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अकीदत से मना शेखू शाहबाबा का उर्स
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 10 May 2016 01:21 AM IST
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शेखू बाबा के उर्स पर शाही पुल स्थित शेर मस्जिद में आयोजित जलसे में तकरीर करते पेश इमाम कारी जिया।
नगर के ऐतिहासिक शाही पुल पर स्थित शेर वाली मस्जिद में सोमवार को शेखूू शाह बाबा का उर्स धूम धाम से मनाया गया। हर दीन मिल्लत के लोगों ने मजार पर चादरपोशी की और बाबा के दरबार में अपनी मुहब्बत का नजराना पेश किया।
सुबह से देर रात तक बाबा की मजार पर अकीदत मंदों का तांता लगा रहा। उर्स के मौके पर जलसा मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। जिसे खेताब करते हुए मौलाना अहरार हनीफ कादरी ने कहा कि इंसान को बदी से बचते हुए नेक राह पर चलना चाहिए।
जलसे की अध्यक्षता पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद ने किया। जलसे से पहले तरही नातिया मुशायरा का आयोजन किया गया। शायरों ने बाबा की शान में एक से एक बढ़कर शेर सुनाए तो पूरा मजमा वाह वाह की आवाज से गूंज उठा।
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दुआ के साथ जलसा खत्म हुआ। असलम मुन्नू, अरशद खां इसलाम खां आदि ने जलसे को सफल बनाने में सहयोग किया। संचालन शकील मंसूरी ने किया। शेर वाली मस्जिद के पेश इमामाम कारी जिया ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
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सुबह से देर रात तक बाबा की मजार पर अकीदत मंदों का तांता लगा रहा। उर्स के मौके पर जलसा मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। जिसे खेताब करते हुए मौलाना अहरार हनीफ कादरी ने कहा कि इंसान को बदी से बचते हुए नेक राह पर चलना चाहिए।
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जलसे की अध्यक्षता पूर्व विधायक हाजी अफजाल अहमद ने किया। जलसे से पहले तरही नातिया मुशायरा का आयोजन किया गया। शायरों ने बाबा की शान में एक से एक बढ़कर शेर सुनाए तो पूरा मजमा वाह वाह की आवाज से गूंज उठा।
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दुआ के साथ जलसा खत्म हुआ। असलम मुन्नू, अरशद खां इसलाम खां आदि ने जलसे को सफल बनाने में सहयोग किया। संचालन शकील मंसूरी ने किया। शेर वाली मस्जिद के पेश इमामाम कारी जिया ने सभी का शुक्रिया अदा किया।