फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   SP on the highway due to farmer agitation, SP leaders closed in homes

किसान आंदोलन को लेकर हाईवे पर पहरा, घरों में बंद हुए सपा नेता

Mon, 14 Dec 2020 12:20 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 12:20 AM IST
विज्ञापन
SP on the highway due to farmer agitation, SP leaders closed in homes
वाराणसी लखनऊ हाईवे स्थित पॉलिटेक्निक चौराहे पर सुरक्षा के मद्देनजर तैनात पुलिस फोर्स। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर/शाहगंज। कृषि बिल के विरोध में चल रहे आंदोलन को लेकर किसानों के हाईवे जाम के एलान पर पुलिस सतर्क रही। रविवार को जिले से गुजरे सभी हाईवे के प्रमुख स्थानों पर सुबह से ही फोर्स डटी रही। किसान यात्रा निकालने वाले सपा नेताओं को घर में ही नजरबंद कर दिया गया। शाहगंज में किसान यात्रा निकालने की मंजूरी नहीं दी गई। मछलीशहर के पास टोल प्लाजा पर दूसरे दिन भी पुलिस-प्रशासन के अफसर तैनात रहे।
विज्ञापन

किसान आंदोलन के तहत टोल फ्री करने और हाईवे जाम करने का एलान था। आंदोलन को विफल करने के लिए प्रशासन ने पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी। शहर से गुजरे वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग और प्रयागराज मार्ग पर स्थित वाजिदपुर तिराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा पर सुरक्षाकर्मी मुस्तैदी से डटे रहे। सिकरारा, मछलीशहर और मुंगराबादशाहपुर में भी पुलिस की टीमें रोस्टर के अनुसार बारी-बारी भ्रमण करती रहीं। उधर, शाहगंज में निकलने वाली किसान यात्रा को विफल करने के लिए पूर्व मंत्री व विधायक शैलेंद्र यादव ललई सहित अन्य पार्टी नेताओं को घर से बाहर ही नहीं निकलने दिया गया। सुबह से ही पुलिस का पहरा उनके घरों के बाहर लगा दिया गया था। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए विधायक ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। कहा कि अन्नदाताओं की आवाज दबाने की कोशिश में सरकार लगी है। आम जनता इसका आगामी चुनाव में करारा जवाब देगी।
विज्ञापन

गोष्ठी में कृषि कानून का जताया विरोध
सतहरिया। पंवारा के रज्जूपुर स्थित एमपी स्कूल परिसर में जिला किसान सभा ने गोष्ठी की। इसमें पार्टी नेताओं ने कृषि कानूनों की आलोचना करते हुए उसे किसान विरोधी करार दिया। सालिकराम पटेल, सुभाष चंद्र पटेल, कल्पनाथ गुप्ता, डॉ विजय वर्मा, कृष्ण नारायण तिवारी आदि ने कहा कि किसान हमेशा से परेशानियों से जूझता रहा है। अब तीन नए कानून लाकर सरकार उनकी मुश्किलों को और बढ़ा रही है, जिसे किसी भी रुप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। तीनों विधेयक वापस लेने तक सरकार के खिलाफ गोष्ठी, धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। 14 दिसंबर को होने वाले आंदोलन को समर्थन का निर्णय लिया गया। अध्यक्षता लालजी गौतम और संचालन मिठाई लाल पटेल ने किया। कार्यक्रम में इंद्रजीत यादव, संदीप पटेल, सत्यनारायण आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed