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Jaunpur News: मेडिकल कालेज में टीबी मुक्त करने को लेकर बनी रणनीति
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उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में प्रधानाचार्य प्रोफेसर शिव कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) टास्क फोर्स व कोर कमेटी की बैठक हुई। इसमें वर्ष 2025 तक जनपद से टीबी को खत्म करने की रणनीति तैयार की गई।
राष्ट्रीय टीबी टास्क फोर्स के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. एके भारद्वाज ने बताया कि जिले में दर्ज मरीजों में से 30 प्रतिशत मरीज चिकित्सा महाविद्यालय से होंगे तो वर्ष 2025 तक लक्ष्य पूरा करना आसान होगा। उन्होंने सीबीनेट एवं ट्रूनेट जांच कराने की अपील की। इससे टीबी एवं रेजिस्टेंट टीबी के निदान और जांच में आसानी हो। केजीएमयू लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष व स्टेट टास्क फोर्स के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि सभी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर नोटिफिकेशन होना जरूरी है। नोटिफिकेशन नहीं होने पर सरकार उस रोगी को न तो पैसा दे सकती है और न ही एमडीआर टीबी होने पर उनका उचित इलाज हो पाएगा। प्रधानाचार्य प्रोफेसर शिव कुमार ने आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों, छात्रों तथा आम लोगों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना हमारा कर्तव्य है। विभागाध्यक्षों से टास्क फोर्स के चेयर पर्सन की ओर से निर्देशित नोटिफिकेशन पर अवश्य ध्यान देने को कहा। टीबी एवं रेस्पीरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में आईएमए के सचिव डॉ. एके मौर्य, जिले के वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. आरए मौर्या, डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट डॉ. निशांत, कालेज कोर कमेटी के चेयरपर्सन डॉ. एए जाफरी, डॉ. दिनेश, नोडल अधिकारी डॉ. अचल सिंह, डॉ. सच्चिदानंद मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय टीबी टास्क फोर्स के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. एके भारद्वाज ने बताया कि जिले में दर्ज मरीजों में से 30 प्रतिशत मरीज चिकित्सा महाविद्यालय से होंगे तो वर्ष 2025 तक लक्ष्य पूरा करना आसान होगा। उन्होंने सीबीनेट एवं ट्रूनेट जांच कराने की अपील की। इससे टीबी एवं रेजिस्टेंट टीबी के निदान और जांच में आसानी हो। केजीएमयू लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष व स्टेट टास्क फोर्स के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि सभी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर नोटिफिकेशन होना जरूरी है। नोटिफिकेशन नहीं होने पर सरकार उस रोगी को न तो पैसा दे सकती है और न ही एमडीआर टीबी होने पर उनका उचित इलाज हो पाएगा। प्रधानाचार्य प्रोफेसर शिव कुमार ने आगंतुकों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों, छात्रों तथा आम लोगों में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना हमारा कर्तव्य है। विभागाध्यक्षों से टास्क फोर्स के चेयर पर्सन की ओर से निर्देशित नोटिफिकेशन पर अवश्य ध्यान देने को कहा। टीबी एवं रेस्पीरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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कार्यक्रम में आईएमए के सचिव डॉ. एके मौर्य, जिले के वरिष्ठ छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. आरए मौर्या, डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट डॉ. निशांत, कालेज कोर कमेटी के चेयरपर्सन डॉ. एए जाफरी, डॉ. दिनेश, नोडल अधिकारी डॉ. अचल सिंह, डॉ. सच्चिदानंद मौजूद रहे।
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