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Jaunpur News: रघुवीर महाविद्यालय को यूजीसी से मिला ऑटोनाॅमस महाविद्यालय का दर्जा
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रघुवीर महाविद्यालय।
- फोटो : संवाद
मछलीशहर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने रघुवीर महाविद्यालय थलोई भिखारीपुर कला को ऑटाेनाॅमस महाविद्यालय का दर्जा प्रदान किया है। अब महाविद्यालय खुद के पाठ्यक्रम तैयार कर पढ़ाई कराएगा। परीक्षा कराने के साथ ही रिजल्ट भी तैयार कराएगा।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर जनपद के 573 विद्यालयों में रघुवीर महाविद्यालय एक मात्र ऐसा कॉलेज है जिसे यह उपलब्धि मिली है। प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी। तब से लगातार विभिन्न उपलब्धियां कॉलेज हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऑटाेनाॅमस का दर्जा मिलने पर सत्र की पढ़ाई समय पर पूरा करने, परीक्षा आयोजित करने, कॉलेज में समाज में उपयोगी विषय को बढ़ावा देने, छात्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए स्वतंत्रता मिलेगी। छात्रों की समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वतंत्रता होगी। उन्होंने बताया कि संस्थान में बीए, बी.कॉम, एमए, बीएड की पढ़ाई होती है। आने वाले समय में यहां बीसीए, बीबीए, एमबीए आदि जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जाएगी।
प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में यह महाविद्यालय है, जिसे नैक ने बी प्लस-प्लस ग्रेड दिया है। अब पूर्वांचल विश्वविद्यालय को केवल अधिसूचना जारी करना ही शेष रह गया है। महाविद्यालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार त्रिपाठी ने ऑटाेनाॅमस का दर्जा मिलने पर खुशी जताई।
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर जनपद के 573 विद्यालयों में रघुवीर महाविद्यालय एक मात्र ऐसा कॉलेज है जिसे यह उपलब्धि मिली है। प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी। तब से लगातार विभिन्न उपलब्धियां कॉलेज हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऑटाेनाॅमस का दर्जा मिलने पर सत्र की पढ़ाई समय पर पूरा करने, परीक्षा आयोजित करने, कॉलेज में समाज में उपयोगी विषय को बढ़ावा देने, छात्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए स्वतंत्रता मिलेगी। छात्रों की समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वतंत्रता होगी। उन्होंने बताया कि संस्थान में बीए, बी.कॉम, एमए, बीएड की पढ़ाई होती है। आने वाले समय में यहां बीसीए, बीबीए, एमबीए आदि जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराई जाएगी।
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प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में यह महाविद्यालय है, जिसे नैक ने बी प्लस-प्लस ग्रेड दिया है। अब पूर्वांचल विश्वविद्यालय को केवल अधिसूचना जारी करना ही शेष रह गया है। महाविद्यालय के निदेशक डॉ. विनय कुमार त्रिपाठी ने ऑटाेनाॅमस का दर्जा मिलने पर खुशी जताई।
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