पूर्वांचल विवि दीक्षांत समारोह: शाकंभरी नंदन को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया सम्मानित
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (जौनपुर) का 25वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया। एमए जनसंचार में सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्र शाकंभरी नंदन सोंथालिया को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक मिला।
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यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 25वें दीक्षांत समारोह में अमर उजाला के नवोन्मेषक अतुल माहेश्वरी की स्मृति में स्वर्ण पदक एमए जनसंचार में सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्र शाकंभरी नंदन सोंथालिया को दिया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें पदक प्रदान किया।
एमए जनसंचार में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थियों को वर्ष 2019 से अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक दिया जा रहा है। पहले वर्ष आशुतोष त्रिपाठी को पदक दिया गया था, जबकि वर्ष 2020 में सौम्या तिवारी को पदक मिला। इस बार शाकंभरी नंदन सोंथालिया को यह सम्मान प्राप्त हुआ।
शाकंभरी बोले- हम अमर उजाला परिवार के आभारी
राज्यपाल के हाथों स्वर्ण पदक लेते हुए शांकभरी नंदन ने राज्यपाल को बताया कि उनके माता-पिता भी समारोह स्थल पर मौजूद हैं। इस पर राज्यपाल और कुलपति ने उनके अभिभावकों का हाथ उठाकर अभिनंदन किया। सोंथालिया ने कहा कि वे अमर उजाला परिवार के आभारी हैं। अपनी उपलब्धि का श्रेय माता मेनुका सोंथलिया, पिता विजयंत सोंथलिया और चाचा संजय सेठ को देते हुए उन्होंने कहा कि यह उनकी प्रेरणा से ही हो पाया।
आज उनकी दादी की पुण्यतिथि है, जिनके स्नेह ने उन्हें इस काबिल बनाया है। सोंथालिया शहरी एवं आवास कार्य मंत्रालय के अंतर्गत वाराणसी स्मार्ट सिटी में जनसंपर्क अधिकारी के पद पर तैनात हैं। जनसंपर्क एवं जनसूचना सेवा में है कार्य करना उनकी प्राथमिकता है।
छात्रों को दिए गए स्वर्ण पदक और उपाधि
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 25वें दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मेधावियों को 65 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। वहीं मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. जेएस राजपूत, रसायन विज्ञान के प्रो. दीपक पठानिया को डीएससी की उपाधि दी गई।
राज्यपाल ने 51 बच्चों को दिए उपहार
प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले 51 बच्चों को स्कूल बैग, फल, महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें आदि प्रदान किया। इस बच्चों को एनएसएस के समन्वयक डा. राकेश यादव स्कूल के प्राध्यापकों के साथ लेकर आए थे।
: राज्यपाल बोलीं- समय और सोच में आया परिवर्तन, आगे बढ़ रहीं बेटियां
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कभी लोग बेटियों को पढ़ाना नहीं चाहते थे, लेकिन आज सोच और समय में परिवर्तन आया और बेटियां आगे बढ़ रहीं हैं। यहां बेटियां बेटों से आगे हैं और 75 फीसदी पदक उन्होंने प्राप्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत बच्चों का कॉलेज में दाखिला कराया जाना है। इस मामले में सरकार के साथ-साथ समाज को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। प्राथमिक विद्यालय और विश्वविद्यालय में संपर्क रहना चाहिए। विद्यार्थियों से कहा कि ऐसे काम करें कि आपको आने वाली पीढ़ियां याद करे। छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान करेंगे तो देश का भी विकास होगा।