां शांत न रहकर मुखर हों, नहीं तो यह एक घर के बाद दूसरे घर फिर धीरे-धीरे पूरे समाज में फैल जाएगी। आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डा. अंकिता राज ने बच्चियों और महिलाओं को बैड टच का मुंहतोड़ जवाब देने की नसीहत दी। उन्होंने प्रजेंटेशन के माध्यम से बच्चियों को बैड टच के प्रति जागरुक किया। उन्होंने कहा कि बिना भुक्तभोगी की पहल के इस बुराई को नहीं रोका जा सकता।
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समाजसेवी नीतू सिंह ने कहा कि बच्चियां लक्ष्य बनाकर शिक्षा ग्रहण करें और आत्मनिर्भर बनकर बुराई का सामना करें। संयोजक डॉ जाह्नवी श्रीवास्तव ने कहा कि समाज में बुराइयों को रोकने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसके पूर्व स्कूलों और आंगनबाड़ी से आई बच्चियों को पुस्तक की किट और सामग्री कुलपति द्वारा भेंट की गई। इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, प्रो. वंदना राय, डॉ. नुपुर तिवारी, अन्नू त्यागी, डॉ. पूजा सक्सेना, डॉ. वनिता सिंह, डा. प्रियंका कुमारी, डॉ. रेखा पाल, सोनम झा आदि उपस्थित थीं।
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