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Jaunpur News: पीएम उषा में चुना गया पूर्वांचल विश्वविद्यालय, मिला 20 करोड़ का ग्रांट
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान(पीएम-उषा) योजना के तहत 20 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। देश के राज्य विश्वविद्यालयों से प्रतिस्पर्धा स्तर पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय को यह अनुदान पीएम-उषा योजना के ग्रांटस टू स्ट्रेनथेन यूनिवर्सिटी के तहत मिला है। इस श्रेणी में देश के मात्र 52 विश्वविद्यालयों को अनुदान मिले हैं। इसमें पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने अपनी जगह बनाई है।
पीएम-उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय को 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इसका उपयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनईपी) के अनुरूप विश्वविद्यालय को अंतर विषयक शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए किया जाएगा। अनुदान से भारत सरकार द्वारा फोकस विश्वस्तर के अंतर विषयक क्षेत्रों जैसे सोलर, हाइड्रोजन एनर्जी और वाटर रिसर्च के विभिन्न पहलुओं पर कार्य किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय में एक इंटर डिसिप्लिनरी सेंटर फॉर वाटर एंड एनर्जी रिसर्च की स्थापना की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के स्नातक, परास्नातक प्रयोगशालाओं को अधिक बेहतर बनाया जाएगा। इससे छात्रों का समुचित विकास होने के साथ रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के समिति में डॉ.गिरिधर मिश्र, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ.धर्मेंद्र सिंह आदि हैं।
पीएम-उषा के समन्वयक प्रोफेसर मानस पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य अनुसंधान व नवाचार के लिए विश्वस्तरीय माहौल बनाना है। इससे विश्वविद्यालय व उसके संबद्ध कॉलेज दोनों को लाभ हो सकेगा। विश्वविद्यालय द्वारा अनुदान का उपयोग ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) ऑनलाइन, डिजिटल शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए भी किया जाएगा।
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विश्वविद्यालय को अनुदान मिलना शिक्षा में उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे शोध को और गति मिलेगी। विश्वविद्यालय का प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान से जुड़ना गौरव की बात है। -प्रोफेसर वंदना सिंह, कुलपति, पूर्वांचल विश्वविद्यालय।
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पीएम-उषा योजना के तहत विश्वविद्यालय को 20 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। इसका उपयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनईपी) के अनुरूप विश्वविद्यालय को अंतर विषयक शिक्षा व अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए किया जाएगा। अनुदान से भारत सरकार द्वारा फोकस विश्वस्तर के अंतर विषयक क्षेत्रों जैसे सोलर, हाइड्रोजन एनर्जी और वाटर रिसर्च के विभिन्न पहलुओं पर कार्य किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय में एक इंटर डिसिप्लिनरी सेंटर फॉर वाटर एंड एनर्जी रिसर्च की स्थापना की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के स्नातक, परास्नातक प्रयोगशालाओं को अधिक बेहतर बनाया जाएगा। इससे छात्रों का समुचित विकास होने के साथ रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के समिति में डॉ.गिरिधर मिश्र, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ.धर्मेंद्र सिंह आदि हैं।
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पीएम-उषा के समन्वयक प्रोफेसर मानस पांडेय ने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य अनुसंधान व नवाचार के लिए विश्वस्तरीय माहौल बनाना है। इससे विश्वविद्यालय व उसके संबद्ध कॉलेज दोनों को लाभ हो सकेगा। विश्वविद्यालय द्वारा अनुदान का उपयोग ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) ऑनलाइन, डिजिटल शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए भी किया जाएगा।
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विश्वविद्यालय को अनुदान मिलना शिक्षा में उत्कृष्टता और नवाचार के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे शोध को और गति मिलेगी। विश्वविद्यालय का प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान से जुड़ना गौरव की बात है। -प्रोफेसर वंदना सिंह, कुलपति, पूर्वांचल विश्वविद्यालय।