श्रमजीवी विस्फोट कांड: मौत की सजा के बाद आतंकियों को भेजा गया नैनी सेंट्रल जेल, हाई सिक्योरिटी बैरक में रखे गए
जौनपुर कारागार से आतंकी हिलालुद्दीन और नफीकुल को नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया है। दोनों को श्रमजीवी विस्फोट कांड में मौत की सजा सुनाई गई है। इस घटना में 14 लोगों की मौत हुई थी। 62 लोग घायल हुए थे।
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श्रमजीवी एक्सप्रेस में बम धमाका करने में मौत की सजा पाने वाले आतंकियों हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन और नफीकुल विश्वास को जिला कारागार से नैनी सेंट्रल जेल प्रयागराज भेज दिया गया। दोनों को नैनी सेंट्रल जेल के हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय की अदालत ने गत बुधवार को ही बांग्लादेशी आतंकी हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन और पश्चिम बंगाल के नफीकुल विश्वास को मौत की सजा सुनाई थी। इन आतंकियों ने श्रमजीवी एक्सप्रेस की जनरल बोगी में 27 जुलाई 2005 को अटैची बम रखा था। इसमें आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था। टाइमर के सहारे अटैची बम को जौनपुर जिले के सिंहरामऊ स्थित हरपालगंज और कोइरीपुर के बीच रेलवे क्रॉसिंग पर विस्फोट किया गया था। इस घटना में 14 लोगों की मौत हुई थी। 62 लोग घायल हुए थे।
पुलिस के मुताबिक, आतंकियों को कड़ी सुरक्षा के बीच वज्र वाहन से बुधवार की देर रात नैनी सेंट्रल जेल प्रयागराज ले जाया गया। जहां एक बैरक में दो कैदियों को रखा जाता है। बैरक के ऊपरी हिस्से पर लोहे की जाल रहती है। यदि कोई हेलिकॉप्टर से भी हमला करना चाहे या भागना चाहे तो कामयाब नहीं हो सकेगा। इससे पहले भी मामले में मौत की सजा पाए आतंकी रोनी व ओबैदुर्रहमान को भी नैनी सेंट्रल जेल में रखा गया था। दोनों आतंकियों का मामला भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
16 साल बाद खाली हुआ बैरक
जिला कारागार के पृथक बैरक में लंबे समय से बंद आतंकी हिलालुद्दीन और नफीकुल विश्वास को अलग-अलग बैरक में रखा गया था। आतंकियों को पिछले 16 वर्षों से इन्हीं बैरकों में रखा गया था। इससे पहले मामले में मौत की सजा पाने वाले आतंकी रोनी और ओबैदुर्रहमान को भी इन्हीं बैरकों में रखा गया था।
हाईकोर्ट जाने की तैयारी
दोनों आतंकियों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता ताजुल हसन ने कहा कि हाईकोर्ट जाएंगे, इसकी तैयारी कर ली गई है। हाईकोर्ट से डेथ कन्फर्मेशन के बाद ही मौत की सजा दी जाएगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात आतंकियों को नैनी सेंट्रल जेल प्रयागराज भेजा गया। खाली बैरक में दूसरे कैदियों को रखा जाएगा। -एसके पांडेय, जेल अधीक्षक, जिला कारागार