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श्रीराम कथा सिखाती है जीवन जीने की कला : अनिल पांडेय
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महराजगंज:: श्री राम कथा कहते व्यास अनिल पांडेय महाराज। संवाद
महराजगंज। कथा व्यास अनिल पांडेय महाराज ने कहा कि श्रीराम कथा में मानव के जीवन का सार समाहित है। कथा मानव को जीवन जीने की कला सिखाती है। वह क्षेत्र के सवंसा स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव में चौथे दिन प्रवचन में भक्तों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि राजा दशरथ के कुलगुरु वशिष्ठ ने श्रीराम के नामकरण संस्कार को कराया। ग्रहों और नक्षत्रों का व्यक्ति के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया। भगवान की भक्ति करके अपना और परिवार, समाज और देश में शांतिपूर्ण वातावरण सृजित कर सकते हैं। श्रीराम कथा मनुष्य को उत्तम जीवन जीने की कला सिखाती है। जब-जब धरती पर आतंक, अधर्म, पाप और दुराचार बढ़ता है, तब प्रभु किसी भक्त की पुकार पर अवतरित होते हैं। भक्त जान लें भगवान बिल्कुल खड़े हैं आने के लिए बस मन से कोई बुलाने वाला नहीं है।
संत महापुरुषों ने कहा है कि सभी को अपने दांपत्य जीवन को सुधार लाने की जरूरत है। जब तक दांपत्य जीवन दिव्य पवित्र नहीं होगा तब तक दिव्य संतान उत्पन्न नहीं होगी। जिनका दांपत्य जीवन दिव्य होता है उन्हीं के घर महापुरुषों का जन्म होता है। रावण का वध करने के लिए प्रभु ने अवतार लिया था। कथा के बाद आयोजक समिति के भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष यादवेंद्र प्रताप, लवकुश सिंह, पुजारी श्याम शंकर उपाध्याय ने आरती कर प्रसाद का वितरण किया।
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उन्होंने आगे कहा कि राजा दशरथ के कुलगुरु वशिष्ठ ने श्रीराम के नामकरण संस्कार को कराया। ग्रहों और नक्षत्रों का व्यक्ति के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताया। भगवान की भक्ति करके अपना और परिवार, समाज और देश में शांतिपूर्ण वातावरण सृजित कर सकते हैं। श्रीराम कथा मनुष्य को उत्तम जीवन जीने की कला सिखाती है। जब-जब धरती पर आतंक, अधर्म, पाप और दुराचार बढ़ता है, तब प्रभु किसी भक्त की पुकार पर अवतरित होते हैं। भक्त जान लें भगवान बिल्कुल खड़े हैं आने के लिए बस मन से कोई बुलाने वाला नहीं है।
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संत महापुरुषों ने कहा है कि सभी को अपने दांपत्य जीवन को सुधार लाने की जरूरत है। जब तक दांपत्य जीवन दिव्य पवित्र नहीं होगा तब तक दिव्य संतान उत्पन्न नहीं होगी। जिनका दांपत्य जीवन दिव्य होता है उन्हीं के घर महापुरुषों का जन्म होता है। रावण का वध करने के लिए प्रभु ने अवतार लिया था। कथा के बाद आयोजक समिति के भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष यादवेंद्र प्रताप, लवकुश सिंह, पुजारी श्याम शंकर उपाध्याय ने आरती कर प्रसाद का वितरण किया।
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