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Jaunpur News: गूजरताल में आईलैंड और बोटिंग का प्रस्ताव पास, एक साल बाद भी काम शुरू नहीं
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खेतासराय के खुदौली में गूजरताल। संवाद
जौनपुर। खेतासराय गूजरताल में आईलैंड और बोटिंग के 50 लाख के प्रस्ताव को पास होने के एक साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। ऐतिहासिक ताल के कायाकल्प करने के लिए वन विभाग की तरफ से एक साल से अधिक पहले 50 लाख का प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया था। आठ महीने पहले इस प्रस्ताव को पास कर 50 लाख रुपये की स्वीकृति मिल गई है। इसके तहत यहां पक्षियों के लिए आईलैंड और पर्यटकों के लिए बोटिंग की व्यवस्था की जानी थी। विभाग का दावा है कि शासन से आठ माह पहले ही बजट स्वीकृत हो गया है, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका। इससे यहां घूमने आने वाले पर्यटकों के हाथ निराशा लग रही है।
वन विभाग की ओर से वेटलैंड का पारिस्थितिकीय एवं अवस्थापना विकास योजना के तहत यहां विकास कार्य करना है। इसमें छह हेक्टेअर क्षेत्र की सफाई, सर्वे, सीमांकन एवं सर्वेक्षण किया जाना है। यहां पर मौजूद झील से सिल्ट की खोदाई साढ़े सात लाख की लागत से, आईलैंड का निर्माण पांच लाख, निकाली गई मिट्टी से बंधा, नेचर ट्रेल का निर्माण दो किमी तक ढाई लाख रुपये में होना हैं। वन विभाग का दावा है कि बजट स्वीकृत हो गया है। लेकिन अभी तक काम चालू नहीं हो सका। इसके पीछे कारण क्या है वह भी स्पष्ट नहीं हो सका।
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सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादन केंद्र हो चुका है बंद
खेतासराय से तीन किमी दूर खुदौली गांव स्थित गूजर ताल में 989 बीघा का जल क्षेत्र मत्स्य पालन के लिए और 10 बीघा में मत्स्य हैचरी है। वर्ष 2005 में मत्स्य हैचरी को घाटे में दिखा कर प्रदेश सरकार ने यहां मत्स्य उत्पादन बंद कर दिया। गूजर ताल को वर्ष 1957 में मत्स्य प्रक्षेत्र घोषित किया गया था। लंबा जल क्षेत्र व आबादी से दूर होने के कारण इस ताल में पूर्व के वर्षों में ठंड के मौसम में साइबेरियन पक्षी आते थे। लेकिन शिकार के कई मामलों के आने के चलते मेहमान परिंदे कम आते हैं।
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वर्जन ...
गूजरताल के सुंदरीकरण के लिए 50 लाख रुपये के काम की स्वीकृत मिल गई है लेकिन अभी काम नहीं शुरू कराया गया है। टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
- प्रोमिला, डीएफओ।
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वन विभाग की ओर से वेटलैंड का पारिस्थितिकीय एवं अवस्थापना विकास योजना के तहत यहां विकास कार्य करना है। इसमें छह हेक्टेअर क्षेत्र की सफाई, सर्वे, सीमांकन एवं सर्वेक्षण किया जाना है। यहां पर मौजूद झील से सिल्ट की खोदाई साढ़े सात लाख की लागत से, आईलैंड का निर्माण पांच लाख, निकाली गई मिट्टी से बंधा, नेचर ट्रेल का निर्माण दो किमी तक ढाई लाख रुपये में होना हैं। वन विभाग का दावा है कि बजट स्वीकृत हो गया है। लेकिन अभी तक काम चालू नहीं हो सका। इसके पीछे कारण क्या है वह भी स्पष्ट नहीं हो सका।
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सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादन केंद्र हो चुका है बंद
खेतासराय से तीन किमी दूर खुदौली गांव स्थित गूजर ताल में 989 बीघा का जल क्षेत्र मत्स्य पालन के लिए और 10 बीघा में मत्स्य हैचरी है। वर्ष 2005 में मत्स्य हैचरी को घाटे में दिखा कर प्रदेश सरकार ने यहां मत्स्य उत्पादन बंद कर दिया। गूजर ताल को वर्ष 1957 में मत्स्य प्रक्षेत्र घोषित किया गया था। लंबा जल क्षेत्र व आबादी से दूर होने के कारण इस ताल में पूर्व के वर्षों में ठंड के मौसम में साइबेरियन पक्षी आते थे। लेकिन शिकार के कई मामलों के आने के चलते मेहमान परिंदे कम आते हैं।
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वर्जन ...
गूजरताल के सुंदरीकरण के लिए 50 लाख रुपये के काम की स्वीकृत मिल गई है लेकिन अभी काम नहीं शुरू कराया गया है। टेंडर प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
- प्रोमिला, डीएफओ।