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Jaunpur News: पूविवि की लाइब्रेरी का होगा ऑटोमेशन ऑनलाइन पढ़ सकेंगे छात्र
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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय का ऑटोमेशन (स्वचालन) किया जा रहा है। ऑटोमेशन के बाद लाइब्रेरी डिजिटल हो जाएगी। छात्रों को पढ़ाई करने में राहत मिलेगी। करीब दो लाख किताबों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई पहल से विश्वविद्यालय के छात्र छुट्टियों के दौरान भी घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में एक लाख 96 हजार, 119 किताबें मौजूद हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के लिए बुक बैंक का भी संचालन कर रहा है। पुस्तकालय में सभी विभागों के छात्रों के लिए पर्याप्त किताबें उपलब्ध हैं। इनको ऑनलाइन करने की तैयारी हो रही है।
डिजिटल किताबों का छात्रों को मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे छात्र अब कॉलेज की छुट्टियों में भी घर बैठे ई-बुक्स, ई-जर्नल्स और रिसर्च पेपर्स (शोधपत्र) डिजिटल संसाधनों को ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) परिसर में चल रहे नए कोर्सेज के अनुरूप नई पुस्तकों उपलब्ध कराने की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन डिजिटल लाइब्रेरी और संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करने के लिए छात्रों को विशेष जानकारी और ट्रेनिंग भी प्रदान करेगा। साप्ताहिक अवकाश, त्योहारों या लंबे अवकाश में लाइब्रेरी बंद रहने के दौरान भी विद्यार्थी घर से उपलब्ध डिजिटल सामग्री का उपयोग कर सकेंगे।
पूविवि परिसर में पढ़ाई कर रहे 3000 छात्र-छात्राएं
विश्वविद्यालय परिसर में करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं 30 से ज्यादा विभागों में पढ़ाई कर रहे हैं। इन छात्रों को पढ़ाई के लिए किताबों के साथ ई-बुक्स की सुविधा देने की तैयारी चल रही है। पुस्तकालय में संचालित बुक बैंक के जरिये छात्रों को सेमेस्टर वार किताबें पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए छात्रों को केवल सौ रुपये देना होता है। इसके अलावा एक सप्ताह के लिए दो किताबें छात्रों को पढ़ने के लिए दी जाती है। इस व्यवस्था को और सुधारने की पहल चल रही है।
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विश्वविद्यालय का स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय समृद्ध है। कुलपति के निर्देश पर इसे और उपयोगी बनाने के लिए पहल चल रही है। लाइब्रेरी का ऑटोमेशन करने के लिए खाका तैयार हो रहा है। छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
- डॉ. राजकुमार सोनी, मानद पुस्तकालयाध्यक्ष, पूविवि जौनपुर।
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डिजिटल किताबों का छात्रों को मिलेगा लाभ
विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे छात्र अब कॉलेज की छुट्टियों में भी घर बैठे ई-बुक्स, ई-जर्नल्स और रिसर्च पेपर्स (शोधपत्र) डिजिटल संसाधनों को ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) परिसर में चल रहे नए कोर्सेज के अनुरूप नई पुस्तकों उपलब्ध कराने की तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन डिजिटल लाइब्रेरी और संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करने के लिए छात्रों को विशेष जानकारी और ट्रेनिंग भी प्रदान करेगा। साप्ताहिक अवकाश, त्योहारों या लंबे अवकाश में लाइब्रेरी बंद रहने के दौरान भी विद्यार्थी घर से उपलब्ध डिजिटल सामग्री का उपयोग कर सकेंगे।
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पूविवि परिसर में पढ़ाई कर रहे 3000 छात्र-छात्राएं
विश्वविद्यालय परिसर में करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं 30 से ज्यादा विभागों में पढ़ाई कर रहे हैं। इन छात्रों को पढ़ाई के लिए किताबों के साथ ई-बुक्स की सुविधा देने की तैयारी चल रही है। पुस्तकालय में संचालित बुक बैंक के जरिये छात्रों को सेमेस्टर वार किताबें पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए छात्रों को केवल सौ रुपये देना होता है। इसके अलावा एक सप्ताह के लिए दो किताबें छात्रों को पढ़ने के लिए दी जाती है। इस व्यवस्था को और सुधारने की पहल चल रही है।
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विश्वविद्यालय का स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय समृद्ध है। कुलपति के निर्देश पर इसे और उपयोगी बनाने के लिए पहल चल रही है। लाइब्रेरी का ऑटोमेशन करने के लिए खाका तैयार हो रहा है। छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
- डॉ. राजकुमार सोनी, मानद पुस्तकालयाध्यक्ष, पूविवि जौनपुर।