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जौनपुर में ऋषि कपूर ने निभाई थी बाल कलाकार की भूमिका, दादा और पिता के साथ 15 दिन रहे थे जिले में
Thu, 30 Apr 2020 10:15 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2020 10:15 PM IST
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rishi kapoor
- फोटो : social media
सिनेमा जगत के बॉबी यानी ऋषि कपूर की यादें जौनपुर से भी जुड़ी हुई हैं। अपने दादा पृथ्वीराज कपूर के साथ पांच वर्ष की उम्र में वह जौनपुर आए थे। इस दौरान वह परिवार के साथ यहां 15 दिनों तक रहे। शहर के उत्तम टॉकीज में हुए आठ नाटकों के मंचन में भी बाल कलाकार के रूप में अभिनय किया।
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उर्दू बाजार स्थित उत्तम थिएटर के संचालक स्व. गुलजारी लाल वर्मा के पुत्र डॉ मदन मोहन वर्मा ने ऋषि कपूर से जुड़ी यादें साझा करते हुए बताया कि उनके दादा पेशावरी लाल वर्मा व अभिनेता पृथ्वीराज कपूर दोनों आजादी से पहले लाहौर में थिएटर के कलाकार के रूप में शुरुआत की।
बंटवारे से पहले दोनों ही परिवार लाहौर में रहते थे और दोनों में ही अच्छी दोस्ती थी। भारत-पाकिस्तान के अलगाव से पहले उनके दादा पेशावरी लाल दिल्ली होते हुए जौनपुर में आकर बस गए। यहां 1946 में उनके पिता गुलजारी लाल वर्मा पुत्र पेशावरी लाल ने उत्तम टाकीज चलाना शुरू किया।
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पृथ्वीराज थिएटर से जुड़े थे तो पिता के आग्रह पर पृथ्वी राज कपूर परिवार के साथ सितंबर वर्ष 1957 में जौनपुर आए। 15 दिनों तक यहां प्रवास किया। वह घर में ही रुके थे। उनके साथ पृथ्वीराज कपूर, उनके पुत्रों में राज कपूर, शम्मी कपूर, शशि कपूर व राजकपूर के पुत्र ऋषि कपूर व उनकी मां कृष्णा कपूर समेत 30-40 लोगों की पूरी टीम थी।
उन्होंने यहां आठ नाटकों का मंचन किया, जिसमें चार हिंदी और चार अंग्रेजी के थे। एक नाटक में ऋषि कपूर बाल कलाकार की भूमिका में थे। इस दौरान उनका राज कालेज व टीडी कालेज के मैदान में सम्मान समारोह भी हुआ था। उनकी मां व परिवार के अन्य सदस्य एक साथ आंगन में इतनी बड़ी टीम के लिए रोजाना सुबह-शाम भोजन व नाश्ते की तैयारी किया करती थी।
टीडी कॉलेज के प्रबंधक अशोक सिंह ने बताया कि पृथ्वीराज कपूर पूरे परिवार के साथ यहां आए और कई दिनों तक रुके भी थे। उन दिनों ही ‘मुगले आजम’ रिलीज हुई थी, इसलिए लोगों में उनको देखने का आकर्षण था। परिवार के अन्य सदस्य भी साथ थे। उनमें ऋषि कपूर भी रहे।
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